नदी पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल, पास में फंसी मिली पुलिस की गाड़ी, परिजनों ने जताई पिटाई से मौत की आशंका, जांच के आदेश
A young man's suspicious death on a river sparked a commotion; a police vehicle was found stranded nearby. Family members suspected he died from a beating, and an investigation was ordered.
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : जिले के केल्हारी क्षेत्र में एमपी-सीजी सीमा पर बहने वाली बरने नदी अब सिर्फ रेत के लिए नहीं। बल्कि एक युवक की मौत की वजह से चर्चा में है. अवैध उत्खनन की आशंका, पुलिस पर गंभीर आरोप और ग्रामीणों का विरोध पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीण सोनू चक्रधारी सुबह ट्रैक्टर लेकर बरने नदी गया था. परिजनों का कहना है कि वह प्रधानमंत्री आवास (PM आवास) निर्माण के लिए रेत लेने गया था. सीमा क्षेत्र में रेत निकालना पहले से विवादों में रहा है. कुछ ही देर बाद खबर फैली कि सोनू की मौत हो गई है.
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि युवक की मौत कथित रुप से एमपी पुलिस की पिटाई से हुई. हालांकि प्रशासन की तरफ से अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. मध्यप्रदेश के जैतपुर थाना की पुलिस की गाड़ी नदी किनारे फंसी मिली जिसे छत्तीसगढ़ की केल्हारी पुलिस ने थाना लाया । घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जैतपुर थाना क्षेत्र की दरशीला पुलिस चौकी की एक गाड़ी बरने नदी के पास फंसी हुई मिली। वही ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस टीम वाहन छोड़कर वापस लौट गई. यह सवाल खड़ा हो रहा है कि अगर कार्रवाई हो रही थी तो पुलिस वाहन मौके पर क्यों छूटा? क्या वहां किसी तरह की झड़प हुई?
जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची. बड़ी तादाद में ग्रामीण बरने नदी और आसपास के क्षेत्र में जमा हो गए. नारेबाजी और विरोध शुरु हो गया. ग्रामीणों ने मांग किया कि मौत की न्यायिक जांच हो, पोस्टमार्टम पारदर्शी तरीके से कराया जाए, अगर पिटाई से मौत हुई है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज हो. हालात को नियंत्रित करने के लिए केल्हारी पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किया गया.
बरने नदी का यह इलाका लंबे समय से रेत उत्खनन को लेकर संवेदनशील रहा है. सीमा क्षेत्र होने के कारण अधिकार क्षेत्र को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनती है. ग्रामीणों का आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर अवैध उत्खनन चलता है.
इस घटना ने फिर वही सवाल खड़ा कर दिया है
क्या रेत का कारोबार कानून से बड़ा हो गया है?
क्या सीमा क्षेत्र में जवाबदेही तय करना मुश्किल है?
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए हैं. पूरे मामले ने राजनीतिक रंग लेना शुरु कर दिया है. घटनास्थल पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो पहुंच कर पीड़ित परिवार से मिलकर प्रशासन से उच्चस्तरीय जाँच की मांग की. वही मौके पर पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह भी पहुंच कर सभी पहलुओं की जाँच के आदेश दिए है. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है.
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