11 केवी की हाईटेंशन वायर से लोहे का पोल उठाने के दौरान करंट की चपेट में आए मजदूर, 2 मजदूरों की गई जान, दो गंभीर, साथी श्रमिकों ने किया हंगामा

Two laborers died and two others were critically injured after coming into contact with an 11kV high-tension wire while lifting an iron pole; fellow workers created an uproar.

11 केवी की हाईटेंशन वायर से लोहे का पोल उठाने के दौरान करंट की चपेट में आए मजदूर, 2 मजदूरों की गई जान, दो गंभीर, साथी श्रमिकों ने किया हंगामा

जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में पत्थलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम पाकरगांव में सुबह बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया. गुडलक पेट्रोल पंप के सामने पुराने पोल की जगह नया लोहे का पोल खड़ा करते समय खंभा ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन से टकराया. लाइन के संपर्क में आते ही पूरे पोल में करंट प्रवाहित हो गया और वहां काम कर रहे 7 मजदूर इसकी चपेट में आ गए. इस हादसे में काम कर रहे मजदूर आलेख भगत और टामन ध्रुव की मौत हो गई, जबकि 2 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए. कंटर की चपेट में आए 3 अन्य मजदूरों की हालत सामान्य बताई जा रही है. डॉक्टर सभी घायलों की हालत पर नजर बनाए हुए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक पाकरगांव में पुराने बिजली पोल को हटाकर उसकी जगह नए लोहे के पोल लगाने का काम चल रहा था. सुबह करीब 11 बजे गुडलक पेट्रोल पंप के सामने ट्रैक्टर की मदद से लोहे के पोल को खड़ा किया जा रहा था. मजदूर पोल को सीधा करने में लगे थे. इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के संपर्क में आ गया और पोल में करंट फैल गया.
पोल के हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही करंट दौड़ गया और उसे पकड़कर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. अचानक हुए हादसे से मौके पर भगदड़ के हालात बन गए. आसपास मौजूद लोगों ने फौरन पुलिस, डायल-112 और 108 एंबुलेंस को हादसे की खबर दी. स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को पत्थलगांव सिविल अस्पताल पहुंचाया गया.
इस हादसे में आलेख भगत और टामन ध्रुव की मौत हो गई. दोनों मजदूर पोल शिफ्टिंग के काम में लगे हुए थे. करंट की चपेट में आने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. वहीं, मजदूर त्रिभुवन ध्रुव और लोचन मांझी गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका इलाज सिविल अस्पताल पत्थलगांव में जारी है. हादसे में 3 अन्य मजदूर भी करंट की चपेट में आए हैं. लेकिन उनकी हालत सामान्य कही जा रही है.
हम जब काम कर रहे थे तब कहा गया था कि लाइन काट दिया गया है कोई खतरा नहीं है. लेकिन जब पोल गाड़ने का काम चल रहा था तभी लाइन की चपेट में हम लोग आए गए.
हम लोगों ने कहा था कि परमिट ले लीजिए लेकिन परमिट नहीं लिया गया था. जैसे ही पोल खड़ा करने की कोशिश की गई करंट फैल गया. हम लोगों का इंश्योरेंस हुआ है या नहीं ये हमें पता नहीं है. 2 लोगों की मौत हुई है. गाड़ी में भी करंट फैल गया था. चप्पल पहने हुए थे इस वजह से हम बच गए.
हादसे के बाद बिजली लाइन बंद होने और पोल लगाने के लिए परमिट लिए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. घायल मजदूरों का कहना है कि मौके पर मौजूद लाइनमैन की तरफ से उन्हें बताया गया था कि परमिट लिया जा चुका है और बिजली बंद है. इस जानकारी के आधार पर मजदूर पोल को खड़ा करने के काम में जुटे हुए थे. दूसरी तरफ पत्थलगांव के सहायक अभियंता केके देशमुख ने बताया कि परमिट के लिए विभाग को किसी तरह की खबर नहीं दी गई थी.
पूरे मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही यह साफ होगा कि परमिट की प्रक्रिया क्या थी और बिजली लाइन बंद करने से संबंधित नियमों का पालन हुआ था या नहीं :केके देशमुख, पत्थलगांव के सहायक अभियंता
मजदूरों का आरोप है कि जोखिम वाले बिजली कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे. उनका यह भी आरोप है कि कथित तौर पर उचित परमिट और ब्रेकडाउन के बिना काम कराया जा रहा था. मजदूरों के अनुसार पोल शिफ्टिंग का काम ठेकेदार रामसिंग साहू, थाना बागबहरा, जिला महासमुंद और सौरभ अग्रवाल, निवासी पत्थलगांव के माध्यम से कराया जा रहा था. हालांकि इन आरोपों पर संबंधित ठेकेदारों का पक्ष सामने नहीं आया है.
हादसे के बाद घायलों को पत्थलगांव सिविल अस्पताल लाया गया. यहां साथी मजदूरों और मृतकों के परिजनों ने नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. परिजनों ने हादसे की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई. अस्पताल परिसर में कुछ समय तक इसी मांग को लेकर माहौल गरम रहा. प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों को जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया.
हादसे की खबर मिलते ही पत्थलगांव एसडीएम क्षितिज गुरभेले घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने मौके का निरीक्षण कर हादसे की परिस्थितियों की जानकारी ली. एसडीएम ने कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा. उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
पूरे घटनाक्रम की हम गंभीरता से जांच कर रहे हैं. बड़ी दर्दनाक घटना है, जो भी इसमें लापरवाही पाई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. जांच में बिजली आपूर्ति की स्थिति, परमिट प्रक्रिया, पोल लगाने के दौरान अपनाए गए सुरक्षा उपाय और संबंधित लोगों की भूमिका को देखा जा रहा है: क्षितिज गुरभेले, एसडीएम
पत्थलगांव एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल ने दो मजदूरों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस हादसे के कारणों के साथ यह भी जांच रही है कि घटना के समय बिजली लाइन बंद थी या नहीं. पोल शिफ्टिंग के लिए निर्धारित अनुमति एवं सुरक्षा प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं.
हम यह जांच कर रहे हैं कि जिस वक्त पोल की शिफ्टिंग का काम चल रहा था उस वक्त निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था या नहीं. शिफ्टिंग के दौरान बिजली बंद की गई थी या नहीं:डॉ. ध्रुवेश जायसवाल, पत्थलगांव एसडीओपी
घटना के बाद दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस और प्रशासन की जांच पूरी होने के बाद हादसे की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी.
पाकरगांव की घटना ने बिजली पोल शिफ्टिंग जैसे जोखिमपूर्ण काम में सुरक्षा और अनुमति प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक तरफ मजदूरों का दावा है कि उन्हें बिजली बंद होने और परमिट लिए जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि बिजली विभाग के सहायक अभियंता ने परमिट के लिए सूचना नहीं मिलने की बात कही है. ऐसे में हादसे की वास्तविक वजह, 11 केवी लाइन की स्थिति, परमिट प्रक्रिया और मौके पर काम करा रहे लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है. प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है.
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