राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों ने धूमधाम से कुम्ही में मनाया गुरु पूर्णिमा पर्व कार्यक्रम, गुरु की पूजा कर निभाई गई गुरु-शिष्य परंपरा
Members of Rashtriya Swayamsevak Sangh celebrated Guru Purnima festival in Kumhi with great pomp, Guru-disciple tradition was followed by worshipping the Guru
राजिम/कुम्ही : हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है. पंचांग के अनुसार हर साल गुरु पूर्णिमा का त्योहार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन देव-देवताओं, ऋषि-मुनियों और गुरु के पूजन करने का खास महत्व होता है. गुरु पूर्णिमा पर अपने माता-पिता और बड़े बुजर्गों का भी पूजन करते हुए आशीर्वाद लिया जाता है. गुरु पूर्णिमा पर स्नान, दान और मंत्रों का जाप करने से जीवन में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. ग्राम कुन्ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्यों द्वारा ग्राम कुम्ही में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा गुरु पूर्णिमा के सौ साल पूरे होने के कारण हमारे ग्राम कुम्ही में धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ राधा रमन मंदिर प्रांगण में कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिरेंद्र साहू (सरपंच ग्राम पंचायत कुम्ही) मुख्य वक्ता नामदास लहरे (नगर कार्यवाहक नगर राजिम) दीनू राम साहू (उपसरपंच ग्राम पंचायत कुम्ही) मौजूद थे.
इस मौके पर कार्यक्रम में मेघनाथ साहू, पुरुषोत्तम साहू, प्रमोद चंद्राकर, ललित कुमार साहू, समीर चंद्राकर, पुष्पेंद्र साहू,धनंजय साहू, बासदेव पटेल, अश्विनी चंद्राकर, कुलेश्वर साहू, रामानंद विश्वकर्मा, गौरसिंह ध्रुव, श्याम सुंदर चंद्राकर, तिलक राम साहू, योगेश चंद्राकर, लोकेश साहू, सरस्वती शिशु मंदिर कुम्ही के भैय्या एवं ग्राम कुम्ही बुजुर्ग एवं छोटे-छोटे बच्चों द्वारा गुरु पूजन कर समर्पण राशि समर्पित किया गया. इस कार्यक्रम का संचालन आचार्य उत्तम कुमार साहू द्वारा किया गया.
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