कल 5 नवंबर को 3500 से ज्यादा गुस्साये CHO करेंगे स्वास्थ्य भवन का घेराव, 3–4 साल से लंबित इंसेंटिव भुगतान को लेकर आर-पार की लड़ाई
Tomorrow, November 5, over 3,500 agitated CHOs will lay siege to Swasthya Bhawan, marking a decisive showdown over incentive payments that have remained pending for 3–4 years.
रायपुर : छत्तीसगढ़ में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) अपनी लंबित इंसेंटिव राशि के भुगतान, कैडर के खिलाफ कथित दंडात्मक कार्रवाई और कार्य-संबंधी बढ़ती समस्याओं के खिलाफ कल 5 नवंबर को नवा रायपुर स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कार्यालय 'स्वास्थ्य भवन' का घेराव करेंगे. छत्तीसगढ़ प्रदेश कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर संघ ने शासन और NHM अधिकारियों से समयबद्ध हस्तक्षेप की मांग करते हुए राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार के मुताबिक तय दिशा-निर्देशों के तहत हर महीने मिलने वाले इंसेंटिव के लिए CHOs को पिछले तीन-चार सालों से बार-बार प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने पड़ रहे हैं.
नियमत: हर महीने की 10 तारीख तक PLP पोर्टल के जरिए सत्यापन पूरा कर भुगतान करने के निर्देश हैं. लेकिन जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की लापरवाही और पोर्टल की गड़बड़ियों की वजह से महीनों से भुगतान अटका हुआ है.
संघ ने कथित इंसेंटिव घोटाले की जांच में CHOs पर की जा रही चयनात्मक कार्रवाई का भी विरोध किया है. संघ का कहना है कि इंसेंटिव का भुगतान उप-स्वास्थ्य केंद्रों के प्रदर्शन और स्वास्थ्य सूचकांकों पर आधारित होता है. इसलिए जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और इसमें संबंधित सभी कर्मियों की भूमिका और रिकॉर्ड शामिल किए जाने चाहिए.
CHOs संघ की पांच प्रमुख मांगें:
इंसेंटिव घोटाले के नाम पर केवल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के विरुद्ध जारी द्वेषपूर्ण एवं अनुचित आदेश को तत्काल निरस्त/संशोधित किया जाए तथा विगत 7–8 माह की लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए.
प्रोत्साहन राशि भुगतान में लगातार हो रही अनियमितताओं एवं अव्यवस्थाओं को समाप्त करने के लिए प्रोत्साहन राशि को सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के मूल वेतन में समायोजित किया जाए.
उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर पदस्थ समस्त मानव संसाधन के अस्पष्ट कार्य-दायित्वों (TOR) का पुनरीक्षण कर प्रत्येक पद के अनुरूप स्पष्ट एवं न्यायसंगत कार्य-विभाजन सुनिश्चित किया जाए.
सुकमा जिले में PLP पोर्टल पर सत्यापन के उपरांत निर्धारित ग्रेड के विपरीत मनमाने तरीके से प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने के मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों/कर्मचारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा भुगतान की अंतर राशि तत्काल प्रदान की जाए.
प्रत्येक माह की 10 तारीख तक प्रोत्साहन राशि के सत्यापन एवं भुगतान संबंधी शासन तथा राज्य कार्यालय के निर्देशों का पालन नहीं करने और अनावश्यक विलंब करने वाले जिला एवं ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए.
प्रदेश अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने कहा है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्रदेश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. इसके बावजूद उनके आर्थिक हितों, कार्य परिस्थितियों एवं सेवा संबंधी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है. अगर राज्य कार्यालय द्वारा जारी आदेशों का पालन जिला एवं ब्लॉक स्तर पर सुनिश्चित नहीं कराया जा सकता तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने में CHOs की मुख्य भूमिका है. लेकिन उनकी आर्थिक सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों की अनदेखी की जा रही है. अगर 5 नवंबर से पहले मांगें पूरी नहीं हुईं तो व्यापक और चरणबद्ध आंदोलन शुरु किया जाएगा.
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