थानेदार ने पेश की इंसानियत की मिसाल, बेसहारा बुजुर्ग महिला को मिला आशियाना, मसीहा बनकर पहुंचे थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा
The police officer set an example of humanity, a helpless elderly woman found a home, station in-charge Shivshankar Hurra arrived as a messiah.
गरियाबंद/मैनपुर : गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर के दुरस्थ वनांचल में बसे ग्राम देवडोंगर की एक बेसहारा विशेष पिछड़ी जनजाति के बुजुर्ग महिला के लिए मैनपुर थाना प्रभारी मसीहा बनकर पहुंचे और एक हफ्ते के भीतर बुजुर्ग महिला को अस्थायी मकान निर्माण करवाने के साथ ही इस कड़कड़ाती ठंड से बचने के लिए पलंग, गद्दा, गर्म कपड़े के साथ राशन सामाग्री उपलब्ध कराया. मैनपुर थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा की मानवता भरा कदम क्षेत्र के अन्य विभाग के जिम्मेदार अफसरो के लिए एक मिशाल साबित होता दिख रहा है और इसकी जमकर क्षेत्र के लोगों के द्वारा सराहना की रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक एक हफ्ते पहले थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा अपने टीम के साथ क्षेत्र के ग्रामो के गश्त में पहुंचे थे. इस दौरान ग्राम पंचायत कुल्हाड़ीघाट के आश्रित ग्राम देवडोंगर में टूट फूट चुके चारो तरफ से खुले झोपड़ीनुमा खंडहर में एक बुजुर्ग महिला दिखाई दी. चर्चा के दौरान बुजुर्ग महिला जयमति कमार उम्र 60 साल ने थाना प्रभारी को बताया उनके परिवार में कोई भी नहीं है और वह सालों से यही रह रही है.
विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के होने के बावजूद उन्हे शासन की अहम योजना राशन कार्ड और आवास जैसे मुलभुत सुविधा भी नही मिल पा रही है. आसपास के ग्रामीणों द्वारा चांवल और खाने के लिए राशन उपलब्ध कराने पर महिला द्वारा अपना जीविकापार्जन किया जा रहा है और तो और जंगली कंदमूल के सहारे जीवन यापन करने मजबुर है.
बुजुर्ग महिला के द्वारा अपनी परेशानी बताने पर मैनपुर थाना प्रभारी ने बकायदा तत्कालीन रुप से अस्थायी मकान बनाने के लिए मैनपुर से सामान खरीदकर और कारीगर मजदूर भेजकर अस्थायी मकान बनाने के बाद पलंग, गद्दा, चादर और अन्य जरुरत के सामान के साथ उन्हे राशन सामाग्री भी उपलब्ध कराया. जिससे महिला के आंख से खुशी के आंसू छलक उठी ओर बुजुर्ग महिला ने थाना प्रभारी शिवशंकर हुर्रा को आशीर्वाद प्रदान किया.
थाना प्रभारी द्वारा एक बेहतरीन मिशाल पेश किया गया. जिसकी क्षेत्र के लोगो के द्वारा जमकर सराहना किया जा रहा है. थाना मैनपुर क्षेत्र से एक बेहद मानवीय और प्रेरणादायक मामला सामने आया है. जहां थानेदार शिवशंकर हुर्रा ने इंसानियत की अनोखी मिसाल पेश की. कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर एक बेसहारा बुजुर्ग महिला को उन्होंने नई जिंदगी की उम्मीद दे दी.
जानकारी के मुताबिक यह बुजुर्ग महिला लंबे समय से बिना किसी आश्रय के खुले में रह रही थी. जब इसकी खबर थानेदार शिवशंकर हुर्रा को मिली. तो उन्होंने पहले उसे वृद्धाश्रम ले जाने का सुझाव दिया. लेकिन महिला अपना क्षेत्र छोड़कर कहीं जाने को तैयार नहीं थी.
ऐसे में मानवता को प्राथमिकता देते हुए थानेदार हुर्रा ने उसी स्थान पर खुद बुजुर्ग महिला के लिए एक छोटा-सा घर बनवा दिया. इस संवेदनशील कदम ने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया. और पुलिस विभाग के इस मानवीय रुप की हर तरफ सराहना हो रही है. जब बुजुर्ग महिला ने अपना नया घर देखा. तो वह भावुक होकर रो पड़ी और थानेदार शिवशंकर हुर्रा को अपना बेटा बताते हुए ढेर सारा आशीर्वाद दिया. यह नजारा देखकर खुद थानेदार की भी आंखें नम हो गईं. एक थाना प्रभारी के इस कदम ने साबित कर दिया है कि वर्दी में सख्ती ही नहीं, बल्कि इंसानियत और संवेदना भी बसती है.
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