सरपंच संघ ने किया सुशासन तिहार का बहिष्कार, पेड़ गिरने से घायल 7 लोगों के समुचित उपचार और मुवावजे की मांग, धरना देकर शासन-प्रशासन खिलाफ नारेबाजी

The Sarpanch Association boycotted Good Governance Festival, demanding proper treatment and compensation for the seven people injured by a falling tree, and staged a sit-in and raised slogans against the government and administration.

सरपंच संघ ने किया सुशासन तिहार का बहिष्कार, पेड़ गिरने से घायल 7 लोगों के समुचित उपचार और मुवावजे की मांग, धरना देकर शासन-प्रशासन खिलाफ नारेबाजी

गरियाबंद : गरियाबंद जिले में सुशासन तिहार का दौर अब अंतिम चरण में है. इसी बीच गरियाबंद ब्लॉक सरपंच संघ के द्वारा सुशासन तिहार का बहिष्कार कर दिया है. सरपंच संघ के ने इस बारे में 29 मई को ही कलेक्टर बीएस उइके को ज्ञापन सौंपा था. इसके बाद विकासखंड गरियाबंद अंतर्गत, 3 जून को ग्राम आमदी ( द) में आयोजित सुशासन तिहार का सरपंचों ने बहिष्कार कर दिया. जिनमें बड़ी तादाद में महिला सरपंच भी शामिल रही. सरपंचों ने आयोजन स्थल ग्राम आमदी ( द ) के नजदीक ही धरना दिया और शासन-प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की.
मिली जानकारी के मुताबिक 7 मई को ग्राम खरहरी में आयोजित सुशासन तिहार स्थल के नजदीक एक विशालकाय पीपल का वृक्ष अचानक गिर गया. आयोजित स्थल पर पहुंचे कुछ ग्रामीण, तेज धूप और गर्मी से बचने उस पेड़ की छांव में खड़े थे. अचानक पेड़ गिरने से 7 लोग घायल हो गए. जिनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
ब्लॉक के सरपंच घायलों के इलाज और उचित मुवावजे की मांग कर रहे हैं. सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष कोमल ध्रुव का कहना है कि स्थानीय प्रशासन हमारी मांगों को गंभीरता से नही ले रहा है. जिसके वजह से हम आगे उग्र आंदोलन कर सकते हैं.
सरपंचों एवं जनपद सदस्यों के आमदी (द) में आयोजित सुशासन तिहार का बहिष्कार किये जाने के बाद मंच और पंडाल पूरी तरह खाली नजर आ रहा था. स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने मंचस्थ होने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. जिसके बाद भाजपा के पार्टी पदाधिकारीयों ने मंच की गरिमा को सम्बल प्रदान किया और कई योजनाओं के हितग्राहियों को लाभवन्तित किया. साथ बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया.
इस सबके बावजूद आयोजित शिविर में 619 आवेदन मिले. एडिशनल कलेक्टर पंकज डाहीरे के मुताबिक ज्यादातर आवेदनों का मौके पर ही हल किया गया. बाकी आवेदनों को समय सीमा में निराकरण के लिये संबंधित विभागों को सौंपा गया. सरपंच संघ की मांग को लेकर उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत घायलों का इलाज किया जा रहा है. इसके अलावा उनकी अन्य मांगों को शासन स्तर पर प्रेषित किया गया है.
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