स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही, DPT का टीका लगने के 4 घंटे बाद 5 वर्षीय मासूम बच्चे की गई जान, इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में भारी आक्रोश

Gross negligence at the health center: A 5-year-old child died four hours after receiving the DPT vaccine. Family members are deeply angered by the death of their only son.

स्वास्थ्य केंद्र में बड़ी लापरवाही, DPT का टीका लगने के 4 घंटे बाद 5 वर्षीय मासूम बच्चे की गई जान, इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में भारी आक्रोश

महासमुंद : महासमुंद जिले के बागबाहरा ब्लॉक से बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण के बाद एक 5 साल के मासूम बच्चे की संदिग्ध मौत हो गई. इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मासूम के मौत की सही वजह का पता चलेगा. फिलहाल जांच की जा रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक  16 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे बागबाहरा सीएचसी में नैतिक यादव पिता नरेंद्र यादव उम्र 5 साल को उसकी मां टीकाकरण के लिए लेकर गई थी. वहां उसे डीपीटी का टीका लगाया गया. परिजनों ने बताया कि टीका लगने के लगभग 4 घंटे बाद शाम करीब 4 बजे हमारे बच्चे नैतिक की तबीयत अचानक बिगड़ गई. परिजन उसे फौरन अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही और टीकाकरण के बाद उचित निगरानी नहीं होने की वजह से बच्चे की जान गई है.
परिजनों ने यह भी दावा किया है कि बच्चे के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे उन्हें टीकाकरण की वैक्सीन के जहरीले असर की आशंका है. इकलौते बेटे की मौत से परिवार का बुरा हाल है. वहीं परिजन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, जांच और इंसाफ की मांग कर रहे हैं. परिजनों का कहना है कि नैतिक बिल्कुल स्वस्थ था. उसको किसी भी तरह की बीमारी या परेशानी नहीं रही है. लेकिन अचानक टीकाकरण के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ी है. साथ ही, बाहर की टीम से पोस्टमार्टम कराने की भी मांग उठाई जा रही है.
नैतिक की संदिग्ध मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया गया है. रिपोर्ट के आने का इंतजार किया जा रहा है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत की असल वजह सामने आ पाएगी. वहीं डॉक्टरों का दावा है कि डीपीटी का टीकाकरण चल रहा है. कई बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है और लगाई जा रही है. लेकिन अभी तक किसी भी तरह की शिकायत या परेशानी की बात सामने नहीं आई है. नैतिक के परिजनों के आरोपों पर बोले कि जांच रिपोर्ट के बाद ही कारणों को लेकर कुछ कहा जा सकता है.
जानकारी के मुताबिक वैक्सीनेशन के बाद होने वाले दर्द से राहत के लिए पैरासिटामोल की आधी टेबलेट भी बच्चे को देने के लिए टीकाकरण केंद्र से दी जाती है. बता दें कि इस टेबलेट पर भी सवाल उठते रहे हैं. कई बार फंगस लगे होने और एक्सपायरी होने की शिकायत भी मिल चुकी है. इसके बाद भी सीजीएमएससी इस कंपनी को बैन करने के जगह दवाइयां ले रही है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बच्चे की मौत को लेकर पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं.
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