अमित शाह ने रायपुर में राज्य में सहकारिता के विस्तार से संबंधित ली समीक्षा बैठक, सभी जिलों में ‘पैक्स‘ का किया शुभारंभ, विकास कार्याे का भी किया लोकार्पण

Amit Shah held a review meeting in Raipur related to the expansion of cooperatives in the state inaugurated PACKS in all the districts also inaugurated development works

अमित शाह ने रायपुर में राज्य में सहकारिता के विस्तार से संबंधित ली समीक्षा बैठक, सभी जिलों में ‘पैक्स‘ का किया शुभारंभ, विकास कार्याे का भी किया लोकार्पण

रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में राज्य में सहकारिता के विस्तार से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के सभी 33 ज़िलों में पानी समिति के रुप में प्राथमिक कृषि साख समिति  का शुभारंभ भी किया.
इस मौके पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल, छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव, सहकारिता मंत्री केदार कश्यप और केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी भी मौजूद थे. गृह एवं सहकारिता मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ‘पीपल फॉर पीपुल‘ कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण और छत्तीसगढ़ सरकार के कई विकास कार्याे का लोकार्पण भी किया.
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि देश की हर पंचायत में एक सहकारी समिति का गठन किया जाएगा. छत्तीसगढ़ सरकार को संपूर्ण जनजातीय विकास के लिए एक नई पब्लिक डेयरी योजना बनानी चाहिए. जो पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी संस्था का काम करेगी.
इथेनॉल उत्पादन के लिए एनसीसीएफ, नेफेड और राज्य के बीच अनुबंध होना चाहिए जिससे किसानों को मक्के की खेती के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके. मक्के की खेती में लागत भी कम है और केन्द्र सरकार द्वारा किसानों का सारा मक्का अच्छे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है. किसानों के कृषि उत्पाद की बिक्री के लिए ‘पैक्स‘  द्वारा नेफेड और एनसीसीएफ  पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीकरण होना चाहिए.
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सभी 2058 ‘पैक्स‘ ने मॉडल बाय-लॉज़ को अपना लिया है. राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस का उपयोग छत्तीसगढ़ में ड्राई एरिया ढूंढने के लिए करना चाहिए. जिससे सहकारिता के विस्तार में मदद मिलेगी. कम्प्यूटराइज़ेशन होने के साथ ही हर ‘पैक्स‘ को सीएससी बना देना चाहिए. जिससे ‘पैक्स‘ द्वारा कई गतिविधियों का लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंच सके.
हर मंडी के हर व्यापारी, ‘पैक्स‘ और सहकारी संस्था का खाता ज़िला सहकारी बैंक में खोलना जरुरी है. छत्तीसगढ़ में 4 सहकारी चीनी मिलें हैं. जिनमें से सिर्फ एक मिल में इथेनॉल उत्पादन प्लांट है. बाकी 3 सहकारी चीनी मिलों में 6 महीने के अंदर मल्टी-फीड (Multi-Feed) इथेनॉल उत्पादन प्लांट लगाए जाएं. जिससे मक्का, गन्ना आदि से इथेनॉल उत्पादन किया जा सके. इसमें केन्द्र सरकार मदद करेगी. छत्तीसगढ़ में मक्के और दलहन की खेती को बढ़ावा देने की ज़रुरत है और इसके लिए राज्य के कृषि विभाग को पहल करनी चाहिए.

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