गणेशोत्सव में 10 बजे के बाद नहीं बजेगा DJ!, पंडालों में CCTV जरुरी, यातायात बाधित होने पर होगी सख्ती, डीजे पर 5 लाख जुर्माना और 5 साल की सजा!

DJ will not be played after 10 pm during Ganeshotsav! CCTV is necessary in pandals, strict action will be taken if traffic is obstructed, 5 lakh fine and 5 years imprisonment on DJ!

गणेशोत्सव में 10 बजे के बाद नहीं बजेगा DJ!, पंडालों में CCTV जरुरी, यातायात बाधित होने पर होगी सख्ती, डीजे पर 5 लाख जुर्माना और 5 साल की सजा!

रायपुर : राजधानी रायपुर में सड़कों पर गणेश पंडाल लगाने और यातायात बाधित होने पर जिला प्रशासन सख्ती करेगा. साथ ही पंडाल सड़क पर लगाने के पहले अनुमति भी लेनी होगी. वहीं रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्र को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है. हर पंडाल में सीसीटीवी कैमरा लगाना जरुरी होगा.
मिली जानकारी के मुताबिक आगामी गणेशोत्सव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा रेडक्रॉस सभाकक्ष में गणेश पंडाल समितियों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में एडीएम उमाशंकर बन्दे एवं एएसपी लखन पटले सहित नगर निगम के जोन आयुक्त मौजूद रहे.
बैठक में बताया गया कि पंडाल निर्माण एवं मूर्ति स्थापना के दौरान एनजीटी भोपाल और छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों का पालन जरुरी है. आयोजन समितियां स्वयंसेवक तैनात करेंगे और रात्रिकालीन विशेष निगरानी सुनिश्चित करेंगे.
उल्लेखनीय है कि ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग धीमी ध्वनि में ही किया जाए. उल्लंघन पर कोलाहल अधिनियम एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही होगी. झांकी विसर्जन रुट : शारदा चौक – जयस्तंभ – मालवीय रोड – कोतवाली चौक – सदरबाजार – सत्तीबाजार – कंकालीपारा – पुरानी बस्ती थाना – लीलीचौक – लाखेनगर – रायपुरा – महादेवघाट। गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन नगर निगम द्वारा निर्धारित महादेवघाट के विसर्जन कुंड में ही किया जाएगा.
झांकियों में अग्निशमन यंत्र, फायर फाइटर एवं प्रशिक्षित स्वयंसेवक अनिवार्य रूप से रहें.| झांकी/विसर्जन के दौरान अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा. शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक तक झांकी निकालना प्रतिबंधित है. विसर्जन उपरांत पूजा सामग्री, फूल, प्लास्टिक आदि को नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थल पर ही संग्रहित किया जाए. झांकियों की ऊँचाई विद्युत तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखे. जनरेटर एवं वायरिंग सुरक्षित स्थिति में हो. समितियां अपने सभी सदस्यों एवं स्वयंसेवकों की सूची, पता व मोबाइल नंबर संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएं. विसर्जन के समय छोटे बच्चों एवं वृद्धजनों को साथ लाने से बचें. इस मौके पर एसडीम नंदकुमार चौबे, निगम उपायुक्त यू एस अग्रवाल, एएसपी ट्रैफिक डॉ प्रशांत शुक्ला सहित अन्य अधिकारी व समिति के सदस्य मौजूद रहे.
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बिलासपुर : त्योहारों और आयोजनों में कानफोड़ू डीजे और साउंड बॉक्स पर अब लगाम कसने वाली है. बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य शासन को 3 हफ्ते के भीतर कोलाहल नियंत्रण अधिनियम लागू करने का अल्टीमेटम दे दिया है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने साफ कहा अब और देरी बर्दाश्त नहीं. लोगों की सेहत से खिलवाड़ बंद होना चाहिए. अगली सुनवाई की तारीख 9 सितंबर तय की गई है.
अब सख्त होगा कानून
अभी तक शोरगुल करने पर सिर्फ ₹500 से ₹1,000 का मामूली जुर्माना लगता था.
नए नियम बनने के बाद डीजे संचालकों पर ₹5 लाख तक का जुर्माना ठोका जा सकेगा.
बार-बार नियम तोड़ने वालों के उपकरण व वाहन जब्त होंगे:
5 साल तक की जेल और ₹1 लाख जुर्माना का प्रावधान भी रहेगा.
कोर्ट ने कहा कि तेज़ डीजे की गूंज दिल के मरीजों के लिए जानलेवा है. जबकि लेज़र और बीम लाइट से आम लोगों की आंखों को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है.
हाईकोर्ट ने सरकार को इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए.
डीजे संचालकों की दलील…
सुनवाई के दौरान डीजे संचालकों ने भी हस्तक्षेप याचिका लगाते हुए कहा कि पुलिस कई बार हमारे खिलाफ मनमानी कार्रवाई करती है. जब तक गाइडलाइन साफ न हो तब तक एकतरफा कार्रवाई न की जाए. लेकिन कोर्ट ने दो टूक कहा… सरकार पहले ही एक्ट लागू करने का वादा कर चुकी है. अब बहाने नहीं चलेंगे.
अब साफ है कि आने वाले त्योहारों में तेज़ डीजे और कानफोड़ू साउंड पर पूरी तरह नकेल कस जाएगी. नियम तोड़े तो सीधे भारी जुर्माना और सजा का सामना करना पड़ेगा.
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