कबीरधाम में बैगा ट्राइबल आवास घोटाला, 21 लाख के घोटाले का आरोपी ठेकेदार छोटूराम गिरफ्तार, तकनीकी सहायक फरार, तलाश में जुटी पुलिस
Baiga Tribal Housing Scam in Kabirdham: Contractor Chhoturam Arrested in Rs 21 Lakh Scam, Technical Assistant Absconding, Police Launch Manhunt
कबीरधाम : न्यायधानी के पड़ोसी जिले कबीरधाम से भ्रष्टाचार की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है. जिसने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेष पिछड़ी जनजाति बैगाओं के उत्थान के नाम पर आए 21 लाख 50 हजार रुपये को अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत ने ‘हजम’ कर लिया. कबीरधाम पुलिस ने इस सनसनीखेज घोटाले में ठेकेदार को गिरफ्तार किया और एक ‘सरकारी प्यादा’ पंचायत का तकनीकी सहायक फरार अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
मिली जानकारी के मुताबिक तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकरापानी के सचिव सिद्धराम मसराम ने 5 फरवरी 2026 को थाना तरेगांव जंगल में शिकायत दर्ज कराई कि ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना के तहत 21 लाख 50 हजार रुपये की राशि 30 अक्टूबर 2024 को ग्राम पंचायत के खाते में जमा हुई थी. यह रकम 17 बैगा परिवारों के आवास निर्माण के लिए थी. जनपद पंचायत बोड़ला के जरिए तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी और ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को भुगतान किया गया. तत्कालीन सरपंच, सरपंच पति और सचिव के साथ बैंक जाकर पूरी राशि निकालकर आवास निर्माण के लिए सौंप दी गई. बावजूद इसके, आज तक किसी भी बैगा परिवार का आवास निर्माण शुरु नहीं किया गया.
इस मामले की जांच में सामने आया कि तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी और ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी ने मिलीभगत कर योजना की पूरी रकम हड़प ली. जिससे 17 बैगा परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. इस पर थाना तरेगांव जंगल में अपराध क्रमांक 03/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 316(5), 3(5) तथा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(व) में मामला दर्ज किया गया.
ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी उम्र 47 साल निवासी लखनपुर खुर्द, थाना बोड़ला को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. जिसमें उसने जुर्म कबूल किया। आरोपी ने बताया कि आवास निर्माण के लिए मिली रकम से खरीदी गई निर्माण सामग्री को दुसरे ठेकेदारी कार्यों में उपयोग कर लिया गया. पुलिस ने सामग्री की रसीदें और उपयोग किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है.
आरोपी को 7 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में भेज दिया गया है. वहीं पंचायत तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी घटना के बाद से फरार है. जिसकी तलाश जारी है.
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