वीरेंद्र तोमर के समर्थन में आई करणी सेना: पुलिस पर लगाया अमानवीय व्यवहार का आरोप, रायपुर में 7 दिसंबर को प्रदर्शन का ऐलान

Karni Sena comes out in support of Virendra Tomar; accuses police of inhumane behavior, announces protest in Raipur on December 7

वीरेंद्र तोमर के समर्थन में आई करणी सेना: पुलिस पर लगाया अमानवीय व्यवहार का आरोप, रायपुर में 7 दिसंबर को प्रदर्शन का ऐलान

रायपुर : छत्तीसगढ़ के रायपुर में सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थन में करणी सेना आ गई है. करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने कहा कि पुलिस ने वीरेंद्र तोमर के साथ अमानवीय व्यवहार किया है. इसके लिखाफ सेना जल्द रायपुर में प्रर्दशन करेगी.
रायपुर पुलिस ने 10 नवंबर को कोर्ट में पेश करने से पहले 9 नवंबर को उसका जुलूस निकाला था. करणी सेना को वीरेंद्र सिंह तोमर के साथ पुलिस का यह व्यवहार बहुत बुरा लगा है. करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने इसे अमानवीय करार देते हुए रायपुर में होने वाले प्रदर्शन के लिए समाज के युवाओं से एकजुट होने की अपील की है.
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखावत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लाइव आकर करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर का समर्थन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कुछ पुलिस अधिकारियों ने गलत काम किया है. क्या तोमर कोई आतंकवादी था? जिसका जुलूस निकाला गया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि क्षत्रिय समाज के लाखों लोग बहुत जल्द रायपुर की ओर कूच करेंगे. हम उन पुलिस वालों के घर में भी घुसेंगे, जो तोमर के घर में घुसे थे.
शेखावत ने कहा कि वीरेंद्र तोमर एक व्यापारी था। उसने जरूरत पड़ने पर लोगों को पैसे दिए. उन पैसों को वापस मांगा. वह व्यापारी था. इसी तरह लाखों लोग फाइनेंस का काम करते हैं. लेकिन प्रशासन ने नेताओं के दबाव में आकर उस पर निर्दयता से कार्रवाई की. वीरेंद्र तोमर को तपती धूप में नंगे पैर हथकड़ियों में जकड़कर ले जाया गया। उसकी तबीयत बिगड़ी है. अगर वह सड़क पर गिर जाता है, तो कुछ पुलिसकर्मी उस पर पैर रखकर खड़े करने की कोशिश करते हैं। ऐसे पुलिसवालो डूब मरो.
शेखावत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मैं छत्तीसगढ़ आ रहा हूं. जितने भी क्षत्रिय हैं. चाहे वो लोकल हों या बाहर से आए हों या ओबीसी श्रेणी में आते हों. आप सभी तैयार रहिए. जो भी अधिकारी, नेता या मंत्री इसमें शामिल होंगे. उनके घर में घुसकर जवाब दिया जाएगा. ताकि कोई भी अत्याचार करने से पहले सौ बार सोचे. वीरेंद्र के छोटे भाई के अपराध के लिए केवल उसी पर कार्रवाई करनी थी. लेकिन बड़े भाई ने उसकी पत्नी और मां को भी इसमें शामिल कर लिया. घर में घुसकर झूठे केस बनाए गए। उनसे छेड़छाड़ की गई.
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