संसद मार्च के दौरान बरसी लाठियां, सैकड़ों घायल, हिरासत में 70 प्रदर्शनकारी, राहुल-प्रियंका- प्रधानमंत्री युवा-विरोधी, खड़गे- छात्रों पर आंसू गैस-लाठीचार्ज क्यों?

Lathi-charge during Parliament march; hundreds injured, 70 protesters detained. Rahul and Priyanka call the Prime Minister anti-youth; Kharge asks why tear gas and lathi-charges were used against students.

संसद मार्च के दौरान बरसी लाठियां, सैकड़ों घायल, हिरासत में 70 प्रदर्शनकारी, राहुल-प्रियंका- प्रधानमंत्री युवा-विरोधी, खड़गे- छात्रों पर आंसू गैस-लाठीचार्ज क्यों?

नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित सीजेपी (CJP) के ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई. दिल्ली पुलिस ने करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. कई एफआईआर भी दर्ज की गई हैं. पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है.
आज फिर होगा पैदल मार्च
हिंसा के बावजूद सीजेपी ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है. मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंचे और संगठन ने दोबारा पैदल मार्च निकालने की घोषणा की. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान पुलिस व सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़प के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस घटना और देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में छात्रों पर हुई कार्रवाई की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था के गंभीर मुद्दों पर जायज सवाल उठाने वाले छात्रों को सरकार की तरफ़ से सिर्फ लाठियां और हिरासत मिली है.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उन्हें देश के इतिहास का सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री करार दिया और कहा कि वे एक नाकाम शिक्षा मंत्री (धर्मेंद्र प्रधान) का इस्तीफा तक नहीं ले पा रहे हैं.
राहुल गांधी द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु:
पेपर लीक के आंकड़े: देश में अब तक 152 पेपर लीक हो चुके हैं. जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं.
दोषियों पर कार्रवाई का अभाव: असली अपराधी आजाद घूम रहे हैं, जबकि अपने भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले मेहनती युवाओं को पीटा जा रहा है और घसीटा जा रहा है.
मांग: सरकार को दमन का रास्ता छोड़कर युवाओं की जायज मांगों पर ध्यान देना चाहिए और परीक्षा सुधार व शिक्षा की गुणवत्ता के मुद्दों को हल करना चाहिए.
प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रतिक्रिया: “बच्चों पर लाठी चलाने की बजाय नीतियों की समीक्षा करे सरकार”
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि भाजपा सरकार को छात्रों पर लाठीचार्ज करने के बजाय अपनी नीतियों और अक्षमताओं की गंभीर समीक्षा करनी चाहिए.
उन्होंने सवाल उठाया कि पहले नीट (NEET) का पेपर लीक हुआ, परीक्षाएं रद्द हुईं और री-नीट में भी गड़बड़ी की खबरें सामने आईं. जब यह दावा किया गया था कि प्रधानमंत्री खुद इसकी निगरानी करेंगे, तो फिर बार-बार इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक कैसे हो रहे हैं? उन्होंने मांग की कि संसद में इस गंभीर मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों युवाओं की बात सुनकर उन्हें जवाब देना चाहिए.
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खड़गे ने पूछा, ‘छात्रों पर आंसू गैस क्यों छोड़ी गई? उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया?’
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा, ‘छात्रों पर आंसू गैस क्यों छोड़ी गई? उन पर लाठीचार्ज क्यों किया गया? कई छात्र अभी अस्पताल में भर्ती हैं.” उन्होंने सरकार से जेपी नड्डा और CJP के बीच हुई बातचीत की जानकारी सदन में देने की मांग की. कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सोमवार को सरकार का रवैया बेहद क्रूर रहा. उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक पर चर्चा की मांग दोहराई. प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को युवा-विरोधी बताते हुए कहा, “यह सरकार किसानों, गरीबों और युवाओं के खिलाफ है. जब छात्र शांतिपूर्वक अपनी बात रखते हैं तो उनकी आवाज दबाई जाती है. शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए.” कपिल सिब्बल ने भी पूछा कि जब बच्चों की मांगें पहले से पता थीं, तो सरकार ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इंतजार क्यों किया?

CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन फिर शुरू
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर मंगलवार को फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया है. CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने बर्बरता की. उन्होंने बताया कि सोनम वांगचुक सोमवार को अपना अनशन खत्म करने वाले थे. लेकिन पुलिस की कार्रवाई देखकर उन्होंने अनशन जारी रखने का फैसला किया है. दीपके ने कहा, ‘सरकार और पुलिस को छात्रों की कोई परवाह नहीं है. लेकिन हमें है. इसलिए हम शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे.’

छात्रों पर एक्शन
संसद मार्च के दौरान हिंसा में शामिल होने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने 5 FIR दर्ज की हैं। इनमें दंगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान और पुलिस पर हमले की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस सीसीटीवी और सोशल मीडिया के जरिए आरोपियों की पहचान कर रही है। डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, झड़प में 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं.

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल; मोदी और प्रधान से मांगा इस्तीफा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रोंसे मुलाकात की. उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल भी थे.
राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई पर पीएम मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.
घायल छात्रों से मिलने से पहले राहुल गांधी ने कहा कि मुद्दा शिक्षा व्यवस्था से कहीं बड़ा है और यह युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ती निराशा को दर्शाता है. उन्होंने कहा, “मुख्य बात यह है कि देश के युवाओं के साथ इस तरह व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए. देश के युवाओं के पास अवसर नहीं हैं. सारे दरवाजे बंद हैं. एक दरवाजा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए खुला था, वह भी नष्ट कर दिया गया है.”‘पीएम मोदी, शाह और प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्र केवल परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी प्रदर्शन कर रहे हैं. ”ये छात्र सिर्फ शिक्षा व्यवस्था के बारे में शिकायत नहीं कर रहे. बल्कि अपने भविष्य के बारे में... यह शिक्षा से कहीं बड़ा मुद्दा है. भारत के छात्र कह रहे हैं कि भारत में उनका कोई भविष्य नहीं है. यह जायज है.
कांग्रेस नेता ने मुकेश अंबानी, गौतम अडानी और RSS पर शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा करने का आरोप लगाया.”वे अंबानी की शादी देखते हैं जहां 1000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. जबकि उनके पास अपना बिजनेस शुरू करने के लिए पैसे नहीं हैं. वे शिकायत इसलिए कर रहे हैं क्योंकि श्री अंबानी, श्री अडानी और RSS ने शिक्षा व्यवस्था पर पूरा कब्जा कर लिया है.”उन्होंने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि टेस्टिंग सिस्टम पूरी तरह टूट चुका है और उसे अंदर से खोखला कर दिया गया है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और छात्रों से माफी मांगने की मांग की.
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश जानता है कि एजुकेशन सिस्टम लगभग खत्म हो चुका है. छात्र जो शिकायत कर रहे हैं, उसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रही है और सरकार के सामने कई प्रेजेंटेशन भी दे चुकी है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और उन पर हो रही पुलिस कार्रवाई तुरंत रोकनी चाहिए.
एक सवाल के जवाब में जब कहा गया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर चिंतित है और कार्रवाई भी हुई है, तो राहुल गांधी ने जवाब दिया कि असली मुद्दा कार्रवाई का नहीं बल्कि देश के युवाओं के साथ हो रहे बर्ताव का है. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए लगभग सारे रास्ते बंद हो चुके हैं और सिर्फ प्रतियोगी परीक्षाओं का दरवाजा खुला था, जिसे भी अब बर्बाद कर दिया गया है.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अडानी और अंबानी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, आरएसएस ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है और प्रचारकों को विश्वविद्यालयों का वाइस चांसलर बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के पास इतना पैसा तक नहीं है कि वे कोई छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही छात्रों से मिलने जाएंगे.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन लाठीचार्ज गृह मंत्रालय के अधीन हुआ है, इसलिए गृह मंत्री को भी इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने इसकी अंतिम जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की बताई.
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