दुर्गा विसर्जन की रैली में शामिल होने से पत्नी ने किया मना, नाराज युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिवार में शोक और सदमे का माहौल

After his wife refused to let him participate in the Durga immersion procession, an angry young man hanged himself, leaving his family in mourning and shock.

दुर्गा विसर्जन की रैली में शामिल होने से पत्नी ने किया मना, नाराज युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिवार में शोक और सदमे का माहौल

मनेन्द्रगढ़ : छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ मुख्यालय स्थित वार्ड क्रमांक 5, चितरंजन वार्ड में शनिवार को 43 साल के अनिल रजक ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. घटना के बाद परिवार में शोक और सदमे का माहौल है.
सिटी कोतवाली के जांच अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि मृतक शराब के नशे में था. घटना के समय उसने काफी शराब पी रखी थी. वह दुर्गा विसर्जन की रैली में शामिल होना चाहता था. लेकिन पत्नी ने विवाद और सुरक्षा की दृष्टि से उसे रैली में जाने से मना कर दिया. इस पर नाराज होकर अनिल ने फांसी लगाने का फैसला लिया.
मिली जानकारी के मुताबिक अनिल रजक ने घर में फांसी का फंदा बांध लिया. परिजन उसे फांसी के फंदे से उतारकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने की कोशिश की. हालांकि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. अनिल की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका पति अक्सर शराब पीता था और कई बार उग्र और चिड़चिड़ा हो जाता था. दुर्गा विसर्जन की रैली में जाने की बात पर उसकी नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उसने अपने जीवन को खत्म करने का कदम उठा लिया.
पुलिस ने बताया कि अनिल रजक पहले भी फांसी लगाकर खुदकुशी करने का प्रयास कर चुका था. उस समय परिवार ने उसे समझाया और रोक लिया था. इसके बावजूद शनिवार को शराब के नशे और पत्नी से झगड़े के चलते उसने खुदकुशी करने की कोशिश की. सिटी कोतवाली पुलिस ने घटना के आधार पर मर्ग (मृत्यु का अपराधिक मामला) कायम कर जांच शुरु कर दी है. शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है.
घटना की खबर सुनते ही पड़ोसियों और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे. परिजनों ने कहा कि अनिल हमेशा मिलनसार और सहयोगी था. लेकिन शराब और तनावपूर्ण परिस्थितियों की वजह से उसने यह कदम उठा लिया. उनका कहना था कि इस घटना ने पूरे परिवार को भावनात्मक रुप से हिला दिया है. पड़ोसियों ने भी बताया कि दुर्गा विसर्जन के समय इस तरह की दुर्घटनाओं से सबक लेना जरुरी है और परिवारों को आपसी विवादों को समय रहते सुलझाना चाहिए.
विशेषज्ञों के मुताबिक शराब और मानसिक दबाव मिलकर व्यक्ति को खुदकुशी जैसी घातक हालत तक पहुंचा सकते हैं. मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान न देने और परिवारिक विवादों को अनदेखा करने से इस तरह के दुखद परिणाम सामने आते हैं. सामाजिक संगठनों और पुलिस का कहना है कि शराब पीने वालों और तनावपूर्ण मानसिक हालत वाले लोगों पर नज़र रखना जरुरी है. परिवार और समाज को उनके व्यवहार और मानसिक हालत पर ध्यान देना चाहिए. ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके.
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