मतदाता सूची के सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम में लापरवाही बरतने पर पिथौरा के 8 वालंटियर्स को कारण बताओ नोटिस, इधर तीन बीएलओ सस्पेंड
Eight volunteers from Pithora have been issued show-cause notices for negligence in the intensive revision of the voter list, while three BLOs have been suspended.
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम चल रहा है. इस काम में लापरवाही बरतने पर तीन बीएलओ को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है
इनमें अहिल्या पैकरा प्रधान पाठक शासकीय प्राथमिक शाला तरईगांव, ज्योति साहू सहायक शिक्षक मिश्री देवी शासकीय कन्या उच्चतर मध्यमिक विद्यालय गौरेला और कुसुम लता नागेश शिक्षक शासकीय पूर्व मध्यमिक शाला माझीटोला शामिल है. निलंबन अवधि में तीनों का मुख्यलय कार्यलय जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला नियत किया गया है. निलंबन काल में तीनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दे होगा.
अलग अलग जारी आदेश में कहा गया कि अहिल्या पैकरा प्रधान पाठक प्राथ. शाला तरईगांव जो कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 - कोटा तरईगांव के भाग संख्या 54, का कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के धारा 13 ख (2) के विपरीत गंभीर कदाचार है. इसलिए अहिल्या पैकरा प्रधान पाठक प्राथ०शाला तरईगांव जो कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 कोटा तरईगांव के भाग संख्या 54 को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए इनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही छ.ग. नियत किया जाता है. निलंबन काल में अहिल्या पैकरा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
ज्योति साहू सहा. शि. मिश्री देवी शास.क. उ.मा.वि. गौरेला जो कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 कोटा गौरेला के भाग संख्या 23, का कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के धारा 13 ख (2) के विपरीत गंभीर कदाचार है. इसलिए ज्योति साहू सहा.शि. मिश्री देवी शास.क.उ.मा.वि. गौरेला जो कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25 कोटा गौरेला के भाग संख्या 23, को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए इनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला-पेण्ड्रा मरवाही छ.ग. नियत किया जाता है. निलंबन काल में ज्योति साहू को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
कुसुमलता नागेश, शिक्षक, शा. पूर्व मा.शाला मांझीटोला, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25-कोटा, बी.एल.ओ., भाग संख्या 11, का कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के धारा 13 ख (2) के विपरीत गंभीर कदाचार है. अतएव कुसुमलता नागेश, शिक्षक, शा. पूर्व मा.शाला मांझीटोला, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 25- कोटा, बी.एल.ओ. भाग संख्या 11 को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत् तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए इनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही छ.ग. नियत किया जाता है. निलंबन काल में कुसुमलता नागेश को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा.
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8 वालंटियर्स को कारण बताओ नोटिस जारी
महासमुंद/पिथौरा : मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (एस आई आर) में लापरवाही बरतने के कारण जिला निर्वाचन अधिकारी विनय लंगेह द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हेतु संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है.
इस बारे में विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतिवेदन के आधार पर पिथौरा के तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा ऐसे 8 वालिंटियर मनोहर साहू प्रधान पाठक, विनोद कुमार मालिक, फूलसिंह बरिहा, निर्मल कुमार पटेल, किशोर पटेल, कुलेश्वर पंडा एवं राजकुमार तिर्की जो वालिंटियर नियुक्त किए गए थे. इन कर्मचारियों पर सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन के आधार पर कार्यवाही करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और अपना स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं.
तहसीलदार पिथौरा द्वारा उक्त कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 (SIR) की घोषणा की गई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत तहसील पिथौरा के अंतर्गत विधानसभा 40 बसना और विधानसभा 41 खल्लारी के सभी मतदान केंद्रों के एन्युमरेशन फार्म वितरण, एकत्रीकरण एवं बी एल ओ एप के जरिए डिजिटलीकरण के लिए आपकी नियुक्त वालेंटियर् के रुप में की गई है. जिसमे आपकी निर्वाचन (SIR) जैसे अहम काम मे आपकी गैरहाजिरी पाई गई.
आपके द्वारा किया गया कृत्य छग सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के विपरीत है. इस बारे में आप अपना स्पष्टीकरण तत्काल पेश करना सुनिश्चित करें. जवाब न मिलने या संतोषप्रद न होने पर एक पक्षीय कार्यवाही किए जाने के लिए प्रतिवेदन उच्चाधिकारी को प्रेषित किया जाएगा. जिसके लिए आप खुद जिम्मेदार होंगे.
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