फिलिस्तीन झंडा विवाद पर सर्व दलीय मंच ने किया शांति की अपील, शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश -गुरु घासीदास सेवादार संघ संयोजक लखन सुबोध

All party platform appeals for peace on Palestine flag dispute conspiracy to spoil the atmosphere of the city Guru Ghasidas Sevadar Sangh convenor Lakhan Subodh

फिलिस्तीन झंडा विवाद पर सर्व दलीय मंच ने किया शांति की अपील, शहर का माहौल बिगाड़ने की साजिश -गुरु घासीदास सेवादार संघ संयोजक लखन सुबोध

बिलासपुर : हाल ही में बिलासपुर के तारबाहर क्षेत्र में फिलिस्तीन का झंडा फहराने के नाम पर उत्पन्न हुए विवाद ने शहर में शांति भंग करने की आशंकाओं को जन्म दिया है. इस घटना के बाद पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले को गंभीर साजिश करार देते हुए सर्व दलीय मंच ने इसे शहर की सामाजिक समरसता को बिगाड़ने का प्रयास बताया है. मंच ने प्रशासन से संवैधानिक और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है. ताकि शहर के शांतिपूर्ण माहौल को बनाए रखा जा सके.
मंगलवार को तारबाहर क्षेत्र में एक आयोजन के दौरान फिलिस्तीन का झंडा फहराने को लेकर विवाद खड़ा हुआ. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. हालांकि संयुक्त नागरिक मंच और कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना को समुदायों के बीच विवाद भड़काने की कोशिश के रुप में देखा. उनका आरोप है कि फिलिस्तीन झंडे के इस्तेमाल को हिंदू संगठनों ने गलत तरीके से पेश कर पुलिस पर दबाव बनाया और निर्दोष लोगों पर कार्रवाई कराई गई.
बिलासपुर प्रेस क्लब में बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में सर्व दलीय मंच ने शांति और सद्भाव की अपील की. गुरु घासीदास सेवादार संघ के संयोजक लखन सुबोध ने भाजपा और आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे शहर में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि फिलिस्तीन भारत का मित्र देश है. और वहां के झंडे को लेकर इस तरह की प्रतिक्रिया बेहद असंवेदनशील है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम ऐसे नफरत भरे माहौल में बच्चों का सुरक्षित भविष्य देख सकते हैं?
संयुक्त नागरिक मंच के प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि शहर में जो कुछ हो रहा है. वह भारतीय संविधान और कानून की भावना के खिलाफ है. समाजसेवी नंद कश्यप ने फिलिस्तीन मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राष्ट्र है. और भारत ने भी इसके समर्थन में कदम उठाए हैं. उन्होंने इस घटना को शहर की शांति और सामाजिक एकता के लिए गंभीर खतरा बताया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की.
अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने त्योहार के दौरान साज-सज्जा की थी. उन्हें जबरन आरोपी बना दिया गया. इसके अलावा उनकी जमानत के प्रयास में भी प्रशासन का सहयोग नहीं मिला. उन्होंने इसे हिंदू संगठनों के दबाव में की गई अनुचित कार्रवाई बताया और मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए निष्पक्षता बरती जाए.
इस घटना के बाद सर्व दलीय मंच ने शहर में अमन-चैन की बहाली और समरसता का संदेश देने के लिए आगामी दिनों में प्रदर्शन करने की घोषणा की है. मंच का कहना है कि देश संविधान से चलता है. न कि धार्मिक भावनाओं से. इस तरह के तनावपूर्ण माहौल से न सिर्फ शहर का सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है. बल्कि इससे देश की एकता और अखंडता पर भी आंच आती है.
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