पति को मारकर नीले-ड्रम में भरने वाली मुस्कान को फांसी की सजा, बॉयफ्रेंड साहिल को भी सजा-ए-मौत, अदालत में बोली- मेरी बच्चियों का ध्यान रखना
Muskan, who killed her husband and stuffed his body into a blue drum, sentenced to death; boyfriend Sahil also handed the death penalty; she told the court, "Take care of my daughters."
मेरठ : चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड जिसे ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से भी जाना जाता है. इस केस में आखिरकार अदालत का बड़ा फैसला आ गया है. मेरठ की अदालत ने 14 अक्टूबर 2025 को इस सनसनीखेज मामले में दोषी पाई गई मुस्कान रस्तोगी और उसके बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है. जब जज ने साहिल से पूछा कि क्या उसने पहले कभी कोई जुर्म किया है. तो उसने इंकार कर दिया वहीं, जब मुस्कान से पूछा गया कि वह क्या सजा चाहती है.. तो उसने रोते हुए कहा कि उसकी बेटी छोटी है, उसका ख्याल रखा जाए.
क्या था पूरा मामला?
हत्या की तारीख: 3 मार्च 2025 को मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी.
शव ठिकाने लगाने का तरीका: हत्या के बाद क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए सौरभ के शव को 5 टुकड़ों में काटा गया और फिर उसे एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से हमेशा के लिए जमा दिया गया था.
गिरफ्तारी: पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मृतक की पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया था.
ट्रायल और दोषसिद्ध: जुलाई 2025 में इस मामले का ट्रायल जिला अदालत में शुरू हुआ था. इसके बाद 30 सितंबर 2025 को कोर्ट ने दोनों को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया था. और आज (14 अक्टूबर) इन्हें फांसी की सजा मुकर्रर कर दी गई.
सजा के मुख्य आधार और बड़े सबूत
अभियोजन पक्ष और पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए गए ठोस सबूतों के आधार पर दोनों को सजा सुनाई गई है. जिनमें ये मुख्य बिंदु शामिल हैं.
हत्या वाली रात साहिल को सौरभ के घर जाते देखने वाले चश्मदीद गवाह का बयान
कत्ल में इस्तेमाल चाकू और उस्तरे का मुस्कान व साहिल की निशानदेही पर बरामद होना
बरामद आलाकत्ल (हथियार) पर मानव रक्त का पाया जाना
दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया की चैट्स
सौरभ के दोस्त संजीव पाल की गवाही और उसकी कॉल डिटेल्स
घटना के वक्त जिन-जिन होटलों में मुस्कान और साहिल ठहरे थे, वहाँ के सीसीटीवी फुटेज और होटल मैनेजर के बयान
मामले में कुल 22 गवाहों की अहम गवाहियाँ
मुस्कान के माता-पिता ने किया किनारा
इस जघन्य हत्याकांड के सामने आने के बाद परिवार और समाज में भारी आक्रोश देखा गया. सजा के ऐलान से पहले बुधवार को मुस्कान के माता-पिता ने एक लिखित पत्र पुलिस के जरिए अदालत को सौंपा था. पत्र में उन्होंने साफ किया था कि मुस्कान को चाहे जो भी सजा मिले. उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने लिखा कि वे कभी अपनी बेटी से नहीं मिलेंगे और उसे सिर्फ फांसी होनी चाहिए. यहां तक कि उन्होंने मुस्कान की छोटी बेटी से भी किसी तरह का संबंध रखने से इंकार कर दिया था.
सरकारी वकील केके चौबे ने अदालत में दोनों के लिए कठोरतम सजा की मांग की थी. जिसे अदालत ने कबूल करते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई है.
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