साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, पेंशन कार्ड बनाने के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक से 5.90 लाख की साइबर ठगी, जामताड़ा के 2 आरोपी गिरफ्तार

Major cyber fraud case uncovered: Retired teacher swindled out of ₹5.90 lakh under the pretext of getting a pension card made; two suspects from Jamtara arrested.

साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, पेंशन कार्ड बनाने के नाम पर रिटायर्ड शिक्षक से 5.90 लाख की साइबर ठगी, जामताड़ा के 2 आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का पुलिस ने खुलासा किया है. रिटायर्ड शिक्षक को सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर 5 लाख 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. दोनों आरोपी झारखंड के जामताड़ा के रहने वाले हैं. जिन्हें बस्तर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता से पकड़ा है. आरोपियों के कब्जे से 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 25 हजार रुपये नकद और ठगी की रकम से ऑनलाइन खरीदे गए सामान जब्त किए गए हैं.
सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड के नाम पर ठगे 5.90 लाख
मिली जानकारी के मुताबिक साइबर ठगों ने फेसबुक के जरिए एक सेवानिवृत्त शिक्षक को अपने जाल में फंसाया था. आरोपियों ने रिटायर्ड शिक्षक को सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा दिया. इसके बाद अलग-अलग तरीके से उन्हें भरोसे में लेकर कुल 5 लाख 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई. ठगी का अहसास होने पर पीड़ित शिक्षक ने परपा थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद बस्तर पुलिस और साइबर सेल ने मामले की जांच शुरु की.
हरियाणा के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे पैसे
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में ठगी की रकम हरियाणा के एक बैंक खाते में ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई. पुलिस ने बैंक खाते और लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई. जांच में पता चला कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से ठगी की रकम का इस्तेमाल कर रहे थे. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कोलकाता में एटीएम कार्ड के जरिए भी पैसे निकाले गए थे. इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कोलकाता में विशेष टीम भेजी.
200 से ज्यादा होटलों में तलाश, CCTV से मिला सुराग
बस्तर पुलिस की टीम ने कोलकाता पहुंचकर आरोपियों की तलाश शुरू की. इस दौरान पुलिस को संदिग्धों की पहचान करने के लिए काफी प्रयास करने पड़े. टीम ने दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. इसके साथ ही 200 से ज्यादा होटलों में जाकर संदिग्ध आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई. लगातार जांच और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब हुई. इसके बाद दोनों संदिग्धों को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया गया.
जामताड़ा के दो साइबर ठग गिरफ्तार
पुलिस ने इस कार्रवाई में झारखंड के जामताड़ा निवासी शाहबाज अंसारी और जियाउल हक को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों पर रिटायर्ड शिक्षक से साइबर धोखाधड़ी करने का आरोप है. आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे. जांच के दौरान सामने आए बैंक लेनदेन और एटीएम से नकद निकासी से जुड़े सुरागों के आधार पर दोनों की पहचान की गई.
82 एटीएम कार्ड और 6 मोबाइल जब्त
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी तादाद में बैंकिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की है. जब्त सामग्री में 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद शामिल हैं. इसके अलावा ठगी की रकम से ऑनलाइन खरीदे गए सामान भी बरामद किए गए हैं. इतनी बड़ी तादाद में एटीएम कार्ड मिलने के बाद पुलिस के सामने बैंक खातों के इस्तेमाल और उनसे जुड़े लेनदेन की जांच का महत्वपूर्ण विषय भी सामने आया है.
बस्तर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर के मुताबिक इस मामले में बैंक खाते और एटीएम से रकम निकासी की जानकारी जांच में अहम साबित हुई. बस्तर पुलिस और साइबर सेल की टीम ने अलग-अलग स्थानों से मिले सुरागों को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की. फेसबुक के जरिए पेंशन कार्ड बनाने का झांसा देकर की गई इस धोखाधड़ी ने ऑनलाइन ठगी के एक और तरीके को उजागर किया है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बैंकिंग लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है.
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