अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी, सीधे खाते में भुगतान और नियमितीकरण की मांग, कहा- ठेका प्रथा किया जाए बंद

Civic placement employees sitting on indefinite strike demanding payment directly into account and regularization said contract system should be stopped

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी, सीधे खाते में भुगतान और नियमितीकरण की मांग, कहा- ठेका प्रथा किया जाए बंद

नगर को स्वच्छ एवं साफ और देश दुनिया को स्वच्छता में मेडल दिलाने में सबसे ज्यादा भूमिका स्वच्छ्ता कर्मचारी सहित नगरीय निकाय में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों का रहा है. सुबह 4 बजे से उठकर स्वछता के अलावा कड़ी मेहनत कर नगर पंचायत को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. इनको सरकार द्वारा मेडल देकर सम्मान करना चाहिए. क्योंकि यही लोगों के कारण पूरा नगर स्वच्छ और सुन्दर रहता है. मगर प्रशासनिक अनदेखी के कारण इन्हें इनका हक नही मिल पा रहा है.

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों ने आज 22 नवंबर से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरु कर दी है. वे गरियाबंद के गांधी मैदान में संयुक्त रुप से धरने पर बैठ गए है. हड़ताल लंबे समय तक चलने पर नगरीय निकायों की सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ सकता है.
उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में भी निस्वार्थ भाव से काम किया. लेकिन जो सुविधा उन्हें मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है. प्लेसमेंट और अनियमित कर्मचारियों ने बताया कि कि वे पिछले 10 से लेकर 20 सालों से यहां काम कर रहे हैं. बावजूद इसके उनकी मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. ठेका प्रथा के तहत होने वाले वेतन भुगतान को खत्म किए जाने की मांग की है.
बता दे कि गरियाबंद जिले में नगर पालिका परिषद् गरियाबंद से 58, नगर पंचायत राजिम से 43, नगर पंचायत फिंगेश्वर से 29 और नगर पंचायत छुरा से 19 कुल 149 प्लेसमेंट कर्मचारी हैं.
संघ के जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा ने बताया कि महासंघ द्वारा पिछले कई साल से शासन के अन्य विभागों की तर्ज पर निकायों से सीधे वेतन का भुगतान किये जाने के लिए समय-समय पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों से शासन को अवगत कराते आ रहा है. लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा हमारी मांगों पर गंभीरता से कोई जरुरी कार्यवाही नहीं की गई है.
जिससे छ.ग. के 184 निकायों में कार्यरत 20,000 प्लेसमेंट कर्मचारी और परिवार में काफी असंतोष और आकोशित हैं. निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को निकायों से सीधे वेतन भुगतान (4000 श्रम सम्मान राशि सहित) किये जाने पर भी शासन को किसी भी तरह से अतिरिक्त व्यय का वहन नही करना पड़ेगा. नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को शासन के अन्य विभाग (जल संसाधन, PWD, PHE व वन विभाग आदि) के तर्ज पर निकायों से सीधे वेतन का भुगतान किया जाए.
हड़ताल अवधि में नगरीय निकायों में मूलभूत सुविधा जैसे- सफाई कार्य, जल कार्य, विद्युत कार्य, सरकार के योजना-परियोजना कार्य, कार्यालयीन कार्य, लोक सेवा कार्य सब बंद रहेगें.
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कोरिया : छत्तीसगढ़ के सभी नगरीय निकाय में काम करने वाले अनियमित और प्लेसमेंट कर्मचारी हड़ताल पर हैं. नाराज कर्मचारियों का कहना है कि उनकी चार सूत्री मांगों को शासन पूरा करे. अनियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से नगरीय निकाय में काम बंद पड़ा है. हड़ताल से सबसे ज्यादा असर साफ सफाई और वाटर सप्लाई पर पड़ा है. नगरीय निकाय के प्रशासनिक वर्क भी नहीं हो पा रहे हैं. नगर पालिका शिवपुर चरचा के अध्यक्ष ने भी हड़ताल का समर्थन किया है. साथ ही मांगों को जायज बताया है.
नगरीय निकाय में हड़ताल: प्लेसमेंट और अनियमित कर्मचारियों का दावा है कि वो पिछले 10 से लेकर 20 सालों से यहां काम कर रहे हैं. बावजूद इसके उनकी मांगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. ठेका प्रथा के तहत होने वाले वेतन भुगतान को समाप्त किए जाने की मांग की है. हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए. धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि उनसे बातचीत के लिए अभी तक कोई भी कदम विभाग की तरफ से नहीं उठाया गया है.
क्या हैं चार सूत्री मांगे
ठेका प्रथा को बंद किए जाने की मांग.
दस सालों से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग.
श्रम सम्मान निधि के रुप में हर महीने 4 हजार देने की मांग.
वेतन का मूल भुगतान सीधे नगरीय निकाय के जरिए खाते में करने की मांग
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बलौदाबाजार : नगर पालिका क्षेत्र में कार्यरत ठेका कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं. इसका सीधा असर साफ-सफाई और पेयजल आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाओं पर पड़ने की संभावना है. जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
प्रदेश ठेका कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शुरु हुए इस धरने में कर्मचारी समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नगरीय निकाय में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों की तरह उन्हें भी वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए. ठेका कर्मचारियों ने कहा, “हम भी स्थायी कर्मचारियों की तरह काम करते हैं, फिर वेतन में इतनी विसंगति क्यों? हमें कम तनख्वाह पर काम करना पड़ता है. जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है.”
धरने में शामिल महिला कर्मचारियों ने शासन की योजनाओं के लाभ न मिलने की बात कही. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें “महतारी वंदना योजना” जैसे योजनाओं का लाभ नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि 30 साल से काम कर रहे हैं, लेकिन अभी भी सिर्फ 8,000 रुपये वेतन मिल रहा है.
नगरीय निकाय संघ के अध्यक्ष गुरदत्त तिवारी ने कहा कि यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में हो रहा है. “25 साल से काम करने के बावजूद वेतन में वृद्धि नहीं हुई है. जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है. हमारी मांग जायज है और हमें समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए. यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो धरना जारी रहेगा.” उन्होंने आगे कहा कि हम जानते हैं कि प्रदेश की सरकार संवेदनशील है और हमारी यह मांग जरुर पूरी होगी.
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कसडोल : कसडोल नगर पंचायत में कार्य करने वाले नगरीय निकाय के कर्मचारी अपने 2 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ 19 नवम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.
इनके हड़ताल पर चले जाने से नगर पंचायत में होने वाले मूलभूत कार्यों में अब नगरवासियों को असुविधा हो रही है. नगर में 3 दिनों से सफाई नहीं हुई. इसकी वजह से पूरा नगर में गंदगी फैलता जा रहा है.
हड़ताल में बैठे टिकेश्वर वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ के अंतर्गत कुल 184 नगरीय निकायों (नगर निगम 14, नगर पालिका 50 व नगर पंचायत 120) में विगत 15-20 वर्षो से कार्यरत लगभंग 20,000 प्लेसमेंट/आउटसोर्सिंग/ ठेका कर्मचारी (उच्च कुशल / कुशल / अर्द्धकुशल / अकुशल का छ.ग. स्तर का महा सगंठन है.
महासंघ की मांग है कि नगरीय निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को शासन के अन्य विभाग (जल संसाधन, PWD, PHE व वन विभाग आदि) के तर्ज पर नगर निकायों से सीधे वेतन का भुगतान किया जायें। साथ ही प्लेसमेंट प्रथा बन्द किया जाए.
इनकी मांग महासंघ द्वारा विगत वर्षों से शासन के अन्य विभागों की तर्ज पर निकायों से सीधे वेतन का भुगतान किये जाने के लिए समय-समय पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों से शासन को अवगत करते आ रहा है. लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा हमारी मांगों पर गंभीरता से कोई आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई है. जिससे छ.ग. के 184 निकायों में कार्यरत 20,000: प्लेसमेंट कर्मचारी व परिवार में काफी असंतोष एवं आक्रोशित हैं. निकायों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों को निकायों से सीधे वेतन भुगतान (4000 श्रमं सम्मान राशि सहित) किये जाने प्र शासन को किसी भी प्रकार अतिरिक्त व्यय का वहन नहीं करना पड़ेगा.
उसके बावजूद शासन हमारी मांगो को पूरी नही कर रही है. शासन-प्रशासन द्वारा आज तक हमारी मांगों पर आवश्यक कार्यवाही नहीं होने की वजह से महासंघ द्वारा कार्यकारिणी की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार जिला स्तर पर 19 नवंबर 2024 से अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है. हड़ताल अवधि में नगरीय निकायों में मूलभूत सुविधाः सफाई कार्य, जल कार्य, विद्युत कार्य, सरकार के योजना-परियोजना कार्य, कार्यालयीन कार्य लोक सेवा कार्य सब बंद रहेगें. जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी.
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