हाथियों के डर से जान बचाने छतों पर रह रहे लोग, विधायक से ग्रामीणों बोले- सिर्फ मुर्गा-मटन खाने आता है वन अमला, बगैर मेहनताना के काम कर रहे हाथी मित्र

People are living on roofs to save their lives from the fear of elephants villagers told the MLA that the forest staff comes only to eat chicken and mutton elephant friends are working without wages

हाथियों के डर से जान बचाने छतों पर रह रहे लोग, विधायक से ग्रामीणों बोले- सिर्फ मुर्गा-मटन खाने आता है वन अमला, बगैर मेहनताना के काम कर रहे हाथी मित्र

गरियाबंद : गरियाबंद जिले में मैनपुर परिक्षेत्र के सिहार, छिंदौला, लुठापारा, लेडी बहारा समेत आसपास के दर्जन भर गांव में पिछ्ले 15 दिनों से हाथियों का आतंक है. इन गांव में हाथियों का दल किसानों के फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. कई लोगों के मकान भी तोड़ डाले हैं और वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है. प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याएं नहीं सुनी तो पंचायत प्रतिनिधि घनश्याम नागेश, दुलेश्वरी नागेश, डिगेश्वरी समेत कई ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक जनक ध्रुव के पैरी सदन निवास पहुंच कर आपबीती बताई.
ग्रामीणों ने बताया कि पखवाड़ेभर से बाल बच्चे के साथ वे पक्के मकान के छतों में दोपहर 3 बजे के बाद जान बचाने चढ़ जाते हैं. बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं. किसानी काम ठप पड़ा है. विभाग के अफसर सिर्फ आना-जाना कर खाना पूर्ति कर रहे हैं. ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद आज विधायक ध्रुव पहुंचविहीन इलाके के लिए बाइक से निकले. 20 किमी से भी ज्यादा के इस सफर में विधायक को नदी-नाला पार करना पड़ा. उनके साथ स्थानीय नेता भी मौजूद थे.
खबर के बाद विधायक सुबह से प्रभावित गांव पहुंचकर बर्बाद फसल, मकान को देखा. छत पर चढ़कर समझने की कोशिश की. ताकि जान सकें कि आखिर जान बचाने किस तरह घंटों ग्रामीण यहां गुजारा कर रहे हैं. विधायक से छिंदौला के हाथी मित्र दल भी मिले. अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्हें बगैर श्रमिक के भुगतान किए विभाग पिछले 9 महीने से जोखिम भरा काम में लगा रखा है.
सभी की समस्या सुनने के बाद विधायक ने ग्रामीणों को स्थाई समाधान का भरोसा दिलाया है. सायरन, टार्च, मशाल और आवश्यक मुआवजा की मांग को लेकर जल्द ही वन मंत्री से भेंट करने की बात विधायक ने कही है.
खबर के बावजूद रेंजर छबिलाल ध्रुव वन अमले के साथ विधायक की मौजूदगी वाले गांव पहुंचे. ग्रामीणों का दर्द सुन चुके विधायक ने सुरक्षा के उपाय और बर्बाद हो चुके धान-मक्का के फसल के मुआवजा की जानकारी ली. अफसर ग्रामीणों के सामने नियमित आने की बात कहते दिखे तो भड़के ग्रामीणों ने विभाग की दलील को झूठा बताया. यह भी कह दिया कि ये लोग केवल मुर्गा मटन खाकर मजा उड़ाने आते हैं. हमारी तकलीफ से उन्हें कोई वास्ता नहीं रहता.
इस मामले में बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव ने कहा कि खबर मिलने पर आज मैं पहुंचविहीन और हाथी प्रभावित इलाका बाइक से पहुंचा. हालात बेहद दयनीय है. ताजुब की बात है कि हाथी प्रभावित इलाके के लिए पैकेज के बावजूद ग्रामीणों को वन विभाग राहत दिलाने में नाकाम साबित हो रहा है. मेरे क्षेत्र के ग्रामीणों के दर्द से रुबरु हुआ हूं. जिसे राजधानी पहुंचकर वन मंत्री केदार कश्यप को बताऊंगा. जल्द ही प्रभावित इलाके में राहत की मांग पूरी करने सरकार के सामने मांग रखूंगा.
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