ऑपरेशन शंखनाद लगातार जारी, बूचड़खाने में बेचने के लिए ले जा रहे 8 नग गौवंश तस्करों के कब्जे से बरामद, दो मामलों में 2 आरोपी गिरफ्तार
Operation Shankhnaad continues; 8 cattle being transported to slaughterhouses recovered from smugglers; 2 accused arrested in two cases
रायगढ़ : तमनार पुलिस ने मुखबीर से गौवंश तस्करी की खबर पर कार्रवाई करते हुए दो मवेशी तस्करों के चंगुल से 8 नग गौवंशों को मुक्त कराया है. पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि ग्राम गोढी से बासनपाली मार्ग पर कुछ पशु तस्कर गौवंशों को ओडिशा के बूचड़खाने की तरफ़ ले जा रहे हैं. खबर पर थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा चुहकीडीपा रोड गोढी में घेराबंदी कर दी. संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया.
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम देवलाल मिंज पिता मुक्तुराम मिंज उम्र 26 साल निवासी पंडीझरिया करवारजोर थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ तथा रंजीत तिर्की पिता जयराम तिर्की उम्र 28 साल निवासी करवारजोर उरांवपारा थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ बताया.
आरोपियों ने गोढी पेट्रोल पंप आमाघाट रेलवे ब्रिज के आसपास चर रहे पालतू गौवंशों को पकड़कर भूखे-प्यासे हालत में पैदल क्रूरतापूर्वक ओडिशा बूचड़खाने ले जाकर बिक्री करने के मकसद से परिवहन करना कबूल किया. पुलिस ने गवाहों के सामने 8 नग गौवंश कुल कीमत लगभगअरीब 1,10,000 रुपये बरामद कर जप्ती पंचनामा तैयार किया आरोपियों के खिलाफ थाना तमनार में अपराध क्रमांक 40/2026 धारा छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 6, 10, 11, 12 के तहत अपराध दर्ज* कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.
गिरफ्तार आरोपी
1. देवलाल मिंज पिता मुक्तुराम मिंज उम्र 26 साल निवासी पंडीझरिया करवारजोर थाना लैलूंगा जिला रायगढ़
2. रंजीत तिर्की पिता जयराम तिर्की उम्र 28 साल निवासी करवारजोर उरांवपारा थाना लैलूंगा जिला रायगढ़
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
जंगल रास्ते से गोवंश तस्करी परिवहन करते पकड़ा गया
नगरी : नगरी ब्लॉक के गोहन नाला के पास जंगल मार्ग से 22 फरवरी को बड़ी तादाद में गोवंश ले जाए जाने की खबर मिलते ही पंडरीपानी गौशाला समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिवहन को रोक दिया. घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है और अब मामले की जांच पुलिस के हाथ में है.
बताया जा रहा है कि करीब 80 से 120 गोवंश को वाहन से ले जाया जा रहा था. खबर मिलने पर समिति के अध्यक्ष, सचिव व अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और संबंधित लोगों से पूछताछ की. परिवहन कर रहे व्यक्तियों ने बताया कि गोवंश को ग्राम तीरथ स्थित तीरथ महादेव गौशाला समिति ले जाया जा रहा है. इसके समर्थन में उन्होंने ग्राम पंचायत कुरंगा, विकासखंड कुरुद, जिला धमतरी के सरपंच और सचिव के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी दिखाया, जिसमें पंचायत द्वारा गोवंश को रखने में असमर्थता जताते हुए अन्यत्र भेजने की अनुमति का उल्लेख था.
हालांकि समिति के सदस्यों ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई. उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में गोवंश का परिवहन सिर्फ पंचायत के पत्र से संभव नहीं है. मौके पर शासकीय अनुमति, पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और वैध परिवहन दस्तावेज पेश नहीं किए जा सके. जिससे मामला संदिग्ध हो गया.
क्या पंचायत दे सकती है इतनी बड़ी अनुमति?
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरपंच और सचिव के पत्र के आधार पर एक साथ दर्जनों गोवंश को दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है. मिली जानकारों के मुताबिक गोवंश परिवहन के लिए एसडीएम या तहसीलदार की अनुमति जरुरी होती है. पशु चिकित्सक का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य माना जाता है. पशु परिवहन नियम, 1978 के तहत वाहन में पर्याप्त स्थान और सुरक्षा व्यवस्था जरुरी है. बिना वैध ट्रांजिट परमिट परिवहन दंडनीय हो सकता है.
पुलिस में शिकायत, जांच शुरु
पंडरीपानी गौशाला समिति ने पूरे मामले की लिखित शिकायत दुगली थाना में दर्ज कराई है और विस्तृत जांच की मांग की है. फिलहाल सभी गोवंश को सुरक्षित रुप से नगरी ब्लॉक स्थित पंडरीपानी गौशाला में रखा गया है.
सीमा मार्ग को लेकर भी आशंका
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि छत्तीसगढ़ से लगे ओडिशा सीमा मार्ग से पूर्व में भी अवैध परिवहन की घटनाएं सामने आती रही हैं. हालांकि, इस मामले में वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही साफ़ होगी.
मौके पर गौशाला समिति के अध्यक्ष प्रिंस गोलछा, सचिव अनिल वाधवानी, संत कोठारी, शिव शंकर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे. पुलिस ने मामले में जांच शुरु कर दी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



