नगर पंचायत में सारे विकास कार्य कांग्रेस सरकार की देन, भाजपा सरकार में विकास के नाम पर सिर्फ जुमलेबाजी -सुनीता श्रीवास

All the development work in Nagar Panchayat is the contribution of Congress government only lip service in the name of development in BJP government - Sunita Shriwas

नगर पंचायत में सारे विकास कार्य कांग्रेस सरकार की देन, भाजपा सरकार में विकास के नाम पर सिर्फ जुमलेबाजी -सुनीता श्रीवास

नगर पंचायत में सारे विकास कार्य कांग्रेस सरकार की देन, भाजपा सरकार में विकास के नाम पर सिर्फ जुमलेबाजी -सुनीता श्रीवास

राजिम : छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बने करीब नौ महीने पूरे होने को आए हैं. मौजूदा भाजपा सरकार ने विकास कार्य के नाम पर कोई राशि जारी नहीं किया है. जिससे नगर पंचायत का विकास थम सा गया है. उक्त बाते महिला ब्लाक कांग्रेस शहर अध्यक्ष एवं वार्ड क्रमांक 6 पार्षद सुनीता श्रीवास ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही.
आगे श्रीमती श्रीवास ने कहा कि इसके पूर्व कांग्रेस सरकार  द्वारा नगरों के विकास के लिए हर नगर पंचायत को अधो संरचना मद अंतर्गत तीन-तीन करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी. जिसके परिपालन में फिंगेश्वर नगर पंचायत को पिछले दो साल में कांग्रेस सरकार की मंशा अनुरुप करीब 6 करोड़ रुपए विकास कार्य कराने और लोगों की मूलभूत सुविधाओं का विस्तार के लिए दिया गया था. उसी कार्यकाल में फिंगेश्वर नगर का जनापेक्षित विकास द्रुतगति से हुआ. कांग्रेस  सरकार से मिली रकम से फिंगेश्वर पंचायत में दो तालाब शीतला तालाब (लालपुर गोकुल नगर वार्ड) और गरीब नाथ तालाब में के सौंदर्यीकरण का काम हुआ है.
इसी तरह  फिंगेश्वर नगर के प्रमुख मार्गो में  विद्युत पोल लगाकर चकाचौंध लाइटिंग की व्यवस्था किया गया है. साथ ही नाली, सीसी रोड, एवं पेयजल की समस्याओं  का समाधान व्यापक रूप से स्थाई तौर पर किया गया है. फिंगेश्वर नगर में  कांग्रेस शासन काल में विकास के लिए दी गई रकम से वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण और स्टेडियम का विस्तार सहित अन्य विकास कार्य भी कराएं गए.
लेकिन जबसे भाजपा की सरकार आई है. तब से नगर पंचायत फिंगेश्वर में विकास कार्यों के लिए कोई आबंटन /राशि नहीं मिली है और न ही  विकास कार्य के नाम पर आज तक एक ईंट भी नहीं रखा गया है. और तो और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा स्वीकृत अप्रारम्भ कार्यो को निस्तार किया जा रहा है. पूर्व सरकार द्वारा आवंटित राशि से जारी विकास /निर्माण कार्यों में ही वर्तमान भाजपा सरकार अपना लेबल लगाकर अपना नाम देने की कोशिश कर रही है.
कांग्रेस सरकार में नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर मकान-झोपड़ी बनाकर निवास कर रहे लोगों को राजीव गांधी आश्रय योजना अंतर्गत आवासीय  पट्टा प्रदान किया गया था. उक्त योजना को भी वर्तमान भाजपा सरकार ने बंद कर गरीबों के हितों कुठाराघात किया है. गरीबों के सपनों को तोड़ने का काम भाजपा सरकार कर रही है. जब से भाजपा सरकार बनी है तब से फिंगेश्वर नगर पंचायत क्षेत्र में  प्रधानमंत्री योजना के तहत एक भी आवास स्वीकृत नहीं हुआ है. अखबारों में बड़े-बडे़ समाचार और विज्ञापन जरुर देखने को मिलता है. कि इतने लाख आवास स्वीकृत किया गया है लेकिन मैदानी स्तर पर एक भी नया आवास वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लोगों को नहीं मिला है. भाजपा सरकार सिर्फ दिखावा करती है. फिंगेश्वर नगर के विकास में भाजपा सरकार के  सत्तारुढ़ होने के करीब नौ महीनों में एक भी नया काम या राशि स्वीकृत नहीं हुई है. कांग्रेस शासन काल में फिंगेश्वर सहित अन्य नगरीय निकायों का समुचित विकास का पर्याप्त राशि शासन द्वारा उपलब्ध कराने से हुई है. इसकी झलक नगर के गली मोहल्ले में घूम कर देखा जा सकता है. लेकिन बीजेपी की बीते नौ महिनों से सिर्फ हवा हवाई बात करते हुए पुराने  स्वीकृत कार्यों और आवंटित राशि को अपनी उपलब्धि बताकर झूठी वाहवाही लूटने का काम कर रही है.
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टीकाकरण से मासूमों की मौत ने बेनक़ाब किया सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को! लापरवाही के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई, क्यों? -शैलेश पाण्डेय

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख शहर है, हाल ही में गंभीर स्वास्थ्य संकटों का सामना कर रहा है। पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं. टीकाकरण के बाद दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी मौत सरकारी लापरवाही का नतीजा है. टीकाकरण के कुछ देर बाद ही दोनों बच्चों की मृत्यु होना गंभीर सवाल खड़े करता है.
कांग्रेस नेता शैलेश पाण्डेय ने कहा कि बिलासपुर में टीकाकरण से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई और परिजनों ने आरोप लगाया है कि सरकार की लापरवाही से बच्चों की जाने गई है. पूरी तरह से दोनों बच्चे स्वस्थ थे और वजन भी ठीक था. फिर भी टीके के कुछ देर बाद ही उनकी मौत कैसे हो गई? कोटा के पटेता ग्राम में गाँव के लोगो ने सरकारी जांच समिति पर आक्रोश दिखाया था और सरकार पर लापरवाही का आरोप भी लगा है. कोटा में चाइल्ड स्पेशलिस्ट क्यों नहीं थे? बीएमओ ने भी डॉक्टर नहीं होने की लाचारी बताई थी. सरकार ने नियुक्त डॉक्टरों को बिलासपुर क्यों अटैच कर दिया था? कोई वेकाल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं किया? और टीके के बाद डॉक्टरों ने उचित इलाज तत्काल क्यों नहीं किया? ताकि बच्चों को बचाया जा सके? सभी सवाल सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को बेनक़ाब कर रहे हैं. और जनता का रोष सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के प्रति बढ़ता जा रहा है.
जिले में स्वाइन फ्लू से लगातार रोज़ मौत हो रही है,सरकार बीमारियों के प्रति इतनी लापरवाह क्यों हो चुकी है. जनता के स्वास्थ्य के प्रति सरकार की जवाबदेही बनती है लेकिन बिलासपुर बीमारियों का गढ़ बन गया है चाहे स्वाइन फ्लू हो या फिर डायरिया या फिर मलेरिया या डेंगू हो,सभी बीमारियों में मासूमों की जाने गई है और सरकार की संवेदनशीलता समाप्त हो चुकी है. इसलिए विभाग को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा है. थाली बजाने से जनता की बीमारियाँ नहीं दूर होने वाली है और बीजेपी की सरकार को ठोस कदम उठाना पड़ेगा. स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिलासपुर ही क्यों इतना पीड़ित है और गई जानों का हिसाब सरकार को देना होगा.
छत्तीसगढ़ की डबल इंजन की सरकार ने अभी तक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल शुरु नहीं किया है. कांग्रेस की सरकार के समय बन कर तैयार नया हॉस्पिटल अभी तक ये सरकार शुरु नहीं कर पायी है .और बड़े बड़े दावे करती है. बिलासपुर में घोषित नये AIMS की स्थापना के प्रति डबल इंजन की सरकार बहुत उत्साही नहीं दिख रही है क्यों ? क्या बीजेपी सरकार का मन बदल गया है या फिर दिल्ली में उनकी चल ही नहीं रही है? पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने विधानसभा में पूर्व बिलासपुर विधायक की माँग पर बिलासपुर में Aims की स्थापना की घोषणा किया था. लेकिन ये सरकार की रुचि दिखाई नहीं देती है क्यों?
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