तेज बहाव में बहा शिक्षक, छुरा पुलिस ने ग्रामीणों संग चलाया सफल रेस्क्यू ऑपरेशन, सूखा नदी के बीच से सुरक्षित बाहर निकालकर परिजनों को सौंपा
A teacher was swept away by a strong current; Chhura police, along with villagers, conducted a successful rescue operation, bringing him safely out of the Sukha River and handing him over to his family.
गरियाबंद/छुरा : सोमवार रात से लापता एक शिक्षक मंगलवार को हरदी-खुसरुपाली के पास सूखा नदी के तेज बहाव के बीच फंसा हुआ मिला. नदी के बीच जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे शिक्षक को छुरा पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया. रेस्क्यू के बाद शिक्षक को फौरन छुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है.
मिली जानकारी के मुताबिक नंदकुमार कंवर ग्राम सिवनी स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं. 17 अगस्त की सुबह वे अपनी मोटरसाइकिल से स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे. लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे. परिजनों ने स्कूल स्टाफ, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर उनकी तलाश की. लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद 18 अगस्त को उनकी पत्नी ने थाना छुरा पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.
मंगलवार को पूर्व पार्षद और भाजपा नेता थानसिंग निषाद को किसी ने फोन के जरिए खबर दी कि हरदी-खुसरुपाली क्षेत्र में सूखा नदी के बीच एक आदमी फंसा हुआ है. खबर मिलते ही थानसिंग निषाद ने बिना देर किए इसकी जानकारी अपने छोटे भाई और समाजसेवी मानसिंग निषाद को दी. मानसिंग निषाद ने मौके की जानकारी जुटाने के बाद तत्काल इसकी खबर पुलिस विभाग को दी.
खबर मिलते ही छुरा थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर गंगवाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना समय गंवाए पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का रुख किया. नदी में पानी का तेज बहाव और दलदली हालात होने के बावजूद पुलिस जवानों ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद नदी के बीच फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
बाहर निकाले गए व्यक्ति की पहचान छुरा नगर के गादीकोट निवासी शिक्षक नंद कुमार कंवर उम्र 38 साल के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि शिक्षक सोमवार रात से लापता था. वह नदी के बीच तक कैसे पहुंचा और वहां किन हालात में फंसा. फिलहाल इसकी साफ जानकारी सामने नहीं आई है. पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है.
तेज बहाव और मुश्किल हालात के बीच पुलिस ने दिखाई फुर्ती
हादसे के दौरान नदी में पानी का तेज बहाव था और आसपास का इलाका भी पूरी तरह कीचड़ और पानी से भरा हुआ था. ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर फौरन रेस्क्यू शुरू किया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों की मदद से शिक्षक को समय रहते नदी से बाहर निकाल लिया गया.
रेस्क्यू के बाद शिक्षक की हालत ऐसी थी कि वह फौरन स्थिति बताने के काबिल नहीं था. उसे बिना देर किए छुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है. फिलहाल पुलिस शिक्षक के नदी तक पहुंचने की परिस्थितियों और सोमवार रात से उसके लापता होने के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
थाना प्रभारी की तत्परता की जमकर हो रही सराहना
हादसे की खबर मिलने के बाद पुलिस द्वारा दिखाई गई तत्परता की इलाके में जमकर सराहना हो रही है. खबर मिलते ही थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर गंगवाल ने पुलिस टीम को सक्रिय किया और खुद मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की निगरानी की. तेज बहाव वाले नदी क्षेत्र में जोखिम उठाकर ग्रामीणों की मदद से शिक्षक को बाहर निकालना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है.
इस कामयाब रेस्क्यू अभियान में थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर गंगवाल, प्रधान आरक्षक जयप्रकाश मिश्रा, आरक्षक रूपेंद्र जैन, आरक्षक अमित जांगड़े, आरक्षक यशवंत त्रिवेंद्र, समाजसेवी और भाजपा नेता मानसिंग निषाद और पार्षद हरीश यादव का विशेष योगदान रहा. समय पर मिली खबर, पुलिस की तत्काल सक्रियता और ग्रामीणों के सहयोग ने नदी के बीच फंसे एक शिक्षक की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई.
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