ड्यूटी के दौरान अपर कलेक्टर पर मारपीट-मोबाइल तोड़ने और दफन करने की धमकी का आरोप, FIR नहीं हुई तो थाने में डटे कर्मचारी, चक्काजाम की चेतावनी
Additional Collector accused of assault, smashing a mobile phone, and threatening to bury a staff member while on duty; employees staged a sit-in at the police station after no FIR was registered and warned of a road blockade.
सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर में लाइफलाइन एक्सप्रेस के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के दौरान विवाद का मामला सामने आया है. नगर पंचायत कर्मचारियों ने अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर मारपीट, धमकी और मोबाइल तोड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. कर्मचारियों का दावा है कि शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई, जिसके बाद वे थाने में ही डट गए, अब कर्मचारियों ने कार्रवाई नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी दी है,
मिली जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत कर्मचारियों का आरोप है कि लाइफलाइन एक्सप्रेस के आयोजन को लेकर सड़क और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का काम कराया जा रहा था. इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मामला बढ़ गया.
कर्मचारियों ने लगाए गंभीर आरोप
नगर पंचायत कर्मचारियों के मुताबिक वे आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में लगे हुए थे. इसी दौरान अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई. आरोप है कि विवाद के बाद कर्मचारियों के साथ हाथ-पैर से मारपीट की गई. कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पत्थर उठाकर हमला करने का प्रयास किया गया. इसके अलावा कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. आरोप लगाया गया कि उन्हें गड्ढा खोदकर दफनाने और जेसीबी चलाने जैसी धमकियां भी दी गईं.
मोबाइल तोड़ने का भी आरोप
शिकायत में नगर पंचायत कर्मचारियों ने एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ने का भी आरोप लगाया है. घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है. कर्मचारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि सरकारी कार्य के दौरान इस तरह का व्यवहार कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करता है.
लाइफलाइन एक्सप्रेस स्थल पर हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि पूरा मामला बिश्रामपुर स्थित लाइफलाइन एक्सप्रेस आयोजन स्थल का है. लाइफलाइन एक्सप्रेस के लिए सड़क, साफ-सफाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का काम नगर पंचायत कर्मचारियों द्वारा कराया जा रहा था. आयोजन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही थीं. इसी दौरान विवाद होने की बात सामने आई है.
शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं!
कर्मचारियों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई. इसके बाद कर्मचारी संगठन के लोग विश्रामपुर थाने पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया. थाने में कर्मचारियों की भीड़ जुटने के बाद अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे. लेकिन कर्मचारी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे. कर्मचारी संगठन का प्रदर्शन जारी रहा.
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा पर पहले भी मारपीट के आरोप लग चुके हैं. हालांकि मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है.
प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया
इस मामले में अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा या जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति साफ हो पाएगी. फिलहाल नगर पंचायत कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है. घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है. वहीं कर्मचारी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
फिलहाल लाइफलाइन एक्सप्रेस के लिए सड़क तैयार कराने का काम पीछे छूट गया है और सामने है एक बड़ा सवाल- कर्मचारियों के लगाए आरोपों पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है?
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