कबीरधाम में 7 करोड़ के धान घोटाले में चूहों को सामने रखने वाला डीएमओ अभिषेक मिश्रा सस्पेंड, निलंबन के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप

CMO Abhishek Mishra, who exposed the rats in the Rs 7 crore paddy scam in Kabirdham, has been suspended, causing a stir in the district administration.

कबीरधाम में 7 करोड़ के धान घोटाले में चूहों को सामने रखने वाला डीएमओ अभिषेक मिश्रा सस्पेंड, निलंबन के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप

कबीरधाम : 7 करोड़ के सरकारी धान को चूहों द्वारा खाने वाला बयान देकर सुर्खियों में रहने वाले डीएमओ अभिषेक मिश्रा को सस्पेंड कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित ने माना कि उनके बयान से विभाग की छवि धूमिल हुई है. बिना तथ्यात्मक पुष्टि गलत बयान देने को विपणन सहकारी संघ कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका-18 का उल्लंघन पाया गया है.
वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान का भंडारण किया गया था. जिले के दो संग्रहण केंद्र बाजार चारभाठा और बघर्रा में कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान रखा गया था. जब धान के उठाव के बाद मिलान किया गया तो इन दोनों केंद्रों से 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई.
इसमें अकेले बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र से 22 हजार क्विंटल धान गायब मिला. जिसकी कीमत करीब 7 करोड़ रुपये बताई जा रही है. डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने कहा था कि संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है. जो धान की कमी सामने आई है वह मौसम के प्रभाव और चूहे, दीमक व कीड़ों द्वारा नुकसान के कारण हुई है. पूरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में हमारे जिले की स्थिति बेहतर है.
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन द्वारा एक जांच समिति गठित की गई. जांच में यह सामने आया कि तत्कालीन संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय की भूमिका संदेहास्पद रही है. साथ ही संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ के भी सबूत मिले. इसके बाद प्रशासन ने प्रितेश पांडेय को पहले ही सस्पेंड कर दिया था. इसी मुद्दे पर मीडिया ने अभिषेक मिश्रा से सवाल पूछे थे. जिस पर उन्होंने चूहा और दीमक वाला बयान दिया था. इसी को लेकर यह कार्रवाई हुई है.
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