धान खरीदी केंद्र में चल रहा है मनमानी राज,किसान हो रहे परेशान, समितियों धान का उठाव नहीं होने पर 10 दिसंबर से धान की खरीदी पूरी तरह से बंद

Arbitrary rule is being run in the paddy procurement center farmers are getting worried due to non upliftment of paddy by the committees paddy procurement is completely stopped from December 10

धान खरीदी केंद्र में चल रहा है मनमानी राज,किसान हो रहे परेशान, समितियों धान का उठाव नहीं होने पर 10 दिसंबर से धान की खरीदी पूरी तरह से बंद

सूरजपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव से के गृह जिला सूरजपुर में कोरिया के सरहद रामानुज नगर ब्लाक के उमापुर धान खरीदी केंद्र में इस समय धान खरीदी प्रबंधन की मनमानी चल रही है. यह कहना गलत नहीं होगा. क्योंकि किसान हलाकान है. इसकी वजह समिति में तौल से ज्यादा धन लेने की शिकायत है. किसी भी समिति में कहीं पर भी यह नहीं लिखा है कि किसानो को धान की बोरी में कितना धान देना है. कहीं पर 40.700 किलोग्राम लिया जा रहा है. तो कहीं 41.500 से 42 किलो तक भी लिया जा रहा है. ऐसा क्यों हो रहा है यह समझ के परे है.
लेकिन वहीं धान खरीदी केंद्र में कोई समस्या ना हो इसके लिए लगातार तहसीलदार एसडीएम के दौरे हो रहे हैं. उसके बावजूद इस प्रकार की शिकायतें आना कहीं ना कहीं उसे निरीक्षक को भी ठेंगा दिखा रहे हैं.
ग्राम पंचायत उमापुर में धान खरीदी केंद्र संचालित हो रहा है. जिसके संचालनकर्ता शाखा प्रबंधक है जो विगत सालो से विवादित रहा है. उमापुर धान खरीदी केंद्र में मिली शिकायत के मुताबिक जांच अधिकारी केंद्र में पहुँचे तो वहाँ तौल में गड़बड़ी पाया गया.
शासन के निर्देशानुसार तौल का तय मापदण्ड 40.700 किलो ग्राम है, तो उमापुर समिति केंद्र में समिति प्रबंधक द्वारा 41.200, और 41.500 किलो ग्राम माप किया जा रहा है. जिससे किसान काफी नाराज हैं.
समिति प्रबंधक का शिकायत किसानों द्वारा बार बार कलेक्टर एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से किया जा चुका है. लेकिन अभी तक इस तानाशाह प्रबंधक के खिलाफ कोई सकारात्मक कार्यवाही नही किया गया है.
किसानों द्वारा बताया जा रहा हैं कि प्रबंधक का कहना है जिसको जहां शिकायत करना है कर ले. मेरे रिश्तेदार का बड़े-बड़े नेताओ से संर्पक हैं. वही कांग्रेस सरकार में समिति प्रबंधक कांग्रेस के जिला पदाधिकारी भी रह चुके हैं.
ऐसे में छढ़ के किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. पिछले साल एक शिकायत और था जिसमे खरीब एवं रवि फसल में किसानों को लोन लेने में मुसीबतों का सामना करना पड़ता था तो वही अपने निजी व्यक्तियों को शासन के पैसे का दुरुपयोग करते हुए लिमिट से ज्यादा लोन भुगतान किए हैं. ऐसे में किसान त्रस्त अधिकारी मस्त इतनी बड़ी घोटाले होने के बाद भी अधिकारी कोई कार्यवाही नही कर रहे हैं.
जबकि समिति प्रबंधक को हटाने के लिए कितने बार आवेदन दिए जा चुके हैं. 5/06/2024 को धान केंद्र उमापुर में खाद्य अधिकारी, मिडिया और तसीलदार, एसडीएम द्वारा कार्यवाही की गई है. जिसमे अभी तक से एसडीएम द्वारा या तसीलदार या खाद्य अधिकारी और मिडिया द्वारा कोई टिप्पणी नहीं की है.
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धान समिति केन्द्रों में धान हुआ जाम, 10 से खरीदी होगी बंद

महासमुंद : महासमुंद जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में धान के स्टॉक जमा होने और धान उठाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से परेशान धान समिति केन्द्रों के प्रभारियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर आगामी 10 दिसंबर से धान खरीदी बंद करने की चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा दिया.
समितियों के प्रभारियों ने जिला कलेक्टर सहित तमाम अधिकारियों को 3 दिसंबर को ही इस बात की खबर देते हुए धान उठाव का निवेदन किया था लेकिन 7 दिसम्बर हो जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से चिंतित समितियों के प्रभारियों ने ये ऐलान कर दिया कि धान का उठाव समितियों से नहीं होने की स्थिति ने 10 दिसंबर से धान की खरीदी पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी.
 छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की मंशा अनुरूप जिले के 183 धान खरीदी केंद्रों में 14 नवम्बर से धान की खरीदी नीति के परिपालन में जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों में सुचारु रुप से धान खरीदी किया जा रहा है. लेकिन अब तक धान का उठाव नहीं होने की वजह से समितियों में भारी मात्रा में धान जाम हो गया है. इसके अलावा मौसम के बिगड़ते मिज़ाज ने समिति प्रभारियों की चिंता और बढ़ा दी है.
6 दिसंबर को सौंपे ज्ञापन के जरिए जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ द्वारा अंतिम चेतावनी देते हुए पत्र का लेख में जिले के समस्त उपार्जन केन्द्रों में बफर लिमिट से ज्यादा धान की खरीदी हो गई है.
इसके बाद धान उपार्जन केन्द्रों से धान के परिवहन के अभाव में बफर लिमिट से अधिक धान की खरीदी हो जाने तथा खरीदी धान को फड़ में रखने के लिए जगह का अभाव हो रहा है. जिससे जगह के अभाव में उपार्जन केन्द्रों के द्वारा धान खरीदी करना संभव नहीं है. जिसकी सूचना शासन प्रशासन को दिनांक 3 दिसम्बर को अवगत करा दिया गया है. बावजूद आज तक तक धान का उठाव हेतु व्यवस्था नहीं किया गया है.
धान का उठाव समिति से समय पर न होने के कारण तथा जिले के सभी समिति के द्वारा 9 दिसम्बर तक समस्त धान परिवहन की व्यवस्था न होने की स्थिति में आगामी दिनांक 10 दिसम्बर को शासन की महत्वपूर्ण योजना धान खरीदी जिले के सभी उपार्जन केन्द्रों के द्वारा बंद करनी पड़ेगी. जिसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी.
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