ट्रांसफर के बाद नहीं जॉइन की ड्यूटी, तीन जनपद सीईओ सस्पेंड, इधर डिजिटल फसल सर्वेक्षण में लापरवाही और जमीन रिकॉर्ड में गड़बड़ी, पांच पटवारी निलंबित
Three District CEOs suspended for failing to report for duty after transfer; meanwhile, five *patwaris* suspended for negligence in the digital crop survey and irregularities in land records.
पांच पटवारी निलंबित
महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और डिजिटल फसल सर्वेक्षण का निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने के मामले में पंकज पटवारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गयी है. कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा राजस्व कार्यों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई. निलंबित पटवारियों में बसना, सरायपाली, महासमुंद और बागबाहरा तहसील में पदस्थ कर्मचारी शामिल हैं. इनमें कुछ पर डिजिटल क्रॉप सर्वे में लापरवाही, तो कुछ पर जमीन के राजस्व अभिलेखों में कथित गड़बड़ी के आरोप हैं.
30 सितंबर तक पूरा करना था डिजिटल फसल सर्वेक्षण
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर वर्ष 2026-27 के डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) के तहत शेष खसरों की गिरदावरी के लिए पटवारियों को खसरा नंबर आवंटित किए गए थे. संबंधित पटवारियों को PV ऐप के जरिए खसरों का भौतिक सत्यापन कर 30 सितंबर 2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे.
इसके बावजूद कुछ पटवारियों ने निर्धारित समय-सीमा तक काम शुरु नहीं किया. जबकि कुछ की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई. इससे गिरदावरी कार्य समय पर पूरा करने में बाधा उत्पन्न हुई। मामले में प्रशासन ने संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई.
जमीन के रिकॉर्ड में गड़बड़ी के भी आरोप
निलंबित पटवारियों में उदय प्रकाश राजपूत, पटवारी हल्का नंबर-02, तहसील बसना का नाम शामिल है. उन्हें डिजिटल फसल सर्वेक्षण और गिरदावरी कार्य में निर्धारित प्रगति नहीं होने के मामले में निलंबित किया गया है.
वहीं, सरायपाली तहसील में पदस्थ पटवारी जितेंद्र सिंह बाघ पर ग्राम पड़कीपाली की शासकीय जमीन को पटवारी अभिलेख में कथित तौर पर दूसरे कृषक के नाम दर्ज करने का आरोप है. महासमुंद तहसील के पटवारी हरीश चंद्राकर पर ग्राम बड़गांव में खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति छिपाकर दोबारा नामांतरण करने का आरोप लगाया गया है.
इन मामलों में राजस्व अभिलेखों के संधारण और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन को लेकर सवाल उठे हैं. इसी तरह बागबाहरा तहसील में पदस्थ पटवारी कंचन साहू और लुकेश यादव को डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत निर्देशानुसार खसरों का भौतिक सत्यापन नहीं करने के मामले में निलंबित किया गया है.
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित पटवारियों के विरुद्ध कदाचरण, अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के मामलों में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है. निलंबन अवधि के दौरान सभी संबंधित कर्मचारियों का मुख्यालय निर्धारित तहसील कार्यालय रहेगा. इस अवधि में उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा.
ताजा खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb
तीन जनपद सीईओ सस्पेंड
छत्तीसगढ़ में तबादला आदेश की अनदेखी पर बड़ा एक्शन हुआ है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तीन अधिकारियों को निलंबित किया. बिलासपुर, मुंगेली और बेमेतरा जिले के सीईओ पर गाज गिरी है. अधिकारियों ने तय समय पर नई जगह ज्वाइन नहीं किया था.
प्रशासन में अनुशासन बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. सरकारी आदेशों का पालन करना हर अधिकारी का कर्तव्य है. छत्तीसगढ़ में तीन अधिकारियों ने तबादला आदेश की अनदेखी की। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तीनों को निलंबित कर दिया. बिलासपुर, मुंगेली और बेमेतरा जिले में यह कार्रवाई हुई है. निलंबित अधिकारियों में प्रदीप प्रधान, दीप्ति मंडावी और सत्यव्रत तिवारी शामिल हैं. इन सभी अधिकारियों पर नियम तोड़ने के आरोप लगे हैं.
नई पदस्थापना पर नहीं पहुंचे अफसर
प्रदीप प्रधान मुंगेली जिले के पथरिया में पदस्थ थे. उनका तबादला जिला पंचायत सूरजपुर में किया गया था. आदेश के मुताबिक उन्हें 10 दिन में ज्वाइन करना था. मुंगेली जिला पंचायत ने 27 फरवरी को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया. इसके बावजूद उन्होंने 30 सितंबर तक पदभार नहीं ग्रहण किया.
इसी तरह दीप्ति मंडावी बेरला जनपद में पदस्थ थीं. उनका तबादला बेमेतरा जिला पंचायत में हुआ था. उन्हें 10 दिन के भीतर नई जगह पहुंचना था. उन्हें उसी दिन पुरानी जगह से रिलीव भी कर दिया गया. इसके बाद भी वह साढ़े तीन महीने तक ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं.
कर्मचारी को रिलीव न करना पड़ा भारी
तीसरा मामला बिलासपुर के तखतपुर का है. यहाँ के जनपद सीईओ सत्यव्रत तिवारी पर अलग वजह से कार्रवाई हुई है. उन्होंने अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारी को ट्रांसफर के बाद भी रिलीव नहीं किया था.
दरअसल, विकास विस्तार अधिकारी गोपी सिंह क्षत्रीय का तबादला तखतपुर से लोरमी हुआ था. सरकारी आदेश के मुताबिक सीईओ को 10 दिन के भीतर उन्हें नई जगह के लिए छोड़ना था. सीईओ ने इस आदेश पर ध्यान नहीं दिया। जिसके बाद विभाग ने उन्हें भी निलंबित कर दिया.
ताजा खबर के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb



