एग्रीस्टैक पंजीयन न होने से किसानों में आक्रोश, इन मांगों को लेकर 1 नवंबर को करेंगे हाईवे जाम, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
Farmers are angry over the lack of AgriStack registration; they will block highways on November 1st to press their demands and submit a memorandum to the Chief Minister.
आरंग : सरकार ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर धान बिक्री के लिए पंजीयन की आखरी तारीख 31 अक्टूबर तय की है. लेकिन आरंग के किसानों का कहना है कि अगर तारीख 15 नवंबर तक भी बढ़ा दी जाए. तब भी सभी लंबित प्रकरणों का पंजीयन पूरा नहीं हो सकेगा. किसानों को अब यह भरोसा हो गया है कि सरकार सभी किसानों का धान नहीं खरीदना चाहती है. इसी मुद्दे को लेकर आरंग कृषि उपज मंडी में करीब पचास गांवों के किसान प्रतिनिधियों की बैठक हुई.
सरकार या तो पोर्टल की अनिवार्यता खत्म करे, या फिर पुराने तरीके से हर किसान के पूरे रकबे का धान खरीदे.
कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की भरपाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और राजस्व परिपत्र 6-4 के तहत की जाए.
गंगरेल सहित अन्य बांधों में पर्याप्त पानी होने के कारण ग्रीष्मकालीन धान फसल की अनुमति दी जाए.
किसानों ने सहकारी समितियों में जमा अमानत राशि पर ब्याज देने की भी मांग की.
जमीन की खरीद-बिक्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता बरकरार रखने पर भी जोर दिया गया ताकि फर्जीवाड़ा से बचा जा सके.
किसानों ने चेतावनी दिया कि सभी मांगें 31 अक्टूबर तक पूरी नहीं की गईं. तो 1 नवंबर को रसनी टोल प्लाजा के पास नेशनल हाईवे पर “मेगा जाम” करेंगे. सैकड़ों किसानों ने थाने पहुंचकर मुख्यमंत्री, कलेक्टर और एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन देने वालो में पारसनाथ साहू, जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर, द्वारिका साहू, योगेश चन्दराकर, श्रवण चन्द्राकर, धनाजी, हिरेश, दौलतराम, विजयेन्द्र, के के चन्द्राकर, गोविन्द, खिलेश देवांगन प्रवीण बलराम, झनकराम,, घसियाराम भूषणलाल, कमलनारायण, रामशरण, नरोत्तम, केशव, धनेश, उमेश चन्द्राकर, सहित सैकड़ों किसान मौजूद थे.
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