सड़क हादसों में घायलों को मिलेगा 7 दिन तक डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया एलान, स्कीम लागू
Those injured in road accidents will get free treatment up to Rs 1.5 lakh for 7 days, Union Minister Nitin Gadkari announced, scheme implemented
नई दिल्ली : सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों और उनके परिवारजनों के लिए केंद्र सरकार ने सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम की घोषणा की है. सड़क परिवहन मंत्रालय की एक गैजेट अधिसूचना के मुताबिक इस योजना के तहत पीड़ित को हादसे की तारीख से सात दिनों तक किसी भी मानित अस्पताल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का फायदा मिल सकता है. यह स्कीम 5 मई 2025 से लागू हो चुकी है. इस स्कीम में सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति को अधिकतम 7 दिनों तक मुफ्त इलाज मिलेगा.
केंद्र सरकार की अधिसूचना के मुताबिक "किसी भी सड़क पर मोटर वाहन द्वारा हुई सड़क हादसे का शिकार होने वाला कोई भी व्यक्ति इस योजना के प्रावधानों के तहत कैशलेस इलाज का हकदार होगा." बता दें कि इससे पहले इस साल जनवरी में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में सड़क हादसों की बढ़ती तादाद पर चिंता जताते हुए यह घोषणा की थी कि सरकार सड़क हादसा पीड़ितों के लिए जल्द ही ऐसी योजना लाने पर विचार कर रही है.
इस योजना को लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) राज्य की पुलिस, अस्पतालों और राज्य की स्वास्थ्य एजेंसी के साथ मिलकर काम करेगा. बता दें कि भारत में सड़क हादसों में हर साल करीब 5 लाख लोगों की मौत हो जाती है. वहीं करीब 4 लाख लोग गंभीर रुप से जख्मी हो जाते हैं. इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित दो पहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले यात्री होते हैं.
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कैसे मिलेगा घायलों को इलाज?
इलाज के लिए हादसे के बाद 24 घंटे के अंदर पुलिस को खबर देनी होगी. पुलिस को खबर देने का बाद ही घायल योजना के पात्र माने जाएंगे. योजना को लागू करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की होगी. योजना के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए केंद्र सरकार एक समिति का भी गठन करेगी. इलाज के दौरान सभी मेडिकल रिपोर्ट, बिल और पुलिस एफआईआर की कॉपी रखना जरुरी होगा. ताकि फॉलो-अप कार्रवाई और दावे की प्रक्रिया पूरी की जा सके.
इसके बाद व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत बीमा या अन्य स्वास्थ्य सेवा योजनाओं का सहारा लेना पड़ सकता है. योजना के अंतर्गत सिर्फ शुरुआती इलाज की अवधि कवर की जाएगी.
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