ASI और आरक्षक पर वसूली का गंभीर आरोप, वीडियो जारी कर युवकों ने SSP रजनेश सिंह से की दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग!
ASI and constable face serious extortion charges; youths release video demanding SSP Rajneesh Singh to suspend the guilty policemen.
बिलासपुर : एक तरफ जहां होली पर्व को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. अपराधियों पर सख्ती का असर भी दिख रहा है. इसी बीच कोटा थाना क्षेत्र से लगातार आ रहे वसूलीकांड के चलते खाकी बार बार शर्मनाक हो रही है. लगातार कोटा थाने में वर्दी का डर दिखाकर आए एक कथित भयादोहन प्रकरण ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
नाबालिग से गांजा मामले में वसूली ,क्राइम ब्रांच के नाम पर भयादोहन या फिर थाने के अंदर नेताओं का थाने के अंदर हुड़दंग के जैसे चर्चित मामले शांत ही नहीं हुए थे कि एक बार फिर होली के मौके पर कोटा थाना चर्चा में है.
कोटा थाने में पदस्थ सहायक सब इंस्पेक्टर शिव साहू और आरक्षक शैलेन्द्र दिनकर पर वर्दी का रौब दिखाकर निर्दोष युवकों से मारपीट कर पैसा वसूली के गंभीर आरोप लगे है. कोटा क्षेत्र के वार्ड नबर 4 में रहने वाले आशीष सिंह राजपूत ने अपने साथियों के साथ एक वीडियो वायरल किया है.
प्रार्थी के कथानुसार जब वह अपने दोस्तों के साथ बैठे हुए थे तभी कोटा थाने के पुलिसकर्मी पहुंचे और होली नहीं मनाने को लेकर विवाद करते हुए मारपीट की आरोप है कि इस दौरान ASI और आरक्षक ने जेल भेजने का डर दिखाकर पैसों की भी डिमांड की. घटना आज दोपहर सवा 4 बजे की बताई जा रही है. युवकों ने इस मामले में वीडियो जारी कर एसएसपी रजनेश सिंह से तत्काल दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग की है. युवकों के मुताबिक करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी अहम सुराग बन सकते है.
गौरतलब है कि कोटा थाना अपने कारनामों से विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है. फरवरी से थाने के अंदर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नामचीन लोगों का गाली-गलौच मामला, नाबालिग से गांजा वसूली मामला या फिर क्राइम ब्रांच का डर दिखाकर वसूली मामला!! सभी मामलों में कोटा थाना विवादित रहा है और एसएसपी साहब ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए भी सख्त संदेश देते हुए कोटा थाना प्रभारी को शो काज नोटिस भी जारी किया था. वावजूद उसके बाद भी कोटा थाना वसूली से बाज नहीं आ रहा है. कुछ मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक क्राइम ब्राच के नाम पर झूठे केस में फंसाने के नाम पर 54 हजार रुपयों की वसूली में पुलिस गाड़ी के चालकों की भूमिका थी.
शिकायत के आधार पर कोटा थाना में बीएनएस की धाराओं 308(7), 319(2), 296, 170 और 3(5) के तहत जुर्म दर्ज किया गया है. देव बघेल, विनय साहू और योगेश पाण्डेय उर्फ भूरु को आरोपी बनाया गया है. मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक एक आरोपी देव आरोप थाना प्रभारी का ड्राइवर है इतना ही नहीं दावा किया जा रहा क्राइम ब्रांच के नाम पर वसूली करने वाले आरोपी चालक एडिशनल एसपी, एसडीओपी, CSP सहित बड़े अधिकारियों की गाड़ियों के चालक रह चुके हैं. और पुलिस द्वारा वसूली के नियम कायदों से पूरी तरह से वाकिफ थे.
जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता न करने की सख्त हिदायत के बाद भी कोटा थाना लगातार विवादित होता जा रहा है. कोटा थाना प्रभारी का रतनपुर, सीपत क्षेत्र में भी पोस्टिंग के दौरान अपने कारनामों से चर्चित रहे हैं. पुलिस के उच्च अधिकारियों से लेकर पुख्ता प्रमाण के साथ शिकायतें भी हुई. कप्तान साहब ने संज्ञान लेते हुए भी नोटिस के जरिय स्पष्टीकरण भी मांगा अब स्पष्टीकरण में थाना प्रभारी ने ऐसा क्या जवाब दिया कि सब ok हो गया और पूरे मामले में दो पुलिसकर्मियों की लाइन अटैच कर दिया गया. जबकि ठीक इसके उलट रतनपुर थाने में एक बदमाश के थाने के अंदर उत्पात करने के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी रजनीश सिंह सहित करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की विभागीय चर्चा दबे जुबान चल रही है.
विभागीय सूत्रों के अनुसार सभी मामलों में थाना प्रभारी के संज्ञान के बाद ही मामले की सेटिंग का खेल शुरु होता है और मामला उजागर होने के बाद छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर कार्यवाही की जाती जबकि असल दोषी जिम्मेदारों को अभयदान मिल जाता है?
होली के मद्देनजर बिलासपुर जिले के एसएसपी रजनेश सिंह की बदमाशों के खिलाफ बनाई गई सख्त रणनीति और बीट प्रणाली की बेहतरीन पुलिस कार्यकारणी के कारण होली पर पुलिस की सख्ती के कारण बदमाशों में खौफ की जमकर सराहना की जा रही है. पुलिस कप्तान भी खुद मामले में पैनी नजर रखते हुए खुद मैदान में उतर कर टीम वर्क के जरिए छोटी छोटी कार्यवाही पर जवानों को प्रोत्साहित करने का काम कर पुलिस तंत्र को मजबूत कर होली और रमजान पर्व पर शांति और सोहार्द पूर्ण करने की कोशिश में जी जान से अपनी टीम के साथ जुटे हुए है. वही दूसरी तरफ चंद पुलिसकर्मी अपने कारनामों से खाकी को कलंकित कर पुलिस विभाग को बदनाम कर रहे हैं. अब देखना होगा कि पुलिस के उच्च अधिकारी इस होली के दिन आए इस कांड के बाद कब तक संज्ञान लेते हैं और लगातार विवादों में रहने वाले कोटा थाना प्रभारी पर क्या एक्शन लेते है?
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