बीजेपी पार्षद के मर्डर की सुपारी के आरोपी मंडल अध्यक्ष राजू सोनकर पर एक्शन, BJP ने किया पद मुक्त, संगठन में मचा राजनीतिक भूचाल

Action taken against Mandal President Raju Sonkar, accused of contract killing a BJP councilor; BJP relieves him of his post, causing political upheaval within the organization

बीजेपी पार्षद के मर्डर की सुपारी के आरोपी मंडल अध्यक्ष राजू सोनकर पर एक्शन, BJP ने किया पद मुक्त, संगठन में मचा राजनीतिक भूचाल

बिलासपुर : बिलासपुर शहर की सियासत में उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब सराफा कारोबारी से लूटकांड और भाजपा पार्षद व व्यवसायी बंधु मौर्य की हत्या की पूर्व नियोजित साजिश में नाम सामने आने के बाद पार्टी ने अपने ही पदाधिकारी पर कड़ी कार्रवाई कर दी. बेलतरा पूर्वी मंडल में अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष रहे राजू सोनकर को भाजपा ने तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है.
यह मामला कथित “सुपारी किलिंग” से जुड़ा बताया जा रहा है. जिसने न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है. जैसे ही राजू सोनकर का नाम इस गंभीर अपराध में सामने आया. पार्टी संगठन हरकत में आ गया.
मंडल स्तर से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची खबर
भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन कश्यप की पुष्टि के बाद ग्रामीण जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने संगठनात्मक अनुशासन का हवाला देते हुए राजू सोनकर को पदच्युत कर दायित्व मुक्त करने की औपचारिक घोषणा की.
जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और यहां अपराध या अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है. हालिया गंभीर अपराध में अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष के नाम की संलिप्तता सामने आने पर पार्टी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
कार्रवाई की विधिवत सूचना प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और महामंत्री संगठन पवन साय सहित संगठन के दायित्ववान उच्च पदाधिकारियों को भेज दी गई है.
विकास कुर्रे को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
राजू सोनकर की पदमुक्ति के साथ ही पार्टी ने संगठनात्मक रिक्ति को भरते हुए विकास कुर्रे को पूर्वी मंडल में अनुसूचित जाति मोर्चा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. संगठन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी संरचना में निरंतरता बनी रहे और विवाद का असर जमीनी स्तर पर न पड़े.
हालांकि राजनीतिक हलकों में अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या पार्टी के भीतर अन्य दागदार या आपराधिक छवि वाले पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की भी व्यापक समीक्षा की जाएगी? क्या यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित रहेगी या संगठन स्तर पर व्यापक छानबीन की शुरुआत मानी जाएगी?
शहर की राजनीति में बढ़ी हलचल
बंधु मौर्य हत्याकांड और सराफा कारोबारी लूटकांड पहले ही शहर में चर्चा का केंद्र बने हुए थे. ऐसे में एक सक्रिय पदाधिकारी का नाम सामने आना राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर रहा है. विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर हमलावर रुख अपना सकते हैं. जबकि भाजपा संगठनात्मक अनुशासन को अपनी प्राथमिकता बता रही है. सुपारी किलिंग के साये में हुई यह कार्रवाई बिलासपुर की सियासत में लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रह सकती है.
गौरतलब है कि जिले के एसएसपी रजनेश सिंह की अपराधों पर एंड टू एंड कार्यवाही करने की कार्यशैली के कारण ही महज कुछ घंटे में कानून के हत्थे चढ़े कुख्यात गिरोह से पूछताछ के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए थे. और बीजेपी पार्षद की हत्या सहित कई मामले में आरोपियों की संलिप्तता  उजागर हुई थी. इधर महालक्ष्मी ज्वेलर्स लूट कांड को लेकर पुलिस की जांच लगातार जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है. इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
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