सात दिवसीय संघर्ष के आगे झुका प्रशासन: रुवाड़ स्कूल के लिए चार अतिरिक्त कमरों की मिली स्वीकृति, ग्रामीण बोले- नए भवन की मांग पर भी जारी रहेगी उम्मीद
Administration yields after seven-day struggle: Approval granted for four additional classrooms for Ruwad School; villagers say hope remains for a new building as well.
गरियाबंद/छुरा : गरियाबंद जिला में छुरा विकासखंड के ग्राम रुवाड़ में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों, पालकों और क्षेत्रवासियों द्वारा चलाया गया सात दिवसीय आंदोलन आखिरकार रंग लाया। लगातार धरना-प्रदर्शन और ग्रामीणों की एकजुटता के बाद जिला प्रशासन ने तत्कालिक आवश्यकता को देखते हुए विद्यालय के लिए VBG-RAMG योजना अंतर्गत चार अतिरिक्त कक्ष निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है. वहीं, विद्यालय के लिए पूर्ण नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शासन को फिर से भेजे जाने की बात कही गई है.
विद्यालय भवन की मांग को लेकर ग्रामीण एवं पालक पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे थे. ग्रामीणों का कहना था कि विद्यालय में पर्याप्त भवन एवं कक्ष उपलब्ध नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को अध्ययन-अध्यापन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसी परेशानी को लेकर ग्रामीणों ने बारिश सहित कई परेशानियों के बावजूद अपना आंदोलन जारी रखा. स्वतंत्रता दिवस के दिन भी ग्रामीणों और पालकों ने धरना जारी रखते हुए अपनी मांग शासन-प्रशासन तक पहुंचाई.
आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी सहयोग मिला. लगातार सात दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहल की.
17 अगस्त को धरना स्थल पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी
17 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर धरना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों एवं पालकों से चर्चा की. इस दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय के लिए पूर्ण नए भवन निर्माण की अपनी मांग को उनके सामने रखा.
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रुवाड़ में VBG-RAMG योजना अंतर्गत चार अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए जिला कलेक्टर गरियाबंद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है. कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा इसकी लिखित जानकारी दी गई है.
जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर ने बताया कि रुवाड़ में हाई स्कूल भवन की स्वीकृति के लिए पूर्व में भी शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि आगे भी नए भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा. फिलहाल विद्यालय की तात्कालिक आवश्यकता को देखते हुए चार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए कलेक्टर द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है.
चार कमरों से तत्काल राहत, लेकिन नए भवन की मांग बरकरार
चार अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों को तत्काल राहत की उम्मीद है. हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी मांग की पहली बड़ी उपलब्धि है. लेकिन विद्यालय के लिए पूर्ण नए भवन का निर्माण उनकी मूल मांग है. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि शासन स्तर पर भेजे जाने वाले नए भवन के प्रस्ताव को भी जल्द मंजूरी मिलेगी.
सरपंच ने जताया आभार
ग्राम पंचायत रुवाड़ के सरपंच विजयकृष्ण नागेश ने चार अतिरिक्त कमरों की स्वीकृति मिलने पर समस्त ग्रामवासियों, पालकों एवं क्षेत्र के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकजुटता, संघर्ष और निस्वार्थ प्रयासों की जीत है.
सरपंच ने आंदोलन में मदद करने वाले सभी संघर्षशील साथियों, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों तथा आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गरियाबंद जिला पुलिस के जवानों का भी विशेष आभार जताया. उन्होंने कहा कि मीडिया के जरिए ग्रामीणों की समस्या शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंची. वहीं पुलिस जवानों ने आंदोलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई.
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चार अतिरिक्त कमरों की स्वीकृति सात दिनों के संघर्ष की पहली बड़ी उपलब्धि है. इससे विद्यार्थियों को आने वाले समय में कक्ष संचालन के लिए राहत मिलेगी. हालांकि ग्रामीणों की नजर अब शासन को भेजे जाने वाले नए विद्यालय भवन के प्रस्ताव पर टिकी हुई है.
सात दिनों तक चले आंदोलन के बाद चार अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति को रुवाड़ के ग्रामीणों की एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत माना जा रहा है, अब देखना होगा कि शासन स्तर पर नए विद्यालय भवन के प्रस्ताव को कब तक मंजूरी मिलती है,
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