ग्रेजुएशन में प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे MBBS स्टूडेंट्स, छग में सेवा-नौकरी पर भी रोक, कॉलेज में जमा करना होगा एफिडेविट, प्रिंसिपल करेंगे मॉनिटरिंग

MBBS students will not be able to do private practice after graduation ban on service job in Chhattisgarh affidavit will have to be submitted in the college principal will monitor

ग्रेजुएशन में प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे MBBS स्टूडेंट्स, छग में सेवा-नौकरी पर भी रोक, कॉलेज में जमा करना होगा एफिडेविट, प्रिंसिपल करेंगे मॉनिटरिंग

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रेजुएशन के दौरान एमबीबीएस (MBBS) स्टूडेंट्स की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है. जिसके तहत अब सरकारी मेडिकल कॉलेज और डेंटल कॉलेज में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे. इसे लेकर राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है.
MBBS के स्टूडेंट नौकरी भी नहीं कर सकेंगे.
चिकित्सा शिक्षा विभाग के मुताबिक कोर्स ड्यूरेशन के दौरान छात्र ना तो प्राइवेट प्रैक्टिस करेंगे ना ही कहीं सेवा (किसी समाज या NGO संस्थान के लिए किया जाने वाला काम) या नौकरी कर सकेंगे.
स्टूडेंट्स को देना होगा शपथ पत्र
इस संबंध में सभी स्टूडेंट्स से इस एक शपथ पत्र कॉलेज को देने के निर्देश दिए गए हैं. जिसमें स्टूडेंट्स को इस बात का आश्वासन देगा कि वे अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की अनधिकृत निजी प्रैक्टिस, सेवा और नौकरी नहीं करेंगे.
प्रिंसिपल को मॉनिटरिंग का जिम्मा
सरकार के जारी निर्देश में इस आदेश का पालन करवाने का जिम्मा संबंधित कॉलेज के प्रिंसिपल को दिया गया है. मेडिकल कॉलेज के डीन और प्रिंसिपल डेंटल कॉलेज को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स इस नियम का कड़ाई से पालन करें.
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