कांग्रेस की हुई बैठक, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 24 अगस्त को होगा विशाल धरना प्रदर्शन, सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जांच करने बनाई समिति
Congress meeting held massive protest to be held on August 24 under the leadership of former Chief Minister Bhupesh Baghel committee formed to investigate the gang rape case
भाजपा सरकार की तानाशाही नही चलने देंगे, धरना प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल होंगे -अरुण वोरा
दुर्ग : मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग की जरुरी बैठक राजीव भवन दुर्ग में पूर्व विधायक अरुण वोरा शहर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष गया पटेल मध्य ब्लॉक कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष अलताफ अहमद की विशेष उपस्थिति में रखी गई. यह बैठक 24 अगस्त को 11 बजे हिंदी भवन के सामने होने वाले कांग्रेस के विशाल धरना प्रदर्शन के संबंध में रखे रखी गई थी.
अपने उद्बोधन में अरुण वोरा ने कहा कि जबसे प्रदेश में भाजपा की सरकार काबिज हुई है तब से प्रदेश की जनता के ऊपर कहर ढा रही है. विधायक देवेंद्र यादव को जिस तरह से षड्यंत्र रचकर झूठे केस लगाकर फसाया गया है. यह बहुत ही निंदनीय है और तानाशाही है हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे. छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार अपने असल मकसद से भटक कर विकास को भूल गई है. आज किसान परेशान है. युवा रोजगार मांग रहा है. रोजगार नहीं मिल रहा है. महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिल रही है. महंगाई और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है. और सरकार कुंभकरणीय नींद में सोई हुई है.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में होने वाले धरना प्रदर्शन में हजारों की संख्या में कांग्रेसी शामिल होकर भाजपा सरकार का विरोध करेंगे.
इस बैठक में एमआईसी मेंबर पार्षद भोला महोबिया, नजहत परवीन, श्रद्धा सोनी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कन्या ढीमर, सरिता ताम्रकार, रानी देवांगन, पूर्व पार्षद अशोक कल्याण सिंह ठाकुर, अनीश रज़ा, पाशी अली, रामरतन जलतारे, गणेश सोनी, नवाब एजाज चौहान, डोमार सिंह राजपूत, वहीद चौहान, दिनेश बेलचंदन, थानेश्वर साहू, समयलाल साहू,अली असगर, रामरतन जलतारे, शत्रुघन चक्रधारी, जगमोहन ढीमर समेत ढेर सारे कांग्रेसी मौजूद थे.
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छत्तीसगढ़ में हुए दुष्कर्म के इस मामले में कांग्रेस ने जांच दल का गठन किया है. सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े को कमेटी का संयोजक नियुक्त करते हुए 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. जिसमें विधायक विद्यावती सिदार, चतुर नंद, कविता प्राण लहरे और अरुण मालाकार को सदस्य बनाया गया है. जांच समिति पीड़ित के परिजनों से मुलाकात कर सौंपेगी रिपोर्ट सौंपेगी.
देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस प्रदेश भर में करेगी प्रदर्शन, प्रभारी नियुक्त
रायपुर : कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ कांग्रेस 24 अगस्त को प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन का आयोजन करेगी. प्रदर्शन के लिए जिलेवार प्रभारी की भी नियुक्ति की गई है. रायपुर में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज मोर्चा संभालेंगे, जबकि दुर्ग और भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दी गई है.
इस प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस विधायक की गिरफ्तारी को लेकर अपना विरोध जताएगी. बता दें कि विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी बलौदाबाजार की घटना के बारे में की गई. इसको लेकर कांग्रेस में रोष है.
राखी बांधने सेंट्रल जेल पहुंची सैकड़ों महिलाएं, सुरक्षाबलों ने जेल के बाहर रोका
रायपुर : कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को बलौदा बाजार हिंसा में समाज के लोगों को भड़काने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल भेज दिया है. वही रक्षाबंधन पर विधायक देवेंद्र यादव को राखी बांधने के लिए भिलाई से सैकड़ो महिलाएं केंद्रीय जेल पहुंची. लेकिन सुरक्षाबलों ने महिलाओं को जेल परिसर में प्रवेश करने नहीं दिया. जिससे महिलाओं में काफी आक्रोश दिखा और जेल में प्रवेश नहीं देने के कारण जेल के दरवाजे में ही राखी बांधी हैं.
महिलाओं ने कहा कि कहा कि हम पिछले सात-आठ सालों से देवेंद्र यादव को राखी बांध रहे हैं. लेकिन इस बार हमें राखी बांधने से रोक गया है. महिलाओं का कहना था विधायक देवेंद्र यादव को झूठे आरोपों के तहत गिरफ़्तार किया गया है. अगर सरकार इतनी जल्द कार्रवाई उन कोलकाता दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाओं पर करती तो आज देश महिलाओं के लिए सुरक्षित होता.
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बिलासपुर : पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने शिक्षकों के मामले में प्रदेश सरकार के फैसले पर कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार को उनके सलाहकारों ने ऐसी सलाह दे दिया है कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करने जा रही है. जिससे न सिर्फ प्रदेश में शिक्षा का स्तर घटेगा बल्कि वर्तमान शिक्षकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
पुराने सेटप से जो भर्तियाँ स्कूलों में हुई थी. उनमे बड़ा बदलाव लाने जा रही है. अगर युक्तियुक्तकरण सरकार लागू करेगी तो स्कूल में शिक्षकों की तादाद कम हो जाएगी और एक शिक्षक पर ज्यादा भार आएगा और जब भार सहन से ज्यादा होगा तो इसका प्रभाव छात्र छात्राओं को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ेगा. यानि बीजेपी की सरकार पूरे प्रदेश में गुणवत्ताहीन शिक्षा देने जा रही है. प्राथमिक शालाओं और माध्यमिक शालाओं का जो सेटप हुआ करता था वो अब नहीं रहेगा. इससे शिक्षक परेशान होंगे और स्कूल की पढ़ाई का बेड़ा गर्ग हो जाएगा.
हज़ारों शिक्षकों की जो नयी भर्तियाँ होने वाली है. उस पर इसका असर पड़ेगा और रोज़गार भी कम निकलेंगे और उसका नुकसान प्रदेश का युवा उठाएगा क्योंकि फिर सरकार कम भर्तियाँ निकालेगी.
शिक्षा को महत्वहीन समझने की गलती कर रहे हैं. माननीय मुख्यमंत्री जी और उनके सलाहकार उनको ग़लत सलाह दे रहे हैं. बीजेपी की सरकार के पास बजट की कमी है और सरकार पहले छह महीने में ही तेरह हज़ार करोड़ का कर्ज ले चुकी है और बढ़ते कर्ज और फण्ड की कमी की वजह से इसका सीधा असर स्कूलों की शिक्षा पर पड़ने जा रहा है और बच्चों को शिक्षा नहीं मिलेगी अच्छी तो इससे शिक्षा का स्तर भी घटेगा और ड्रापआउट भी ज्यादा होंगे और इसका प्रभाव सीधे देखा जाए तो उच्च शिक्षा पर भी पड़ेगा.
सरकार ने आते ही सभी चीजों का दर बढ़ा दिया है. चाहे वो आबकारी की दर हो या बिजली की दर हो या फिर ज़मीन की रजिस्ट्री हो और भी महंगाई का दौर चल रहा है. आम आदमी और ग़रीब आदमी और मध्यम वर्गीय परिवार अपना घर के ख़र्च का बोझ नहीं उठा पा रहा है. तो सरकार राहत देने के बजाय और ठगने का काम कर रही है. लेकिन सब महंगाई के बावजूद भी सरकारी सिस्टम की पढ़ाई की लुटिया डूबने वाली है. अभी शिक्षक गण अपने बातें सरकार से और जनप्रतिनिधियों से अलग-अलग मिलकर रख रहे हैं. लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा. क्योंकि शिक्षकों के लिए ये सरकार का दृष्टिकोण सही नहीं है. आने वाले चुनाव में भी शिक्षकों की ही ड्यूटी लगती है तो एसे में पढ़ाई का स्तर और घटेगा और आख़िर क्या क्या काम करेगा प्रदेश का शिक्षक?
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गरियाबंद/छुरा : गरियाबंद जिले के राजिम विधानसभा क्षेत्र के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेहरापानी में एक लड़की के गुम होने पर उसे ढूंढने गांव के तीन लोगों के साथ एक आदिवासी महिला घसनीन बाई भी छत्तीसगढ़ से चेन्नई पहुंचे. इन्हें लेकर जाने वाली महिला उड़ीसा राज्य का बताया जा रहा है. उन्ही के साथ ये लोग चेन्नई तक पहुंचे. जिसके बाद ये महिला इन लोगों को छोड़कर कहीं चली गई और ये चारों लोग चेन्नई में अलग-अलग बिछड़ गए.
उड़ीसा की रहने वाली महिला गुम लड़की को लेकर चेन्नई से उड़ीसा भी पहुंच गई. लेकिन ये चारों लोग चेन्नई में ही फंस गए. किसी तरह इनमें से एक व्यक्ति ने फोन के जरिए अपने गांव के सरपंच से संपर्क कर पुरी घटना बताई और कहा कि हमें यहां से निकलने में मदद करें.
जिस पर सरपंच और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. जिसके बाद पुलिस टीम के साथ कुछ ग्रामीण चेन्नई पहुंचे. जहां तीन लोगों को अलग-अलग इलाकों से ढूंढने में कामयाब हुए. लेकिन चौथे आदिवासी महिला घसनीन बाई का पता नहीं चल पाया.
घटना को आज एक साल बीतने को है लेकिन उक्त आदिवासी महिला का कुछ पता नहीं चल पाया है और आज भी उसके परिजन उनके लौटने के राह देख रहे हैं. वहीं छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक जनक ध्रुव पीड़ित के गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामवासियों से मुलाकात कर विस्तृत जानकारी ली. और उन्होंने छुरा थाना विभाग के अधिकारियों से फौरन बात करते हुए फौरन जांच और खोज करने के लिए कहा.
सोचने की बात तो यह है कि जो उड़ीसा राज्य की महिला इन्हें लेकर चेन्नई गई. गुम लड़की को लेकर लौट आई .लेकिन अपने साथ लेकर गए लोगों को क्यों वहां छोड़कर वापस चली आई? जिसके चलते आज भी आदिवासी महिला घसनीन बाई लापता है. और उसके परिवार काफी परेशान हैं. और आज भी वे उनके किसी भी तरह लौट आने के इंतजार में है.
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