धनतेरस पर BJP पार्षदों का धरना. कार्यालय में जड़ा ताला, कैद में कर्मचारी, अधिकारियों पर गंभीर आरोप, अपनी ही सरकार के लोग ही प्रताड़ित

BJP councilors stage a protest on Dhanteras; office locked, staff held captive, serious allegations leveled against officials—even members of their own party are being harassed.

धनतेरस पर BJP पार्षदों का धरना. कार्यालय में जड़ा ताला, कैद में कर्मचारी, अधिकारियों पर गंभीर आरोप, अपनी ही सरकार के लोग ही प्रताड़ित

रायपुर : रायपुर नगर निगम में अब भाजपा के पार्षदों ने ही अपनी ही सरकार और निगम व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को भाजपा के 6 और कांग्रेस के 1 पार्षद ने मिलकर जोन-8 कार्यालय में तालाबंदी कर दी. पार्षदों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी जोन कमिश्नर और अधिकारी वार्डों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. पार्षदों ने पहले कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा. लेकिन जब वे बाहर नहीं निकले तो कार्यालय में ताला लगा दिया. इसके बाद कर्मचारी अंदर ही कैदरह गए.
जोन अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी पार्षदों के साथ धरने पर बैठ गए. पार्षदों का कहना है कि वार्डों में स्ट्रीट लाइट, पानी और कचरा गाड़ी जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्या बनी हुई है. 6 महीने पहले स्ट्रीट लाइट के लिए राशि देने के बाद भी टेंडर नहीं खुला है. धनतेरस जैसे त्योहार पर भी लोगों को पानी और सफाई की समस्या से जूझना पड़ रहा है. दिपावली के दौरान वार्डों में अंधेरा है.
इधर, प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन भी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि जब ट्रिपल इंजन की सरकार में भाजपा के पार्षदों को ही अपने काम के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है तो महापौर, जोन अध्यक्ष और एमआईसी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए. वहीं, महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि भाजपा की सरकार और महापौर होने का मतलब यह नहीं है कि अधिकारी काम नहीं करेंगे. सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी.
6 महीने पहले राशि दी, अब तक स्ट्रीट लाइट का टेंडर नहीं
जोन अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अधिकारियों से काम करवाने के लिए अब जनप्रतिनिधियों को अपना तरीका बदलना पड़ रहा है. सातों पार्षद जनता की समस्याओं का समाधान कराने के लिए यहां बैठे हैं. उन्होंने कहा कि धनतेरस के दिन भी उन्हें जोन कार्यालय में धरना देना पड़ रहा है. वे नहीं चाहते कि त्योहार के समय वार्ड के लोगों को परेशान होना पड़े.
उन्होंने बताया कि पार्षद निधि से स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए करीब 6 महीने पहले ही राशि दी जा चुकी है. उम्मीद थी कि दिवाली से पहले वार्डों में लाइट लग जाएगी. लेकिन अब तक टेंडर तक नहीं खुला है. वार्डों में पानी की समस्या भी बनी हुई है. लोग त्योहार के लिए घरों की साफ-सफाई कर रहे हैं. लेकिन कई जगह पानी नहीं पहुंच रहा है. कचरा गाड़ी भी 4 से 5 दिन तक वार्डों में नहीं पहुंच रही है. प्रदर्शन के दौरान ही उनके पास 10 से 20 लोगों के फोन आए. जिन्होंने कचरा गाड़ी नहीं आने की शिकायत की.
अधिकारी भाजपा-कांग्रेस में बांटकर अपनी रोटी सेंक रहे
पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद संदीप साहू ने कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों को भाजपा और कांग्रेस में बांटकर अपना काम निकाल रहे हैं. इसी का फायदा उठाकर वे मनमानी कर रहे हैं. इसलिए आज भाजपा और कांग्रेस के सभी सात पार्षद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक साथ बैठे हैं.
उन्होंने जोन में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप लगाया. कहा कि अवैध प्लॉटिंग से लेकर दूसरे कामों में भी कमीशनखोरी हो रही है. अधिकारी आम लोगों की समस्याएं सुनने नहीं पहुंचते. लेकिन अवैध पानी कनेक्शन और वसूली के मामलों में मौके पर पहुंच जाते हैं.
वही पं जवाहर लाल नेहरू वार्ड के पार्षद भगतराम हरवंश ने बताया कि उनके वार्ड की एकता कॉलोनी में पिछले 6 महीने से पानी की व्यवस्था नहीं है. वहीं, पिछले 10 दिनों से वार्ड में गंदा पानी आ रहा है. कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि जनता ने पार्षदों को चुनकर भेजा है. इसलिए उनकी समस्याओं के लिए आवाज उठाना उनकी जिम्मेदारी है. ज तक मांग पूरी नहीं होती हमारा प्रदर्शन जारी रहे है.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- महापौर, जोन अध्यक्ष और एमआईसी इस्तीफा दें
कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन भी कार्यकर्ताओं के साथ जोन कार्यालय पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शन का जायजा लेने के बाद कहा कि यह समझने वाली बात है कि जिन पार्षदों की परिषद में सत्ता है और जिनकी प्रदेश में सरकार है. उन्हें खुद अपने ही जोन कार्यालय में तालाबंदी करनी पड़ रही है.
मेनन ने कहा कि जब जनता के चुने हुए पार्षद ही काम नहीं होने से परेशान हैं तो नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है. महापौर को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए. जोन अध्यक्ष और पूरी एमआईसी को भी इस्तीफा दे देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि हमें लगता था कि चार विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के नगर निगम चला रहे हैं. महापौर के पास एक जोन बचा था. लेकिन अब वहां भी उनकी पकड़ दिखाई नहीं दे रही है. अगर काम नहीं हो रहा है तो उन्हें सरकारी बंगला, गाड़ी और पद लेकर बैठे रहने के बजाय पद छोड़ देना चाहिए. और फिर से चुनाव होना चाहिए.
महापौर ने कमिश्वर और अधिकारियों को दी चेतावनी
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि इस मामले में लगातार उनके पास फोन आ रहे थे. गुरुवार को जोन अध्यक्ष प्रीतम ठाकुर ने भी फोन कर बताया था कि बार-बार कहने के बावजूद अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं. मुख्यालय से आयुक्त के निर्देश नहीं मिलने का बहाना बनाकर काम टाला जा रहा है.
महापौर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि महापौर भाजपा की हैं और प्रदेश में भाजपा की सरकार है. इसलिए अधिकारी काम नहीं करेंगे तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा. अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. चाहे निगम आयुक्त हों, जोन कमिश्नर हों या उनकी पूरी टीम, सभी को गंभीरता और ईमानदारी से काम करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि पार्षदों ने जोन कार्यालय में तालाबंदी की है. यह अधिकारियों के लिए चेतावनी है. अगर काम नहीं होगा तो ऐसी हालत फिर बनेगी. काम सभी को करना पड़ेगा और काम करवाना भाजपा के नेताओं को आता है.
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