मछली व्यापारी हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, कर्मचारी ही निकले हत्यारे, मजदूरी विवाद बना हत्या की वजह, 2 नाबालिग समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

Fish trader murder case solved within 48 hours; employees turned out to be the killers; wage dispute cited as the motive; 5 accused, including 2 minors, arrested.

मछली व्यापारी हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, कर्मचारी ही निकले हत्यारे, मजदूरी विवाद बना हत्या की वजह, 2 नाबालिग समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

धमतरी/नगरी : धमतरी जिले के नगरी थाना क्षेत्र में मछली व्यापारी विप्लवभ मंडल की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले का धमतरी पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया. मृतक के साथ काम करने वाले मजदूरों ने ही मजदूरी बढ़ाने के विवाद और लंबे समय से चली आ रही रंजिश के चलते पूर्व नियोजित साजिश रचकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया. हत्या के बाद आरोपियों ने मृतक के पास रखी नगदी और मोबाइल फोन भी लूट लिए थे. तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. जबकि दो नाबालिग लड़कों की संलिप्तता भी सामने आई है.
मजदूरी बढ़ाने के विवाद से बनी हत्या की साजिश
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक विप्लव मंडल फिश फार्म का संचालन करता था. जहां आरोपी मजदूरी करते थे. आरोपियों की मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने और मृतक द्वारा लगातार अपमानजनक व्यवहार और गाली-गलौज किए जाने से वे उससे रंजिश रखने लगे थे.
जांच में पता चला कि आरोपियों ने 25 जून 2026 को ही हत्या की प्लान बनाई थी. लेकिन मौका सहीं नहीं मिलने की वजह से उसे अंजाम नहीं दे सके. इसके बाद उन्होंने 27 जून 2026 को दोबारा प्लान बनाकर वारदात को अंजाम दिया.
सुनसान जंगल में घात लगाकर किया हमला
प्लान के तहत आरोपियों ने मृतक की गतिविधियों पर नजर रखी. जब उन्हें जानकारी मिली कि विप्लव मंडल नगरी बाजार से मछली बेचकर लौट रहे हैं. तब वे गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल क्षेत्र में घात लगाकर बैठ गए. जैसे ही मृतक वहां पहुंचे. आरोपियों ने लकड़ी के डंडों और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी.
हत्या के बाद आरोपी मृतक के पास रखी मछली बिक्री की नगदी रकम और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए और लूटी गई रकम का आपस में बंटवारा कर लिया.
तकनीकी सबूतों से खुला पूरा मामला
मर्ग जांच, गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्यों एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना नगरी में अपराध क्रमांक 53/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 309(6) एवं 311 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. लगातार तकनीकी विश्लेषण, साइबर जांच और पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हथियार, लूटी गई नगदी, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल सहित कई अहम सबूत बरामद किया.
गिरफ्तार आरोपी
टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम पिता यशवंत नेताम उम्र 19 साल
सुरेंद्र यादव पिता रमन यादव उम्र 26 साल 
जगदीश विश्वकर्मा पिता धनीराम विश्वकर्मा उम्र 50 साल
तीनों आरोपी ग्राम बोईरगांव, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद के निवासी
इसके अलावा मामले में शामिल दो नाबालिग लड़कों की भी पहचान की है. गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है. जबकि दोनों बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया.
सामग्री बरामद
लूट की ₹37,800 नगद रकम
मृतक के 2 मोबाइल फोन
घटना की योजना और संपर्क में इस्तेमाल 4 मोबाइल फोन
कुल 6 मोबाइल फोन
3 लकड़ी के डंडे
2 लोहे के चाकू
2 मोटरसाइकिल
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