सड़क पर बिछी अर्थी, रोती महिलाएं और जुटी भीड़, फिंगेश्वर में निकली एक लाश ने मचा दी हलचल, सब रह गए हैरान, अभियान बना चर्चा का विषय

A bier laid out on the road, weeping women, and a gathering crowd—a funeral procession in Fingeshwar caused a stir, leaving everyone stunned and turning the campaign into a topic of discussion.

सड़क पर बिछी अर्थी, रोती महिलाएं और जुटी भीड़, फिंगेश्वर में निकली एक लाश ने मचा दी हलचल, सब रह गए हैरान, अभियान बना चर्चा का विषय

गरियाबंद : गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में नशे के खिलाफ एक अनोखा जनजागरूकता अभियान देखने को मिला. गायत्री परिवार द्वारा लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए प्रतीकात्मक "शव यात्रा" निकाली गई. अर्थी के साथ निकाली गई इस यात्रा का मकसद लोगों का ध्यान आकर्षित कर समाज को नशामुक्ति का संदेश देना था.
फिंगेश्वर की सड़कों पर जब अर्थी के साथ शव यात्रा निकली तो लोग हैरान रह गए. लेकिन यह किसी व्यक्ति की अंतिम यात्रा नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए गायत्री परिवार द्वारा निकाली गई प्रतीकात्मक शव यात्रा थी। यात्रा के जरिए लोगों को बताया गया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए कितना घातक साबित हो सकता है.
गायत्री परिवार के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे ज्यादा युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं. और अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं. युवाओं को सही मार्गदर्शन देने वाला कोई नहीं है. इसलिए इस तरह के अभियान चलाकर उन्हें नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है.
अभियान के दौरान गायत्री परिवार ने नशे के "इनाम" भी बताए. उनका कहना था कि नशा करने वालों को पहला इनाम कैंसर, दूसरा इनाम टीबी और तीसरा इनाम सीधी मौत के रूप में मिलता है. इस संदेश के जरिए लोगों को नशे के भयावह परिणामों से अवगत कराया गया.
इस जनजागरूकता रैली में स्कूली छात्राओं, गायत्री परिवार के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी तादाद में नागरिकों ने हिस्सा लिया. सभी ने मिलकर नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया और युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की.
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शराब को विकास का आधार मान रही भाजपा सरकार, मंत्री लखनलाल देवांगन का बयान प्रदेश के लिए शर्मनाक
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रभारी महामंत्री (संगठन) और जिला कांग्रेस कमेटी महासमुंद के पूर्व जिला अध्यक्ष अमरजीत चावला ने प्रदेश के मंत्री लखनलाल देवांगन के उस बयान की कड़ी निंदा की. जिसमें उन्होंने कहा कि शराब से मिले राजस्व के जरिए प्रदेश का विकास हो रहा है और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए रकम उपलब्ध कराई जा रही है.
चावला ने कहा कि मंत्री का यह बयान सिर्र्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं. बल्कि भाजपा सरकार की आर्थिक सोच, विकास मॉडल और जनकल्याण के प्रति उसकी वास्तविक मानसिकता का सार्वजनिक स्वीकारोक्ति है. किसी भी संवेदनशील और दूरदर्शी सरकार का विकास मॉडल उद्योग, कृषि, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और निवेश पर आधारित होता है. लेकिन छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के मंत्री खुद यह बता रहे हैं कि उनकी योजनाओं और विकास का आधार शराब से होने वाली कमाई है.
उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के समय प्रदेश में सुशासन, रोजगार, आर्थिक समृद्धि और विकास के बड़े-बड़े वादे किए थे. लेकिन सत्ता में आने के बाद अब उसके मंत्री यह कबूल कर रहे हैं कि सरकार की योजनाएं शराब बिक्री से मिली राजस्व पर निर्भर हैं. इससे साफ है कि भाजपा सरकार के पास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कोई ठोस रोडमैप नहीं है.
अमरजीत चावला ने सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार यह मानती है कि जितनी ज्यादा शराब बिकेगी,.प्रदेश उतना ज्यादा विकसित होगा? क्या महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के नाम पर संचालित महतारी वंदन योजना का आर्थिक आधार शराब की कमाई होना चाहिए? अगर सरकार की सोच यही है तो यह महिलाओं, युवाओं और परिवार व्यवस्था के प्रति उसकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है.
उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार नशामुक्त समाज की बातें तो करती है. वहीं दूसरी तरफ उसके मंत्री शराब बिक्री को विकास का जरिया बताकर उसका महिमामंडन कर रहे हैं. यह भाजपा का दोहरा चरित्र है. जिसे प्रदेश की जनता भली-भांति समझ चुकी है.
चावला ने कहा कि आज प्रदेश के कई परिवार शराब और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति की वजह से आर्थिक, सामाजिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं. घरेलू हिंसा, सड़क हादसों और सामाजिक विघटन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. लेकिन सरकार इन गंभीर मुद्दों की चिंता करने के बजाय शराब से मिलने वाले राजस्व को अपनी उपलब्धि बताने में लगी हुई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में शराब और सूखे नशे के कारोबार को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिला है. गांव-गांव और गली-गली में नशे का जाल फैलता जा रहा है. भाजपा नेता शराब दुकानों का फीता काटकर उद्घाटन कर रहे हैं. शराब की ओवररेट बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं और सरकार राजस्व बढ़ाने के नाम पर नैतिक जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रही है.
अमरजीत चावला ने कहा कि भाजपा सरकार को प्रदेश की जनता को यह बताना चाहिए कि उसने रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश, किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कौन-सी ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. अगर सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि शराब बिक्री से मिली आय है, तो यह प्रदेश के भविष्य के लिए बहुत ज्यादा चिंताजनक संकेत है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं, किसानों, युवाओं और आम जनता के हितों की लड़ाई लगातार लड़ती रही है. और आगे भी लड़ती रहेगी. भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, नशे को बढ़ावा देने वाली सोच और विकास के नाम पर किए जा रहे भ्रामक प्रचार का कांग्रेस हर स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी.
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