भोजपुरी गाने पर पीएम श्री स्कूल के छात्रों संग डांस करना प्रभारी प्राचार्य को पड़ा महंगा, Viral Video के आधार पर प्रिसिपल बसंत गुप्ता सस्पेंड
Dancing with students to a Bhojpuri song at PM Shri School proved costly for the in-charge principal. Principal Basant Gupta has been suspended based on a viral video.
बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से गणतंत्र दिवस की मर्यादा को ठेस पहुंचाने वाला मामला सामने आया है. रामचंद्रपुर स्थित पीएम श्री सेजस विद्यालय में 26 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों और शिक्षकों से कथित तौर पर अश्लील भोजपुरी गानों पर डांस कराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो सामने ने के बाद प्रभारी प्राचार्य को सस्पेंड कर दिया गया है.
26 जनवरी को स्कूल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों द्वारा विवादित भोजपुरी गानों पर नृत्य किया गया था. इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. जिसके बाद आम लोगों और अभिभावकों ने राष्ट्रीय पर्व के दिन इस तरह के गानों के चयन पर कड़ी आपत्ति जताई थी.
मीडिया में खबर आने के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया. जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने तत्काल स्कूल के प्रभारी प्राचार्य बसंत गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था. प्राचार्य से प्राप्त प्रतिवेदन को संतोषजनक न पाते हुए मामले की रिपोर्ट सरगुजा संभाग आयुक्त कार्यालय को भेजी गई थी.
राजनीति भी हुई गर्म
इस मामले को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम के पूर्व दिए गए बयान से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस का आरोप है कि मंत्री के “कला कहीं भी जागृत हो सकती है” वाले बयान की वजह से ऐसे कृत्यों को बढ़ावा मिला है.
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष समीर सिंह देव ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिस दिन देश संविधान और शहीदों को याद कर रहा था, उसी दिन शासन‑प्रशासन की मौजूदगी में इस तरह की गतिविधि शर्मनाक है. उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
गणतंत्र दिवस पर उठे सवाल
26 जनवरी को जब पूरा देश देशभक्ति के रंग में रंगा हुआ था, उसी दिन मंत्री के गृह क्षेत्र से सामने आए इस वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल ही में प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे मामलों में अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद इस मामले में क्या बड़ा फैसला लिया जाता है.
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