हाथियों ने कुचलकर ले ली ग्रामीण की जान, रात को गांव पहुंचा झुंड, खेत में रखवाली करने जा रहे युवक को कुचला, दहशत में लोग
A villager was trampled to death by elephants; a herd arrived at the village at night, crushing a young man who was tending his fields, leaving people terrified.
कोरबा : करतला रेंज में मानव और हाथी के बीच द्वंद्व लगातार जारी है. ग्राम पंचायत बोतली में एक युवक की हाथी के हमले में मृत्यु हो गई है. वह अपने खेत में लगी फसल की रखवाली के लिए जा रहा था. तभी आमाबाड़ी के समीप एक दंतैल हाथी अचानक उसके सामने आ गया. युवक ने बचने का प्रयास किया लेकिन हाथी ने उसे अपने पैरों तले कुचल दिया. हाथी के हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई.
हाथी ने ली किसान की जान: ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बोतली के गांव का शिव नारायण कंवर, उम्र 36 साल, रात के लगभग 1 बजे खेत की ओर जा रहा था. रास्ते में उसका सामना दंतैल हाथी से हो गया. अचानक हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मृत्यु हो गई. घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों ने वन विभाग को अवगत कराया. इसके बाद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी घटना स्थल पर पहुंचे. वन विभाग ने पंचनामे की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय में भिजवाया.
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मृतक के परिवार को तत्कालिक सहायता के रुप में 25 हजार रुपए दे दिए गए हैं. विभागीय प्रावधानों के मुताबिक वन्यप्राणी के हमले में जनहानि होने पर 6 लाख रुपए मुआवजा मृतक के परिजनों को प्रदान किया जाता है. तात्कालिक सहायता राशि के तौर पर 25000 रुपए तुरंत प्रदान किया जाता है. औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शेष 5 लाख 75 हजार रुपए भी जल्द ही परिजनों को दिए जाएंगे. रामपुर विधायक फूलसिंग राठिया ने बताया कि वह पहले से ही इस तरह की घटनाओं में मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग कर चुके हैं.
करतला रेंज में पिछले सप्ताह से 39 हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है. यह दल गांव पीडिया और आसपास के क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहा था. एक दिन पहले यह दल आगे बढ़कर बोतली के जंगल की ओर चला गया. इसी दौरान दल से अलग हुआ एक हाथी ग्राम के पास पहुंचा और यह हादसा किसान के साथ हो गया.
हाथी प्रभावित प्रमुख जिले हैं सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बालोद. इन जिलों में इंसान और हाथियों के बीच संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं. हाथी प्रभावित इलाकों में हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाना और घरों को तोड़ना आम बात है.
जिस हाथी ने हमला किया है, उसके लोनर हाथी होने की संभावना है, जो हाथियों के दल से अलग हो चुका है. करतला रेंज में एक माह के भीतर हाथी के हमले से यह दूसरी मौत है. इससे पहले रामपुर सर्किल में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की भी हाथी के हमले में मौत हो चुकी है.
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