अब नयी सहिबो - काटा मार के रहिबो नरदहा (आरंग) धान खरीदी केंद्र में किसानों के साथ धोखा किया जा रहा -इंजी योगेश्वर चन्द्राकर, लगाया गंभीर आरोप
Now new Sahibo live by cutting and killing farmers are being cheated in Naradha Arang paddy procurement center Engineer Yogeshwar Chandrakar made serious allegations
कवर्धा/ कुंडा /पंडरिया : स्थानीय युवा नेता कांग्रेस इंज़ी योगेश्वर चन्द्राकर ने प्रेस विज्ञप्ति में बीजेपी के ऊपर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है. छत्तीसगढ़ बीजेपी धान खरीदी में वैसे भी किसानो की धान देरी से खरीदने के बाद नए-नए नियम ला रही है.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ बीजेपी बड़े बाजे गाजे के साथ 14 नवंबर 2024 से धान खरीदने की शुरुवात की. जिस छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने अपने घोषण पत्र के मुताबिक किसानो से उनकी उत्पादन की धान को प्रति इकड़ 21 क्विंटल और 3100 प्रति क्विंटल के दर के साथ एक मुश्त किसानो के खाते में राशि अंतरण करने की बात कही थी. मैदानी स्थिति में इसके खिलाफ नजर आ रही है. राज्य के किसानो के साथ वादा कर बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में सरकार बनाई वो किसान आज अपनी हालत पर रोने को मजबूर और बेबस नज़र आ रहा है.
आगे युवा नेता कांग्रेस इंज़ी योगेश्वर चन्द्राकर ने अपने वक्तव्य में कहा कि रायपुर के आरंग विकासखंड के नरदहा में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित नरदहा में किसानो से धान खरीदी किया जा रहा है. जहां धान खरीदी की दर 2300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानो को भुगतान किया जा रहा है. राज्य की बीजेपी सरकार लगातार झूट बोलती आ रही है कि हम किसानो को एक मुश्त राशि 3100 के दर से दे रहे हैं.
आगे युवा नेता कांग्रेस इंज़ी योगेश्वर चन्द्राकर ने कहा कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी मर्यादित के KMS2023-24 नरदहा के बुक क्रमांक 4689 और पर्ची नम्बर 937664 तारिख 21 नवंबर 24 में साफ-साफ आप देख सकते है कि संबंधित किसान भाई से 108 बोरा धान यानी 43.2 क्विंटल धान खरीदी किया गया. जिसकी भुगतान राशि 99360 रुपए है. अगर आप 43.2 क्विंटल धान को 2300 से गुणा करेंगे तो राशि 99360 रुपए आयेंगे. अगर इसी धान 43.20 क्विंटल को 3100 रुपए से गुणा करे तो 133920 रुपए होते हैं.
प्राथमिक कृषि साख सहकारी मर्यादित नरदहा के पर्ची को देखेंगे तो कुल रकम 99360 रुपए है तो बीजेपी सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानो को एकदम क्या समझ रहे हैं? बताना थोड़ा मुश्किल लग रहा है. किसानो के साथ बीजेपी लगातार धोखा कर रही है.
इंज़ी योगेश्वर चन्द्राकर ने कहा की किसानो की नाराज़गी जायज और वाजिब है. किसान अपने हक मांग रहे हैं ना कि भीख. सरकार को अपने किए वायदे को पूरा करना चाहिए. कांग्रेस पार्टी इसके खिलाफ लगातार आवाज उठाते आई है और किसानो के पक्ष में कंधे से कंधे मिलाकर खड़ी है. छत्तीसगढ़ बीजेपी को इसका जबाव किसानो को देना होगा और माफी मांगनी पड़ेगी कि अपने किए वायदे को पूरा नहीं कर पा रही है.
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गरियाबंद/देवभोग : गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक अंतर्गत आने वाले धान उपार्जन केन्द्र खोकसरा के किसान पानी के लिए तरस रहे हैं. हैंडपंप की व्यव्स्था नहीं होने की वजह से जल संकट छाया हुआ है.
धान उपार्जन केन्द्र में किसानों ने बताया कि जि़म्मेदार अधिकारियों को हैंडपंप की व्यवस्था कराने के लिए कई बार लिखित रुप से अवगत कराया जा चुका है. उसके बावजूद किसी तरह का निराकरण नहीं हुआ है. जैसे कि आप जानते है “छत्तीसगढ़ राज्य सरकार वर्तमान में शराबियों के लिए शराब दुकान के समीप चखना सेंटर की व्यवस्था करती है. लेकिन धान उपार्जन केंद्र में हज़ारों किसान के लिए पानी की व्यवस्था नहीं करा पा रही है.
मंडी के पास एक सोलर पैनल लगाया गया है जो कि पिछले एक साल से खराब पड़ा हुआ है. पानी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से कर्मचारी सहित किसान पानी के लिए काफ़ी ज्यादा परेशान हैं. हालांकि उपार्जन समिति के द्वारा एक किलोमीटर दूरी तय कर गांव से ड्रम व हांडी जैसे पात्र में पानी की व्यवस्था की जा रही है. लेकिन मंडी में हैंडपंप नहीं होने की वजह से किसानों सहित उपार्जन केन्द्र के कर्मचारी परेशान हैं.
समाज सेवक आकाश प्रधान ने सोशल मीडिया पर शासन-प्रशासन से निवेदन करते हुए कहा कि “धान उपार्जन केंद्र खोकसरा में तत्काल प्रभाव के साथ हैंडपंप खनन की जाए. जिससे किसानों और कार्यरत कर्मचारियों को जल संकट से छुटकारा मिल सके.
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