पानी का दबाव बढ़ते ही टूटी लाखौली मुख्य नहर, खेतों में भरा पानी, मचा हड़कंप, जल संसाधन विभाग पर लगा लापरवाही का आरोप

As the water pressure increased, the Lakhauli main canal broke, fields filled with water, causing panic, the Water Resources Department was accused of negligence

पानी का दबाव बढ़ते ही टूटी लाखौली मुख्य नहर, खेतों में भरा पानी, मचा हड़कंप, जल संसाधन विभाग पर लगा लापरवाही का आरोप

रायपुर/आरंग : जीवन रेखा मानी जाने वाली महानदी मुख्य नहर आरंग के पास टूटने की खबर है. बहाव तेज होने की वजह से नहर की दरार लगातार बढ़ती जा रही है. रीवा कुकरा गांव के बीच नहर 15 से 20 फिट गैप से पानी निकल रहा है. आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच कर बबूल, छिन के पेड़ से बहाव को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. मिट्टी से भरने जेसीबी भी लेकर पहुंचे. नहर के रखरखाव को लेकर जल संसाधन विभाग पर बड़ी लापरवाही के आरोप लगने लगे हैं.  ये पूरा मामला आरंग थाना क्षेत्र का है.
राजधानी रायपुर के आरंग विधानसभा क्षेत्र के लखौली मुख्य नहर में लबालब भरे पानी के बीच ग्राम कुकरा के पास नहर के फुट जाने की वजह से नहर का पूरा पानी खेतो में भर गया है. इस घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है.
वहीं घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य वतन चंद्राकर ने नहर फूटने की जानकारी रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह, ज़िला सीईओ विश्वरंजन व एसडीएम अभिलाषा पैकरा और  एसडीओ प्रमोद पाल को फोन के जरिए दी. अधिकारियों ने जल्द से जल्द क़ाबू में लाने की बात कही.
आरंग SDM अभिलाषा पैकरा ने बताया कि गंगाधर खार में ग्राम कुकरा के प्रथम गेट के पास नहर फूटने की खबर मिली है. एरिगेशन विभाग के अमला को तत्काल पहुचने के निर्देश दिए गए. ताकि जल्द से जल्द हालात को क़ाबू में लाया जा सके. अचानक पानी आने से जहाँ फसल खराब होने की आशंका व्यक्त की जा रही है. वही गाँवों में पानी घुस जाने से जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है. खबर है कि अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए है.
छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 955.4 मि.मी. औसत बरसात रिकार्ड की गई. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1330.0 मि.मी. और बेमेतरा जिले में न्यूनतम 465.9 मि.मी. बरसात दर्ज की गई.
रायपुर संभाग में रायपुर में 812.1 मि.मी., बलौदाबाजार में 703.2 मि.मी., गरियाबंद में 788.2 मि.मी., महासमुंद में 696.3 मि.मी. और धमतरी में 855.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर में 988.5 मि.मी., मुंगेली में 966.5 मि.मी., रायगढ़ में 1180.0 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 812.7 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1156.3 मि.मी., सक्ती में 1051.8 मि.मी., कोरबा में 1003.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 908.4 मि.मी. बरसात दर्ज हुई.
दुर्ग संभाग में दुर्ग में 742.9 मि.मी., कबीरधाम में 679.8 मि.मी., राजनांदगांव में 831.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1174.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 690.0 मि.मी. और बालोद में 1016.5 मि.मी. बरसात रिकार्ड की गई है.
सरगुजा संभाग में सरगुजा में 680.1 मि.मी., सूरजपुर में 1006.0 मि.मी., जशपुर में 930.2 मि.मी., कोरिया में 1059.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 956.0 मि.मी. औसत बरसात दर्ज हुई है.
बस्तर संभाग में बस्तर में 1324.9 मि.मी., कोंडागांव में 881.7 मि.मी., कांकेर में 1085.9 मि.मी., नारायणपुर में 1151.4 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1287.6 मि.मी., सुकमा में 1021.8 मि.मी. और बीजापुर में 1289.7 मि.मी. बरसात रिकार्ड की गई है.
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