मियां-बीवी की फ्लाइट में हुई लड़ाई, पायलट को जबरन करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट भी हैरान, जानिए क्या हैं नियम?

लंदन : पति-पत्नी की लड़ाइयों के तो तमाम किस्से आपने सुने होंगे। हालांकि कोई अगर हवाई रास्ते में भिड़ जाए, तो क्या होगा? रिपोर्ट के मुताबिक डबलिन से चली एक फ्लाइट में बीच रास्ते मियां-बीवी ऐसे

मियां-बीवी की फ्लाइट में हुई लड़ाई, पायलट को जबरन करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, पायलट भी हैरान, जानिए क्या हैं नियम?

लंदन : पति-पत्नी का रिश्ता हमेशा खट्टा-मीठा रिश्ता होता है. इसमें प्यार भी होता है और लड़ाई भी होती है. लेकिन क्या लड़ाई की वजह से फ्लाइट को बिना शेड्यूल लैंडिंग के लिए वापस भेजा जा सकता है? शायद आपको लगेगा कि ऐसा तो नहीं होना चाहिए. लेकिन बता दें, ऐसा हुआ है। जब पति-पत्नी आपस में झगड़ने लगे और एक-दूसरे को मारने- पीटने लगे तो पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग करा दी.
डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना डबलिन से उड़ान भरते समय हुई. जिससे प्लेन में में सवार सभी लोगों को पति-पत्नी के झगड़े से काफी परेशानी हुई. दोनों की लड़ाई का वीडियो का फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
आइए जानते हैं, आखिर क्या हुआ था और इमरजेंसी लैंडिंग के लिए क्या नियम होते हैं?
फ्लाइट EI738 करीब शाम 7:15 बजे डबलिन से रवाना हुई. यात्रा के करीब एक घंटे बाद फ्लाइट के क्रू ने एक इमरजेंसी स्थिति की घोषणा .। बता दें, यह घोषणा तब हुई जब फ्लाइट में सफर कर रहे पति-पत्नी की आपस में तीखी बहस होने लगी. दोनों एक दूसरे पर चिल्ला रहे थे और यही नहीं एक दूसरे को मारने के लिए उतावले हो रहे थे. जब क्रू मेंबर दोनों को शांत कराने पहुंचे, तो दोनों एक दूसरे को मारने- पीटने लगे.
दोनों किसी के काबू में नहीं आ रहे थे. जब सिचुएशन आउट ऑफ कंट्रोल हो गई. उसके बाद पायलट को कंट्रोल रुम से संपर्क करने के लिए मजबूर होना पड़ा और उनसे वजह बताते हुए इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी. जिसके बाद अनुमति मिली और फिर पायलट को मजबूरन नैनटेस एयरपोर्ट (Nantes airport) पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.
जब फ्लाइट EI738 की इमरजेंसी लैंडिंग हुई. तो पाया कि झगड़े के दौरान महिला के चेहरे पर चोट लग गई है. महिला का इलाज कराया गया और उसके पार्टनल को गिरफ्तार कर लिया गया. दो घंटे की देरी के बाद फ्लाइट ने फिर उड़ान भरी और 1:05 बजे पाल्मा डी मल्लोर्का एयरपोर्ट पर पहुंची.
हालांकि फ्लाइट इस घटना पर प्लेन में सवार यात्रियों ने अपनी नराजगी व्यक्त की है. कुछ ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ी से न केवल अनावश्यक देरी होती है बल्कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी पैदा होती हैं. सोशल मीडिया पर कई यात्रियों ने अपने अनुभव भी शेयर किए हैं.
देश- दुनिया में जितनी भी फ्लाइट उड़ रही है. उसमें इमरजेंसी लैंडिंग तीन तरह की होती है. पहली, फोर्स्ड लैंडिंग, दूसरी प्रिकॉशनरी लैंडिंग (एहतियाती लैंडिंग), तीसरी डिचिंग लैंडिंग। अगर किसी वजह से फ्लाइट का इंजन फेल हो जाता है तो उसे फोर्स्ड लैंडिंग कहते हैं. प्रिकॉशनरी लैंडिंग तब होती है, जब फ्लाइट में फ्यूल की कमी, मौसम की खराबी, किसी की तबीयत खराब हो गई हो तो ये लैडिंग होती है. वहीं अगर फ्लाइन पानी की सतह पर लैंड कराया जाए तो उसे डिचिंग लैंडिंग कहते हैं.
डिफेंस एंड सिक्योरिटी एनालिस्ट विंग कमांडर के अधिकारी के मुताबिक कोई भी देश किसी इमरजेंसी लैंडिंग को मना नहीं करता है. अगर फ्लाइट में यात्रियों की जान को खतरा है तो नियम के मुताबिक कोई भी देश इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मना नहीं करेगा. अगर फ्लाइट जिस देश के ऊपर से उड़ रही है और उसे ऊपर से गुजरने की मंजूरी मिली है तो ऐसे में देश इमरजेंसी की स्थिति में इमरजेंसी लैंडिंग कराने की इजाजत दे देता है.
वहीं अगर कोई फ्लाइट किसी देश के एयरस्पेस में नहीं आ रही है. लेकिन सुरक्षा के लिहाज से लैंडिंग के लिए सबसे करीब वही देश हो तो इस हालत में भी इमरजेंसी लैंडिंग की मंजूरी मांगी जा सकती है.
इमरजेंसी लैंडिंग की हालत में सबसे पहले पायलट को एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से बात करनी होती है. एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की भूमिका लैंडिंग और टेकऑफ के समय पायलटों का मार्गदर्शन कर की होती है. इमरजेंसी लैंडिंग की स्थिति आने पर पायल कंट्रोल रुम में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से बात करते हुए सिचुएशन बताते हैं और उस आधार पर पायलट को गाइड किया जाता है.
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