दुर्गा पूजा के बीच पंडाल ढहने से मची भगदड़, अब तक 19 की श्रद्धालुओं मौत, 45 श्रद्धालु घायल, मची अफरा-तफरी, 2 लाख रुपये मुआवजा की घोषणा
A stampede broke out following the collapse of a pandal during Durga Puja; 19 devotees have died so far, and 45 others are injured. Chaos ensued, and a compensation of Rs 2 lakh has been announced.
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में बड़ा हादसा हो गया. बारिश से बचने के लिए पंडाल में लोगों की भीड़ बढ़ने के बाद भगदड़ जैसी हालत बन गई. इस दौरान पंडाल का एक हिस्सा ढह गया. हादसे में 19 लोगों की मौत और करीब 45 लोगों के घायल होने की खबर है. हालांकि, मृतकों और घायलों की तादाद की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है. हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया. जिनमें से ज्यादातर बच्चे और लड़कियां हैं. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में बारिश शुरू हो गई. जिससे बाहर खड़े श्रद्धालु भीगने से बचने के लिए पंडाल के अंदर जाने लगे. इसी बीच शाम करीब 7:30 बजे पंडाल का एक हिस्सा ढह गया और वहां अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, पंडाल का ढांचा किस वजह से गिरा, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. हादसे के वजह की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी.
हादसे के बाद घायलों को बाहर निकालने और अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी हुई. हालांकि हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया. पंडाल से अस्पताल की दूरी करीब दो से तीन किलोमीटर बताई गई है. करीब 45 लोगों के घायल होने की बात कही गई है. 19 लोगों की मौत हो गई है.
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से घटना से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है.
चोरबागान की घटना के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ को कंट्रोल करने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं. भीड़ को कंट्रोल करने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित रखने और पंडाल से बाहर निकालने की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी? ये सवाल भी हादसे के बाद चर्चा में हैं.
हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी.
फिलहाल, हादसे की सटीक वजह और मृतकों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है. इस बीच घायलों का इलाज जारी है चोरबागान की घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकासी और आपातकालीन व्यवस्था की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ की घटना को लेकर TMC ने पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं. TMC ने कहा कि स्थानीय लोगों के मुताबिक मौके पर न तो पुलिस थी, न सिविक वॉलंटियर्स, न एंबुलेंस और न ही भीड़ को संभालने की व्यवस्था थी.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि वह घटना की खबर से बेहद स्तब्ध और दुखी हैं. ममता बनर्जी ने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों को हिम्मत और साहस देने के लिए मां दुर्गा से प्रार्थना की.
कांग्रेस नेता और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कोलकाता दुर्गा पंडाल हादसे पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा, ""कोलकाता के चोरबागान पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की ख़बर बेहद दुखद है. इस हादसे में कई लोगों की जान जाने और बड़ी तादाद में लोगों के घायल होने की सूचना है. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ. प्रशासन से अपील है कि सभी घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिले. और इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो. ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए. मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि वे राहत कार्य में हर संभव मदद करें.
चोरबगान सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के एक पीड़ित के परिजन का कहना है, "मेरी बहन मेरे चाचा, चाची और अपनी छोटी बहन के साथ गई थी. जैसा कि मेरे चाचा बता रहे हैं. जब वे वहां से बाहर निकल रहे थे. तभी भगदड़ मच गई... यहां किसी तरह के इंतजाम या देखरेख का तो सवाल ही नहीं उठता. आज 28 साल की एक युवती की जान चली गई.
देवव्रत चटर्जी नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि भीड़ की वजह से उनके दोस्त की मौत हो गई है. उन्होंने बताया कि 26 वर्षीय युवा भीड़ के नीचे आ गया। इसके बाद उनकी जान चली गई.
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने सरकार की मदद करने की बात कही है. उन्होंने कहा, "हम, यानी पूरी कांग्रेस पार्टी ने सरकार को पूरा सहयोग देने का फैसला किया है. हमारे स्वयंसेवक लोगों की जान बचाने के काम में पूरी तरह जुटे हुए हैं. जब यह घटना घटी, तब पुलिस कहाँ थी? आज जनता यही सवाल पूछ रही है. इसके अलावा, लालबाजार कंट्रोल रूम में फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला. जब मैं चोरबागन इलाके में गया. तो स्थानीय लोगों ने यह बात उठाई. यह एक बेहद दुखद घटना है. मैं सरकार से आग्रह करता हूँ कि वह इस पर विचार करे, पीड़ितों को मुआवजा दे और जिन लोगों की जान गई है. उनके परिवारों को रोजगार मुहैया कराए.
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