पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 20वीं किश्त जारी, CM साय ने दी जशपुर में 24 नए छात्रावास के लिए 41 करोड़ 59 लाख की दी मंजूरी

20th installment released to farmers under PM Kisan Samman Nidhi Yojana, CM Sai approved Rs 41 crore 59 lakh for 24 new hostels in Jashpur

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 20वीं किश्त जारी, CM साय ने दी जशपुर में 24 नए छात्रावास के लिए 41 करोड़ 59 लाख की दी मंजूरी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के किसानों को 20वीं किश्त जारी

रायपुर : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत् प्रदेश के 25 लाख 46 हजार 792 किसानों को माह अगस्त 2025 में 20वीं किश्त के रुप में 567.773 करोड़ रूपए की रकम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उनके खातों में अंतरित किए गए हैं.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023-24 में 23 लाख 73 हजार 906 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिला। वहीं इन 2 साल में 1 लाख 72 हजार 886 किसान बढ़कर अब वर्ष 2025-26 में 25 लाख 46 हजार 792 किसान हो गए हैं.
पी.एम. किसान पोर्टल का अपग्रेडेशन किया गया और एक ही परिवार के सदस्यों का चिन्हांकन राशन कार्ड पोर्टल के डेटाबेस से मिलान कर किया जा रहा है. योजनांतर्गत एक परिवार (पति, पत्नि एवं नाबालिक बच्चे) के एक ही सदस्य को लाभ लेने की पात्रता है. लेकिन अगर एक जमीन का स्वामित्व एक से ज्यादा परिवार (संयुक्त खाता धारक) के पास हो तो सभी परिवार के एक-एक सदस्य को लाभ मिल सकता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

CM साय ने दी जशपुर में 24 नए छात्रावास के लिए 41 करोड़ 59 लाख की दी मंजूरी

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने गृह जिला जशपुर को अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं ग्रामों में 24 नए छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए 41 करोड़ 59 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है.
जिले में नए छात्रावास भवन निर्माण के लिए पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास जशपुर के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लोदाम के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पैकु के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास मनोरा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बगीचा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास रौनी के लिए 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल के लिए 2 करोड़ 89 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास पतराटोली के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन दुलदुला के लिए 1 करोड़ 92 लाख रूपए की स्वीकृति जारी की गई है.
इसी प्रकार प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दुलदुला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कुनकुरी वार्ड 2 में 1 करोड़ 53 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 92 लाख,पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तपकरा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास लवाकेरा 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति शामिल हैं। प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास पंडरीपानी 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कांसाबेल 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बटाईकेला 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास दोकड़ा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 92 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोतबा 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास बागबहार 1 करोड़ 53 लाख रूपए, प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास भवन गाला के लिए 1 करोड़ 53 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है,जिसका निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाएगा.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

स्कूली बच्चों के खाते में 21 लाख रुपये ट्रांसफर

बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में घटित एक ऐसी घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया. 28 जुलाई को पलारी विकासखंड के ग्राम लच्छनपुर स्थित शासकीय मिडिल स्कूल में मिड-डे मील के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई थी. आरोप था कि बच्चों को जो भोजन परोसा गया था. वह पहले कुत्तों द्वारा खाया गया था. इस घटना ने ग्रामीणों और अभिभावकों में गुस्सा भड़का दिया था. मामले के तूल पकड़ने के बाद यह मुद्दा उच्च अदालत तक पहुंचा.
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने इस मामले को गंभीर मानते हुए प्रभावित बच्चों को मुआवजा देने का आदेश जारी किया. अदालत ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर पड़े नकारात्मक प्रभाव की भरपाई के लिए यह कदम जरुरी है.
प्रशासन ने उच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए 84 छात्रों के बैंक खातों में कुल 21 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर किया. हर बच्चे को 25,000 रुपये का मुआवजा दिया गया.
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संजय गुहे ने बताया, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी. जांच में लापरवाही साबित हुई थी, जिसके बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है. 
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं बच्चों में स्कूल और मिड-डे मील योजना के प्रति अविश्वास पैदा कर सकती हैं। मिड-डे मील योजना का मकसद बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, ताकि वे नियमित रुप से स्कूल आएं और कुपोषण से बचें. लेकिन जब इस योजना में इस तरह की लापरवाही होती है तो यह योजना के मूल उद्देश्य को ही कमजोर कर देती है.
लच्छनपुर कांड में मुआवजा दिए जाने के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कितनी प्रभावी ढंग से निगरानी व्यवस्था को लागू करता है. यह मामला पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों के स्वास्थ्य और भोजन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t

आज 17 सितम्बर को छत्तीसगढ़ के 1 लाख 84 हजार श्रमिकों के खाते में मुख्यमंत्री साय डालेंगे 65.16 करोड़ रुपए

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 17 सितम्बर को दोपहर 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के मौके पर श्रम विभाग द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर करेंगे.
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन करेंगे. इस मौके पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है.
मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t