11 साल बाद मनरेगा महाघोटाला बेनकाब, फर्जी बिल-कूटरचित दस्तावेज और 30 लाख का गबन, तत्कालीन जनपद CEO श्रवण मरकाम गिरफ्तार
After 11 years, MNREGA mega scam exposed: Fake bills, forged documents and embezzlement of Rs 30 lakh; then District CEO Shravan Markam arrested
बलरामपुर : जनपद पंचायत वाड्रफनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में मुरुम मिट्टी, सड़क, पुलिया, तटबंध और डब्लूबीएम निर्माण के नाम पर फर्जी बिल और कूटरचित दस्तावेजों से 30 लाख रुपये से ज्यादा की सरकारी रकम के गबन के मामले में सालों से फरार चल रहे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है यह मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस के मुताबिक वर्ष 2013-14 में श्रवण मरकाम वाड्रफनगर जनपद पंचायत में CEO के पद पर पदस्थ थे. इस दौरान कुटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि गबन का मामला सामने आया था. जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई.
इस मामले में पहले ही अश्विनी कुमार तिवारी सहित सप्लायर हरिहर यादव, कुजलाल साहू और रोजगार सहायक गिरीश यादव को जेल भेजा जा चुका है. जबकि अन्य शामिल आरोपियों की तलाश अभी जारी है. पूछताछ में आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी ने एस. के. मरकाम और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर 30,02,449 रुपये की शासकीय राशि के गबन की बात कबूल की. इसी खुलासे के बाद सालों से फरार तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रवण कुमार मरकाम उर्फ एस.के. मरकाम को हिरासत में लिया गया.
पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, इस मामले को लेकर वाड्रफनगर पुलिस की जांच आगे भी जारी है. सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है.
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