दल से भटके हाथी ने मचाया आतंक, जंगल गए दंपती पर दंतैल ने किया हमला, पति-पत्नी को कुचलकर उतारा मौत के घाट, इलाके में दहशत का माहौल

An elephant strayed from its herd and caused panic. A couple in the forest was attacked by a tusker, crushing them to death, creating panic in the area.

दल से भटके हाथी ने मचाया आतंक, जंगल गए दंपती पर दंतैल ने किया हमला, पति-पत्नी को कुचलकर उतारा मौत के घाट, इलाके में दहशत का माहौल

बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया. वनांचल क्षेत्र के कुंदी गांव में जंगल की तरफ जा रहे एक ग्रामीण दंपती पर दंतैल हाथी ने हमला कर दिया. हाथी के हमले में पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में डर और दहशत का माहौल है. जबकि वन विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक कुंदी कला के बांधपारा निवासी जूठन राम गोंड़ उम्र 65 साल और उनकी पत्नी सुंदरी बाई उम्र 56 साल रोजाना की तरह सुबह घर से निकले थे. दोनों घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल की तरफ गए थे. इसी दौरान उनका वहां घूम रहे एक दंतैल हाथी से सामना हो गया. हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया और कुचलकर मौत के घाट उतार दिया.
वन परिक्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि घटना के समय जूठन राम कक्ष क्रमांक पी-2740 से लगे कच्चे मार्ग पर मिले. जबकि उनकी पत्नी का शव करीब 10 मीटर दूर जंगल के भीतर पाया गया. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों ने बचने का प्रयास किया. लेकिन हाथी के हमले से नहीं बच सके.
वन विभाग के मुताबिक सोमवार शाम करीब सात बजे पांच हाथियों का दल सूरजपुर वनमंडल क्षेत्र से होते हुए राजपुर वन परिक्षेत्र के अखोरा, जवाखांड और कल्याणपुर क्षेत्र में पहुंचा था. इसी दौरान एक हाथी झुंड से अलग होकर कुंदी क्षेत्र के जंगल में रुक गया था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसी अकेले हाथी ने दंपती पर हमला किया.
वन विभाग का कहना है कि हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए सोमवार शाम से ही कर्मचारियों और हाथी मित्र दल के सदस्यों को क्षेत्र में तैनात किया गया था. पूरी रात गांवों में मुनादी कर लोगों को जंगल की तरफ नहीं जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई थी. अधिकारियों के मुताबिक मृतकों के परिजनों को उनके नाती ने भी सुबह बाहर जाने से मना किया था. लेकिन वे रोजमर्रा की तरह घर से निकल गए.
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओ वन रविशंकर श्रीवास्तव, रेंजर अजय वर्मा, डिप्टी रेंजर मालती मांझी सहित वन विभाग की टीम और राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची. शवों को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
वन विभाग ने मृतक दंपती के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है. इसके अतिरिक्त नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5 लाख 75 हजार रुपये प्रति मृतक की शेष अनुग्रह सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी.
वन विभाग ने हाथी प्रभावित गांवों के लोगों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी के दौरान जंगल की तरफ न जाएं, भीड़ न लगाएं और हाथी दिखाई देने पर तत्काल विभाग को खबर दें. फिलहाल हाथी की निगरानी की जा रही है और आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI?mode=gi_t