जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की मुलाकात, 60 से अधिक गांवों के दर्द की आवाज अब पहुंचेगी विधानसभा तक!
The 'Jal, Jungle, Zameen Sangharsh Samiti' met former Chief Minister Bhupesh Baghel; the voice of the grievances of over 60 villages will now reach the Legislative Assembly!
नगरी : सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के भीतर बसे 60 से ज्यादा गांवों की बदहाली अब विधानसभा में गूंज सकती है. जिला प्रशासन और वन विभाग पर लगातार उपेक्षा के आरोप लगा रही जल, जंगल, जमीन संघर्ष समिति ने शुक्रवार को रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर वनांचल की समस्याओं का विस्तृत ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और कथित वन विभागीय ज्यादती जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया.
समिति के प्रमुख मनोज साक्षी ने आरोप लगाया कि आजादी के 78 साल बाद भी अभयारण्य क्षेत्र के 60 से ज्यादा गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. उनका कहना है कि सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल और यहां तक कि सोलर लाइट लगाने जैसे कार्य भी वन विभाग की अनुमति के अभाव में अटके हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आंगनबाड़ी भवन और अन्य विकास कार्य भी फॉरेस्ट क्लीयरेंस के नाम पर रुके हुए हैं.
जैतपुरी की घटना भी उठी, ग्रामीणों ने लगाए मारपीट के आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने नगरी ब्लॉक के जैतपुरी गांव की घटना का भी जिक्र किया. ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में वन अमले ने गांव में कार्रवाई के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों के साथ मारपीट की. पीड़ितों ने पूर्व मुख्यमंत्री से इंसाफ दिलाने की मांग की और मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया.
बोराई अस्पताल की बदहाली पर भी जताई चिंता
प्रतिनिधिमंडल ने बोराई सिविल अस्पताल की स्थिति को भी गंभीर बताते हुए कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, आवश्यक उपकरणों के बंद होने और दवाइयों के अभाव की वजह से मरीजों को 80 किलोमीटर दूर धमतरी रेफर करना पड़ता है. ग्रामीणों का दावा है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से कई मरीजों की जान तक जा चुकी है.
भूपेश बघेल ने कलेक्टर को किया फोन, विधानसभा में मुद्दा उठाने का भरोसा
ग्रामीणों की बातें सुनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मौके पर ही धमतरी कलेक्टर से फोन पर चर्चा कर तीनों मामलों की जानकारी मांगी. उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि आदिवासी अंचल की समस्याओं, जैतपुरी की घटना और बोराई अस्पताल की स्थिति का मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाकर सरकार से जवाब मांगा जाएगा.
दर्जनों ग्रामीण रहे मौजूद
पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में मनोज साक्षी, सिरधन सोम, नरेश मांझी, सुरेंद्र नेताम, चंद्र कुमार अग्रवाणी, राजेश शामरथ, गुमान शामरथ, गजेंद्र शामरथ, डोमार नेताम सहित नगरी-सिहावा क्षेत्र के कई ग्रामीण शामिल रहे. सभी ने अपनी समस्याएं रखते हुए इंसाफ की उम्मीद जताई.
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