फिंगेश्वर में अवैध रेत खनन पर बवाल, नदी की पिचिंग तोड़ने का आरोप, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे सवाल, किसानों ने जताया विरोध
Uproar over illegal sand mining in Fingeshwar; allegations of damage to riverbank reinforcement (pitching) emerge, while questions are also being raised regarding the administration's conduct; farmers have voiced their opposition.
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अवैध रेत उत्खनन का मामला सामने आया है. नगर पंचायत फिंगेश्वर क्षेत्र में स्वीकृत रेत खदान की निर्धारित सीमा से बाहर खनन किए जाने के आरोप लगे हैं. बताया जा रहा है कि गणेशपुर में स्वीकृत रेत खदान को छोड़कर ठेकेदार मणिकंचन स्थित काजू बगीचा के पास नदी से रेत निकाल रहा है. इसके लिए नदी की पिचिंग तोड़कर भारी मशीनों का इस्तेमाल किए जाने और सैकड़ों हाइवा के जरिए रेत परिवहन करने का दावा किया गया है. मामले में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
स्वीकृत खदान छोड़कर दूसरी जगह उत्खनन का आरोप
मिली जानकारी के मुताबिक फिंगेश्वर के मणिकंचन क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर गणेशपुर में रेत खदान स्वीकृत है. आरोप है कि संबंधित ठेकेदार निर्धारित खदान क्षेत्र में उत्खनन करने के बजाय काजू बगीचा मणिकंचन के पास नदी से रेत निकाल रहा है. शिकायत के मुताबिक नदी की पिचिंग तोड़कर वहां चेन माउंटेड मशीन लगाई गई है. मशीनों की मदद से बड़ी तादाद में रेत निकालकर हाइवा वाहनों के जरिए परिवहन किया जा रहा है. इस गतिविधि को लेकर स्थानीय किसानों और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है.
किसानों ने जताया विरोध, चक्काजाम की दी थी चेतावनी
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले नदी की पिचिंग तोड़े जाने को लेकर किसानों ने विरोध किया था. किसानों ने इस तरह की गतिविधियों को रोकने की मांग करते हुए चक्काजाम की चेतावनी भी दी थी. मामले की जानकारी मिलने पर राजिम एसडीएम विशाल महराणा मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने कथित तौर पर उत्खनन कार्य रुकवाया और स्वीकृत सीमा से बाहर रेत निकालने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इसके बावजूद आरोप है कि ठेकेदार ने दोबारा उसी स्थान पर उत्खनन शुरू कर दिया.
छोटे वाहन पर कार्रवाई, बड़े उत्खनन पर सवाल
इस पूरे मामले में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. करीब 15 दिन पहले देवभोग में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही सनत नागेश के लिए रेत ले जा रहे ट्रैक्टर को खनिज विभाग ने जब्त किया था. कार्रवाई से नाराज सनत नागेश एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए थे. इसके बाद उन्हें 25,600 रुपये की पेनाल्टी भरने का नोटिस दिया गया. अब फिंगेश्वर में बड़े पैमाने पर कथित अवैध रेत उत्खनन की शिकायतों के बीच विभाग की कार्रवाई की तुलना उस मामले से की जा रही है. सवाल उठ रहा है कि छोटे स्तर पर रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई करने वाला विभाग यहां तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं कर पाया.
कलेक्टर और एसपी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर रणबीर शर्मा और पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने खनिज विभाग को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं नगर पंचायत फिंगेश्वर के अध्यक्ष धनराज सूर्यवंशी ने मामले की शिकायत कलेक्टर से करने की बात कही है. नगर पंचायत क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.
खनिज अधिकारी बोलीं- जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
जिला खनिज अधिकारी अर्चना ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच के लिए माइनिंग इंस्पेक्टर को मौके पर भेजा गया है. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निराकरण में विभागीय टीम व्यस्त थी, जिसके कारण जांच में देरी हुई. फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित स्थान पर उत्खनन स्वीकृत खदान की सीमा के बाहर किया जा रहा है या नहीं. प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी. अब स्थानीय लोगों की नजर खनिज विभाग की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी हुई है.
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