दीपावली की रात घर के बाहर पटाखे फोड़ने से मना करने पर की बेरहमी से बुजुर्ग को उतारा मौत के घाट, दो आरोपी संजय और शुभम गिरफ्तार
An elderly man was brutally murdered on Diwali night for refusing to burst firecrackers outside his house; two accused, Sanjay and Shubham, were arrested.
दुर्ग: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां दो युवकों ने घर के बाहर पटाखा फोड़ने से मना कर रहे बुजुर्ग की कटर मारकर हत्या कर दी। शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरु कर दी है.यह मामला छावनी थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक बैरागी मोहल्ला पावर हाउस क्षेत्र में रात करीब 10:30 बजे महिला ने युवकों को पटाखा फोड़ने से रोका. तो उन युवकों ने गाली-गलौज करते हुए महिला के ससुर गणेश बैरागी का ध्यान आकर्षित किया. गणेश बैरागी ने जब बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन पर धारदार कटर से हमला कर दिया.
प्रार्थी की बेटी ने पुलिस को बताया कि उनके पिता गणेश बैरागी परिवार के साथ घर में थे और खाना खा रहे थे. तभी मोहल्ले के संजय और शुभम नाम के युवकों ने उनकी भाभी सोनू बैरागी के साथ झगड़ा करना शुरु कर दिया. दोनों आरोपियों ने भाभी को जान से मारने की धमकी दी और हाथ में कटर लेकर उनके पीछे दौड़ पड़े. सोनू बैरागी किसी तरह घर के अंदर भाग गई. लेकिन दोनों युवक उसके पीछे-पीछे घर में घुस गए. गणेश बैरागी ने जब महिला को बचाने की कोशिश की. तब संजय ने कटर से उनके सीने और पेट पर ताबड़तोड़ वार कर दिया. शुभम ने गणेश का हाथ पकड़ रखा था. ताकि वह बच न सकें.
गणेश बैरागी गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही गिर पड़े. परिवार के अन्य सदस्यों ने आनन-फानन में उन्हें सुपेला अस्पताल पहुंचाया. लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रात में ही संजय और शुभम को गिरफ्तार कर लिया.
घटना के चश्मदीदों में मृतक की पत्नी कांति बैरागी, बुआ कमला बैरागी, और उनकी बेटियां लक्ष्मी, लक्खी, ज्योति और नंदा शामिल हैं. इन सभी ने पुलिस को बयान दिए हैं कि यह पूरी घटना उनके सामने हुई और दोनों आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया. इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.
इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. मोहल्ले के लोग इस घटना को लेकर बेहद चिंतित हैं और उन्होंने मांग किया कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में अराजकता को बढ़ावा देती हैं और सुरक्षा को खतरे में डालती हैं.
भिलाई में इस तरह की हिंसा और आपसी विवादों के बढ़ते मामलों ने प्रशासन और पुलिस के लिए एक चुनौती पेश की है. लोगों ने पुलिस से अपेक्षा की है कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं.
इस घटना ने न सिर्फ गणेश बैरागी के परिवार को प्रभावित किया है. बल्कि पूरे मोहल्ले के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या दिवाली जैसे त्योहार पर भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं? पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय प्रशासन की भूमिका इस मामले में अहम होगी.
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