मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार पर बवाल, परिवार बोला- घर का सदस्य जैसा, लोग बोले- परंपराओं के खिलाफ, केयरटेकर ने लिया 2000 रुपया

Uproar over pet dog's cremation at Muktidham: Family calls it akin to a family member, while others deem it against tradition; caretaker charged ₹2,000.

मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार पर बवाल, परिवार बोला- घर का सदस्य जैसा, लोग बोले- परंपराओं के खिलाफ, केयरटेकर ने लिया 2000 रुपया

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का दाह संस्कार करने को लेकर विवाद हो गया. स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताते हुए विरोध किया. पार्षद की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया. घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है.
मिली जानकारी के मुताबिक कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के पालतू डॉग की मौत हो गई थी. परिवार का कहना है कि डॉग उनके लिए परिवार के सदस्य की तरह था. इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते वे उसे अंतिम विदाई देने के लिए तोरवा मुक्तिधाम ले गए. परिवार के मुताबिक अनुमति लेकर हिंदू रीति-रिवाज से उसका दाह संस्कार किया गया.
वहीं, स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया. उनके मुताबिक मुक्तिधाम के केयरटेकर ने 2 हजार रुपए लेकर डॉग के दाह-संस्कार की अनुमति दी. इसके लिए नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी.
उनका कहना है कि मुक्तिधाम में किसी पशु का दाह संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी.
स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति
इधर मामले की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग, हिंदू संगठन और वार्ड नंबर 41 के पार्षद मोती गंगवानी मुक्तिधाम पहुंचे. उन्होंने दाह-संस्कार का विरोध किया. उनका कहना था कि मुक्तिधाम इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित और पवित्र स्थल है.
यहां किसी पशु का दाह-संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है.
पार्षद ने थाने में दी लिखित शिकायत
पार्षद मोती गंगवानी ने मामले को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि इंसानों के लिए निर्धारित मुक्तिधाम में जानवर का दाह-संस्कार किया गया. जो धार्मिक परंपरा और आस्था का अपमान है. उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है.
मालकिन बोलीं- किसी की भावना आहत करना मकसद नहीं
वहीं, कुत्ते की मालिक का कहना है कि वह उनके परिवार का सदस्य था. उसकी मौत से पूरा परिवार बेहद दुखी था. इसी वजह से उन्होंने सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया. उनका मकसद किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था.
केयरटेकर पर 2 हजार लेकर अनुमति देने का आरोप
स्थानीय लोगों ने मुक्तिधाम के केयरटेकर पर 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के दाह-संस्कार की अनुमति देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि इसके लिए नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी. लोगों ने मामले में कार्रवाई की मांग की.
ASP बोले- पुलिस हस्तक्षेप का मामला नहीं
मामले में मिडिया ने तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया. लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. वहीं, एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी. परिवार के लोग उससे काफी लगाव रखते थे, इसलिए उसे अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले गए और विधि-विधान से दाह-संस्कार किया.
उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों और स्थानीय संगठनों ने मौके पर पहुंचकर आपत्ति जताई और विरोध किया. फिलहाल मामला पुलिस के हस्तक्षेप का नहीं है. इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
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