मौत की पटरियों पर दौड़ी लापरवाही!, जिम्मेदार ठहराया गया ट्रेन चालक दल, घायलों से मिले दीपक बैज, बोले- जिम्मेदारों पर हो कड़ी कार्रवाई

Negligence on the tracks of death! Train crew held responsible; Deepak Baij meets with the injured, says strict action should be taken against those responsible

मौत की पटरियों पर दौड़ी लापरवाही!, जिम्मेदार ठहराया गया ट्रेन चालक दल, घायलों से मिले दीपक बैज, बोले- जिम्मेदारों पर हो कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर : बिलासपुर और गतौरा स्टेशन के बीच कोरबा रुट पर मंगलवार को करीब 4 बजे के लाल खदान के पास चलती मालगाड़ी के पीछे से गेवरा रोड बिलासपुर मेमू लोकल ट्रेन टकरा गई. हादसा इतना भीषण था कि मेमू ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया। हादसे में 12 निर्दोष यात्रियों की मौत और 20 यात्री घायल हो गए.
तखतपुर के यात्री देवकुमार धुरी ने बताया कि कोटमीसुनार से बिलासपुर जाने के लिए ट्रेन से आ रहा था. इस बीच गतौरा के पास ट्रेन में जोरदार धक्का लगा. बाहर झांककर देखा तो इंजन मालगाड़ी के डिब्बे के ऊपर चढ़ गया था. हम घबराकर अपना सामान लेकर नीचे कूद गए और फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की. हादसे में 20 से 25 लोग घायल हो गए.
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बिलासपुर : रेल हादसे के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज आज बिलासपुर पहुंचे. उन्होंने सिम्स, जिला अस्पताल और रेलवे अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली. हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत और कई गंभीर रुप से घायल हो चुके हैं.
बिलासपुर ट्रेन हादसे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने गहरा दुख प्रकट किया है. उन्होने हादसे में मृत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. सरकार से मांग किया है कि राहत एवं बचाव कार्य में कोताही नही बरती जानी चाहिये.
दीपक बैज ने हादसे में हुई 11 लोगों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए इसे बेहद गंभीर लापरवाही करार दिया. उन्होंने कहा कि एक ही ट्रैक पर मालगाड़ी का परिचालन हो रहा था. फिर भी उसी पटरी पर यात्री ट्रेन को अनुमति दी गई. जो बड़ी गलती है. उन्होंने मांग की कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और मृतकों और घायलों के परिजनों को सरकार तुरंत सहायता प्रदान करें.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे को हाईटेक बनाने के बड़े दावे करती है, लेकिन छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सुरक्षा कवच तक नहीं लगाया गया है. उन्होंने कहा रेलवे हर साल 27 हजार करोड़ की कमाई केंद्र को देता है. फिर भी छत्तीसगढ़ के ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था नदारद है. यह सरकार की संवेदनहीनता और उपेक्षा को दर्शाता है. दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रेल हादसे को लेकर राजनीति नहीं. बल्कि जवाबदेही तय होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से कोयला और खनिज परिवहन के लिए रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व मिलता है. लेकिन जब बात यात्रियों की सुरक्षा की आती है. तो विभाग आंख मूंद लेता है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों की डबल इंजन सरकार रेलवे सुरक्षा में फेल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं. उन्हें सिर्फ 10 लाख का मुआवजा देना अन्याय है.
कांग्रेस ने मांग किया कि मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ और गंभीर घायलों को ₹50 लाख की आर्थिक मदद दी जाए. साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए. कांग्रेस ने कहा कि यह हादसा सिर्फ एक रेल हादसा नहीं, बल्कि रेलवे व्यवस्था की नाकामी का सबूत है.
पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई. तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. दीपक बैज ने कहा छत्तीसगढ़ को रेलवे ने हमेशा उपेक्षित रखा है. अब समय आ गया है कि जवाबदेही तय हो और व्यवस्था में बदलाव आए. दीपक बैज के साथ कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, प्रमोद नायक, शिवा मिश्रा, लक्ष्मीनाथ साहू, अब्दुल इब्राहिम खान, मकसूद अली और सैयद इमरान सहित बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
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रेलवे की ओर से कुछ ट्रेनों में कवच प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन गेवरा रोड-कोरबा मेमू कोल में के इंजन में अब तक कवच सिस्टम नहीं लगा है। जिसके चलते सामने चल रहे मालगाडी से लोकल ट्रेन सीधे जाकर टकरा गई। यह प्रणाली सिग्नल एवं स्पीड से संबन्धित दुर्घटनाओं को रोकने में पूरी तरह से सक्षम है। यदि ड्राइवर कहीं स्पीड कंट्रोल करना या ब्रेक लगाना भूल जाता है तो ‘‘कवच’’ प्रणाली ‘‘ब्रेक इंटरफेस यूनिट’’ खुद से ट्रेन को कंट्रोल करती है।
घायल यात्रियों का विवरण
मथुरा भास्कर, स्त्री, आयु 55 वर्ष
चौरा भास्कर, पुरुष, आयु 50 वर्ष
शत्रुघ्नन, पुरुष, आयु 50 वर्ष
गीता देबनाथ, स्त्री, आयु 30 वर्ष
मेहनिश खान, स्त्री, आयु 19 वर्ष
संजू विश्वकर्मा, पुरुष, आयु 35 वर्ष
सोनी यादव, स्त्री, आयु 25 वर्ष
संतोष हंसराज, पुरुष, आयु 60 वर्ष
रश्मि राज, स्त्री, आयु 34
ऋषि यादव, आयु 2 वर्ष
तुलाराम अग्रवाल, पुरुष, आयु 60 वर्ष
अराधना निषाद, स्त्री, आयु 16 वर्ष
मोहन शर्मा, पुरुष, आयु 29 वर्ष
अंजूला सिंह, स्त्री, आयु 49 वर्ष
शांता देवी गौतम, स्त्री, आयु 64 वर्ष
प्रीतम कुमार, पुरुष, आयु 18 वर्ष
शैलेश चंद्र, पुरुष, आयु 49 वर्ष
अशोक कुमार दीक्षित, पुरुष, आयु 54 वर्ष
नीरज देवांगन, पुरुष, आयु 53 वर्ष
राजेंद्र मारुति बिसारे, पुरुष, आयु 60 वर्ष
घटना में घायलों को त्वरित अनुग्रह सहायता राशि के अग्रिम के रुप में ₹50,000/- प्रत्येक की राशि प्रदान की गई है. वर्तमान में घायलों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है. रेलवे देगा मृतकों के परिजनों को 10 लाख, घायलों को 5 लाख रुपये देगा। मुख्यमंत्री कोष से भी मृतकों के परिजनों को देंगे 5 लाख और घायलों को 50 हजार..
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